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पर्यावरण संरक्षण पर रेलवे को मिला आईएसओ प्रमाणपत्र
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स्टेशन अधीक्षक को प्रमाण पत्र देते लीड ऑडिटर प्रदीप सिंह
- फोटो : ORAI
उरई। पर्यावरण संरक्षण सिस्टम बेहतर ढंग से लागू करने पर उरई रेलवे स्टेशन को शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय मानक संगठन (आईएसओ) 14001-2015 (ईएमएस) का प्रमाणपत्र दिया गया। यह प्रमाणपत्र संगठन के प्रतिनिधि प्रदीप सिंह ने स्टेशन अधीक्षक एपी वर्मा को सौंपा।
आईएसओ संस्था से जुड़े क्यूआरओ के लीड आडीटर प्रदीप सिंह ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के लिए रेलवे ने अभियान चलाया था। इसमें झांसी मंडल के उरई समेत पांच स्टेशनों को अभियान में सफलता मिली है। अभियान के अंतर्गत प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए स्टेशन पर बोतल क्रसिंग मशीन लगाई गई। इसके अलावा पौधरोपण व एलईडी बल्ब भी लगाए गए। इतना ही नहीं प्लेटफार्मों व ट्रैक पर कर्मियों के साथ साथ मशीनों से साफ सफाई ने स्टेशन प्रबंधन को आईएसओ प्रमाणपत्र तक पहुंचाया। लीड आडिटर ने बताया कि एक साल बाद फिर सर्वे होगा।
उसमें पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाए गए कार्यों की समीक्षा होगी। यदि कमी मिलती है तो रेलवे प्रशासन को सुधार के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। यदि इसमें कमियां दुरुस्त नहीं की जाती है तो यह प्रमाणपत्र वापस भी लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा संरक्षण, सेफ्टी आडिट, जल संरक्षण का भी आडिट होगा। कमियां मिलने पर उन्हें ठीक कराने को भी कहा जाएगा। इस दौरान सीसीआई अनूप सक्सेना, सीबीपीएस एसके सोनकर, सतेंद्र बंसल, अभिषेक सिंह, नवीन, आशीष, सुनील भदौरिया आदि रहे। उन्होंने लीड आडीटर को भरोसा दिया कि ऊर्जा, जल और सेफ्टी आडिट में भी रेलवे प्रशासन काम करेगा और अगले साल इन क्षेत्रों में भी आईएसओ प्रमाणपत्र हासिल करने की कोशिश करेगा। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है।
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आईएसओ संस्था से जुड़े क्यूआरओ के लीड आडीटर प्रदीप सिंह ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के लिए रेलवे ने अभियान चलाया था। इसमें झांसी मंडल के उरई समेत पांच स्टेशनों को अभियान में सफलता मिली है। अभियान के अंतर्गत प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए स्टेशन पर बोतल क्रसिंग मशीन लगाई गई। इसके अलावा पौधरोपण व एलईडी बल्ब भी लगाए गए। इतना ही नहीं प्लेटफार्मों व ट्रैक पर कर्मियों के साथ साथ मशीनों से साफ सफाई ने स्टेशन प्रबंधन को आईएसओ प्रमाणपत्र तक पहुंचाया। लीड आडिटर ने बताया कि एक साल बाद फिर सर्वे होगा।
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उसमें पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाए गए कार्यों की समीक्षा होगी। यदि कमी मिलती है तो रेलवे प्रशासन को सुधार के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। यदि इसमें कमियां दुरुस्त नहीं की जाती है तो यह प्रमाणपत्र वापस भी लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा संरक्षण, सेफ्टी आडिट, जल संरक्षण का भी आडिट होगा। कमियां मिलने पर उन्हें ठीक कराने को भी कहा जाएगा। इस दौरान सीसीआई अनूप सक्सेना, सीबीपीएस एसके सोनकर, सतेंद्र बंसल, अभिषेक सिंह, नवीन, आशीष, सुनील भदौरिया आदि रहे। उन्होंने लीड आडीटर को भरोसा दिया कि ऊर्जा, जल और सेफ्टी आडिट में भी रेलवे प्रशासन काम करेगा और अगले साल इन क्षेत्रों में भी आईएसओ प्रमाणपत्र हासिल करने की कोशिश करेगा। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है।
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