फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   jaavitree maamale mein baikaphut par aaee pulis

जावित्री मामले में बैकफुट पर आई पुलिस

Sun, 20 Sep 2020 12:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2020 12:00 AM IST
विज्ञापन
jaavitree maamale mein baikaphut par aaee pulis
उरई/ कालपी। जावित्री मामले में पुलिस बैकफुट पर आ गई है। उसे अलीगढ़ छोड़ने के बाद चुप्पी साध ली है। जिले में लाकर दो दिन पुलिस ने उससे क्या हासिल किया, इसका जवाब किसी अधिकारी के पास नहीं है। पुलिस उसे लेकर कालपी, आटा और महिला थाने के दो दिन चक्कर काटती रही थी। वहीं सीओ आरपी सिंह का कहना है कि सीबीसीआईडी नहीं आ सकी, इससे उसे वापस भेजना पड़ा।
विज्ञापन

करीब 12 साल पहले कालपी की जावित्री के अपहरण के मामले में 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच सीबीसीआईडी को मिली थी। अपहरण मामले के एक साल बाद घाटमपुर में मिले एक शव की शिनाख्त रज्जो ने बेटी जावित्री के रूप में की थी। इस 15 सितंबर को जावित्री के जनपद में जीवित पहुंचने से सनसनी मच गई। कालपी पुलिस को जावित्री के जीवित होने की सूचना कहां से मिली, इस बाबत कोई भी अधिकारी स्पष्ट नहीं बता पा रहा है। जावित्री को पहले कालपी थाना, फिर आटा और महिला थाने में रखा गया। बयान नहीं कराए गए। बाद में जावित्री को अलीगढ़ भेज दिया गया। अब कालपी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। एसपी यशवीर सिंह का कहना है कि मामला सीबीसीआईडी के सुपुर्द था। आगे की जांच भी उन्हीं को करनी है। तय समय पर किसी जांच अधिकारी के न आने से जावित्री को वापस भेजा गया है।
विज्ञापन

जावित्री ने मां के व्यवहार पर जताया अफसोस
रज्जो के पहचानने से इनकार करने से जावित्री खासी दुखी है। उसे छोड़कर लौटी कालपी पुलिस के कर्मियों का कहना है कि रास्ते में जावित्री ने कहा था कि उसे लगा मां उसे वापस पाकर खुश होंगी। उन्होंने पहचानने से ही इनकार कर दिया। अब वह कोर्ट में हकीकत बयां करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कालपी पुलिस से अधिकारी नाराज
जावित्री मामले में उसे अलीगढ़ से कालपी लाने में जल्दबाजी से अधिकारी नाराज हैं। सूत्रों के अनुसार अधिकारियों के मुताबिक सीबीसीआईडी को सूचना देकर ही जावित्री को अलीगढ़ से लाना था। ऐसा किया गया होता तो अब तक 164 के बयान होने की संभावना बन सकती थी।
एफआईआर से भी सामने आएगी सच्चाई
जावित्री का कहना है कि वह दिल्ली के एक धार्मिक समारोह से लापता हुई थी। वहीं मां रज्जो का दावा है कि बेटी हैंडपंप से पानी भरते वक्त अगवा हुई थी। सीबीसीआईडी के आने पर सबसे पहले 12 साल पहले दर्ज एफआईआर को देखा जाएगा। इससे कि पता लग सके कि जावित्री कहां से और कैसे लापता हुई थी।

जावित्री जिंदा तो किसका मिला था शव
12 साल बाद जावित्री के जीवित होने की चर्चा के साथ एक और अहम सवाल खड़ा हो गया है। अगर अलीगढ़ वाली महिला जावित्री है तो शव किसका मिला था। सीबीसीआईडी के आने पर जांच में यह बिंदु भी महत्वपूर्ण होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed