{"_id":"66104355d6b935cc1906254e","slug":"intercity-was-late-for-the-second-day-passengers-created-ruckus-orai-news-c-224-1-ka11004-113077-2024-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: दूसरे दिन भी लेट आई इंटरसिटी, यात्रियों ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: दूसरे दिन भी लेट आई इंटरसिटी, यात्रियों ने किया हंगामा
Sat, 06 Apr 2024 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sat, 06 Apr 2024 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई। झांसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस शुक्रवार को दूसरे दिन भी साढ़े चार घंटे देरी से पहुंची। इस ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। नाराज यात्रियों ने हो हल्ला भी किया।
बता दें कि झांसी लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस को इस मार्ग के यात्रियों की लाइफ लाइन से माना जाता है। जिससे यात्रा करने वाले सैकड़ों यात्री कानपुर लखनऊ जाते हैं। ऐसे में अगर ट्रेन देरी से पहुंचती तो काफी परेशानी होती है। शुक्रवार को ट्रेन अपने निर्धारित समय सुबह 7:46 बजे के स्थान पर दोपहर 12:22 बजे 4 घंटा 36 मिनट देरी से पहुंची।
इस ट्रेन से जिन यात्रियों का कानपुर और लखनऊ का रिजर्वेशन था, वह अपने निर्धारित समय से स्टेशन पहुंच गए लेकिन ट्रेन के काफी देर तक न आने से लोगों को बेचैनी होने लगी। पूछताछ काउंटर पहुंचकर संबंधित कर्मचारी से ट्रेन के बारे में पूछताछ करने लगे। संतोषजनक जवाब न मिलने पर लोगों ने शोर शराबा शुरू कर दिया।
विज्ञापन
इसके बाद में किसी प्रकार कर्मचारियों ने समझा कर लोगों को शांत कराया। कुछ यात्रियों ने अपने फोन से ट्रेन की स्थिति देखकर झांसी-लखनऊ पैसेंजर में बैठकर कानपुर और लखनऊ की यात्रा की।
तुलसीनगर निवासी धर्मेंद्र गुप्ता, संतोष गुप्ता ने बताया कि उनका रिजर्वेशन एसी चेयरकार के कोच नंबर सी वन में सीट नंबर 41 व 42 में था। वहीं, बड़ागांव निवासी दीपांशु का डी 5 कोच की सीट नंबर 101 पर था। उन्हें 11 बजे कानपुर जाकर एक चिकित्सक को दिखाना था, इंटरसिटी लेट होने पर वह लखनऊ पैसेंजर में बैठकर कानपुर तक गए।
यात्रियों का कहना है कि ट्रेन का सही समय न चलना, इससे समय से अपने-अपने गंतव्य तक समय से न पहुंचने से दिक्कतें होती है। रेल प्रशासन को जल्द इसमें सुधार करना चाहिए। झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि लखनऊ की ओर से आने वाली इंटरसिटी देरी से पहुंचने से मेंटीनेंस में समय लग जाता है। यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए इसमें जल्द सुधार किया जाएगा।
विज्ञापन
बता दें कि झांसी लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस को इस मार्ग के यात्रियों की लाइफ लाइन से माना जाता है। जिससे यात्रा करने वाले सैकड़ों यात्री कानपुर लखनऊ जाते हैं। ऐसे में अगर ट्रेन देरी से पहुंचती तो काफी परेशानी होती है। शुक्रवार को ट्रेन अपने निर्धारित समय सुबह 7:46 बजे के स्थान पर दोपहर 12:22 बजे 4 घंटा 36 मिनट देरी से पहुंची।
विज्ञापन
इस ट्रेन से जिन यात्रियों का कानपुर और लखनऊ का रिजर्वेशन था, वह अपने निर्धारित समय से स्टेशन पहुंच गए लेकिन ट्रेन के काफी देर तक न आने से लोगों को बेचैनी होने लगी। पूछताछ काउंटर पहुंचकर संबंधित कर्मचारी से ट्रेन के बारे में पूछताछ करने लगे। संतोषजनक जवाब न मिलने पर लोगों ने शोर शराबा शुरू कर दिया।
विज्ञापन
इसके बाद में किसी प्रकार कर्मचारियों ने समझा कर लोगों को शांत कराया। कुछ यात्रियों ने अपने फोन से ट्रेन की स्थिति देखकर झांसी-लखनऊ पैसेंजर में बैठकर कानपुर और लखनऊ की यात्रा की।
तुलसीनगर निवासी धर्मेंद्र गुप्ता, संतोष गुप्ता ने बताया कि उनका रिजर्वेशन एसी चेयरकार के कोच नंबर सी वन में सीट नंबर 41 व 42 में था। वहीं, बड़ागांव निवासी दीपांशु का डी 5 कोच की सीट नंबर 101 पर था। उन्हें 11 बजे कानपुर जाकर एक चिकित्सक को दिखाना था, इंटरसिटी लेट होने पर वह लखनऊ पैसेंजर में बैठकर कानपुर तक गए।
यात्रियों का कहना है कि ट्रेन का सही समय न चलना, इससे समय से अपने-अपने गंतव्य तक समय से न पहुंचने से दिक्कतें होती है। रेल प्रशासन को जल्द इसमें सुधार करना चाहिए। झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि लखनऊ की ओर से आने वाली इंटरसिटी देरी से पहुंचने से मेंटीनेंस में समय लग जाता है। यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए इसमें जल्द सुधार किया जाएगा।