{"_id":"626595e7eae07b541f03bc76","slug":"ideal-voting-center-village-prize-dm-cm-orai-news-knp693090481","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऐरी रमपुरा के स्कूल को मिलेगा हाईस्कूल तक दर्जा, हेल्थ पोस्ट भी बनेगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऐरी रमपुरा के स्कूल को मिलेगा हाईस्कूल तक दर्जा, हेल्थ पोस्ट भी बनेगी
विज्ञापन
जालौन के डकोर ब्लाक के ऐरी गांव में किशोरियों की जानकारी डीएम प्रियंका निरंजन से लेते सीएम योगी आ
- फोटो : ORAI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुहम्मदाबाद। राष्ट्रीय पंचायती दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम ऐरी रमपुरा के जूनियर हाईस्कूल को हाईस्कूल तक कराने और गांव में एक हेल्प पोस्ट बनवाने की घोषणा की। कहा कि यही हेल्थ पोस्ट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित होगी। वह रविवार को ऐरी रमपुरा ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय बाल मैत्री पुरस्कार मिलने के बाद सुविधाओं को निरीक्षण करने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने गांव से ही प्रदेश की 1100 करोड़ की योजना का लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि इसमें से 33 करोड़ रुपये 16 आउटसोर्सिंग और प्रशिक्षण समूह के लिए खर्च किया गया है। 306 करोड़ की लागत से प्रदेश की ग्राम पंचायतों को रोशन किया जाएगा।
इससे पहले कार्यक्रम में ऐरी रमपुरा के ग्राम प्रधान ओमकार सिंह ने सीएम के सामने मंच से अपने एजेंडे बताए। प्रधान ने अपने पिछले कार्यकाल 2020-21 में किए गए कार्यों की जानकारी दी। कहा कि उन्हें तीन मदों में विकास के लिए 14 लाख रुपये मिले थे। इसके सापेक्ष उन्होंने 13 लाख रुपये गांव के विकास पर खर्च किए। इस धनराशि से मिनी सचिवालय के साथ प्राथमिक विद्यालय की कक्षाएं और मैदान बनवाया गया। गांव के प्रधान ने मुख्यमंत्री से गांव के जूनियर हाईस्कूल को हाईस्कूल तक कराने और गांव में एक अस्पताल खुलवाने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी। बताते चलें कि अभी तक गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर कोई केंद्र नहीं है। गांव के लोग डकोर और मुहम्मदाबाद पीएचसी में इलाज के लिए जाते थे।
कार्यक्रम के मंच पर केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद भानु प्रताप सिंह वर्मा, पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेंद्र सिंह बना, विधायक विनोद चतुर्वेदी, गौरीशंकर वर्मा, मूलचंद निरंजन, पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार, एडीजी कानपुर जोन भानु भास्कर, मंडलायुक्त झांसी अजय शंकर पांडे, डीआईजी झांसी जोगेंद्र सिंह, डीएम प्रियंका निरंजन, एसपी रवि कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
---------
तीन बच्चियों का अन्नप्राशन, महिलाओं की गोद भराई की
मुख्यमंत्री ने मंच पर आने से पहले ऐरी रमपुरा की ग्राम पंचायत भवन का निरीक्षण किया। यहां की गई व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। साथ ही अंशु, अरुंधती और वंशिका का अन्नप्राशन कराया। इसके बाद गांव की ही सरिता, सीमा और जूली की गोदभराई भी कराई।
---------------
सपा विधायक को मिला मंच पर स्थान, चलीं चर्चाएं
मुख्यमंत्री की सभा में कालपी के पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह जादौन और इस बार गठबंधन निषाद पार्टी से लड़े छोटे सिंह को मंच पर जगह नहीं मिल सकी। वहीं कालपी से सपा विधायक विनोद चतुर्वेदी को मंच पर स्थान दिया गया। मुख्यमंत्री के आने से पहले कालपी विधायक और केंद्रीय राज्यमंत्री की वार्ता लोगों में चर्चा का विषय रही।
------------
इन लोगों का किया गया सम्मान
मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी और कुठौंद ब्लाक के कुरेपुरा कनार के प्रधान शिवदास गुप्ता को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सशक्तीकरण सम्मान से सम्मानित किया। इसके साथ ही ऐरी रमपुरा गांव के प्रधान ओमकार पाल को बाल मैत्री राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया।
-----
अव्यवस्थाओं को लेकर होती रही झड़प
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले सभास्थल पूरी तरह भर गया। इस दौरान बाद में आने वाले भाजपा के कुछ नेताओं को बैठने का स्थान नहीं मिल सका। इस पर उनकी पुलिस अधिकारियों से झड़प हो गई। इसके बाद एक भाजपा कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री को संबोधित शिकायती पत्र प्रशासनिक अधिकारियों पर फाड़ने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। अधिकारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तेज झड़प हो गई। वहां पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष रामेंद्र सिंह बना व अन्य अधिकारियों ने उन्हें शांत कराया।
-----------
आंधी में उड़ी होर्डिंग
कार्यक्रम के दौरान अचानक मौसम ने रुख बदला और तेज हवाएं चलनी शुरू हो गईं। इस बीच कई होर्डिंग और बैनर गिर गए। मंच के पीछे ऊपर की तरफ का पर्दा भी फट गया। पुलिसकर्मी और अन्य अधिकारी होर्डिंगों को सही करते दिखे। उधर, कार्यक्रम के समापन के बाद बाहर खड़ी मैजिक गाड़ी से लंच पैकेट का वितरण शुरू कर दिया गया। इससे ग्रामीणों में काफी देर तक होड़ मची रही।
-----------
किशोरी ने बताया आठवीं के बाद नहीं पढ़ सके
मुख्यमंत्री ने पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान दो किशोरियों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कितना पढ़ी हो? गांव की सोनिया ने बताया कि वह आठवीं तक पढ़ी है, क्योंकि गांव में आठवीं तक ही विद्यालय है। आगे पढ़ने के लिए शहर तक जाना पड़ता है। इसके साथ ही उन्होंने प्रीति और लाली से भी बात की।
-----
एक झलक पाने के लिए पेड़ों पर चढ़े
गांव में पहली बार किसी मुख्यमंत्री के आने पर दो दिनों से ग्रामीणों में उत्सुकता थी। कुछ को तो पंडाल में बैठने की जगह मिल गई। कुछ पेड़ों तक पर चढ़कर मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए परेशान रहे। उधर, ऐरी रमपुरा की करीब ढाई किलोमीटर लंबी सिंगल रोड पर भी लोगों को खासी समस्या का सामना करना पड़ा। सभा के बाद बड़ी संख्या में निकले वाहन चालकों ने खेतों तक से अपने वाहन निकाले।
विज्ञापन
इससे पहले कार्यक्रम में ऐरी रमपुरा के ग्राम प्रधान ओमकार सिंह ने सीएम के सामने मंच से अपने एजेंडे बताए। प्रधान ने अपने पिछले कार्यकाल 2020-21 में किए गए कार्यों की जानकारी दी। कहा कि उन्हें तीन मदों में विकास के लिए 14 लाख रुपये मिले थे। इसके सापेक्ष उन्होंने 13 लाख रुपये गांव के विकास पर खर्च किए। इस धनराशि से मिनी सचिवालय के साथ प्राथमिक विद्यालय की कक्षाएं और मैदान बनवाया गया। गांव के प्रधान ने मुख्यमंत्री से गांव के जूनियर हाईस्कूल को हाईस्कूल तक कराने और गांव में एक अस्पताल खुलवाने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी। बताते चलें कि अभी तक गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर कोई केंद्र नहीं है। गांव के लोग डकोर और मुहम्मदाबाद पीएचसी में इलाज के लिए जाते थे।
विज्ञापन
कार्यक्रम के मंच पर केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद भानु प्रताप सिंह वर्मा, पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेंद्र सिंह बना, विधायक विनोद चतुर्वेदी, गौरीशंकर वर्मा, मूलचंद निरंजन, पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार, एडीजी कानपुर जोन भानु भास्कर, मंडलायुक्त झांसी अजय शंकर पांडे, डीआईजी झांसी जोगेंद्र सिंह, डीएम प्रियंका निरंजन, एसपी रवि कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
---------
तीन बच्चियों का अन्नप्राशन, महिलाओं की गोद भराई की
मुख्यमंत्री ने मंच पर आने से पहले ऐरी रमपुरा की ग्राम पंचायत भवन का निरीक्षण किया। यहां की गई व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। साथ ही अंशु, अरुंधती और वंशिका का अन्नप्राशन कराया। इसके बाद गांव की ही सरिता, सीमा और जूली की गोदभराई भी कराई।
---------------
सपा विधायक को मिला मंच पर स्थान, चलीं चर्चाएं
मुख्यमंत्री की सभा में कालपी के पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह जादौन और इस बार गठबंधन निषाद पार्टी से लड़े छोटे सिंह को मंच पर जगह नहीं मिल सकी। वहीं कालपी से सपा विधायक विनोद चतुर्वेदी को मंच पर स्थान दिया गया। मुख्यमंत्री के आने से पहले कालपी विधायक और केंद्रीय राज्यमंत्री की वार्ता लोगों में चर्चा का विषय रही।
------------
इन लोगों का किया गया सम्मान
मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी और कुठौंद ब्लाक के कुरेपुरा कनार के प्रधान शिवदास गुप्ता को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सशक्तीकरण सम्मान से सम्मानित किया। इसके साथ ही ऐरी रमपुरा गांव के प्रधान ओमकार पाल को बाल मैत्री राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया।
-----
अव्यवस्थाओं को लेकर होती रही झड़प
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले सभास्थल पूरी तरह भर गया। इस दौरान बाद में आने वाले भाजपा के कुछ नेताओं को बैठने का स्थान नहीं मिल सका। इस पर उनकी पुलिस अधिकारियों से झड़प हो गई। इसके बाद एक भाजपा कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री को संबोधित शिकायती पत्र प्रशासनिक अधिकारियों पर फाड़ने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। अधिकारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तेज झड़प हो गई। वहां पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष रामेंद्र सिंह बना व अन्य अधिकारियों ने उन्हें शांत कराया।
-----------
आंधी में उड़ी होर्डिंग
कार्यक्रम के दौरान अचानक मौसम ने रुख बदला और तेज हवाएं चलनी शुरू हो गईं। इस बीच कई होर्डिंग और बैनर गिर गए। मंच के पीछे ऊपर की तरफ का पर्दा भी फट गया। पुलिसकर्मी और अन्य अधिकारी होर्डिंगों को सही करते दिखे। उधर, कार्यक्रम के समापन के बाद बाहर खड़ी मैजिक गाड़ी से लंच पैकेट का वितरण शुरू कर दिया गया। इससे ग्रामीणों में काफी देर तक होड़ मची रही।
-----------
किशोरी ने बताया आठवीं के बाद नहीं पढ़ सके
मुख्यमंत्री ने पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान दो किशोरियों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कितना पढ़ी हो? गांव की सोनिया ने बताया कि वह आठवीं तक पढ़ी है, क्योंकि गांव में आठवीं तक ही विद्यालय है। आगे पढ़ने के लिए शहर तक जाना पड़ता है। इसके साथ ही उन्होंने प्रीति और लाली से भी बात की।
-----
एक झलक पाने के लिए पेड़ों पर चढ़े
गांव में पहली बार किसी मुख्यमंत्री के आने पर दो दिनों से ग्रामीणों में उत्सुकता थी। कुछ को तो पंडाल में बैठने की जगह मिल गई। कुछ पेड़ों तक पर चढ़कर मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए परेशान रहे। उधर, ऐरी रमपुरा की करीब ढाई किलोमीटर लंबी सिंगल रोड पर भी लोगों को खासी समस्या का सामना करना पड़ा। सभा के बाद बड़ी संख्या में निकले वाहन चालकों ने खेतों तक से अपने वाहन निकाले।