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टीबी रोगियों को गोद लेकर स्वस्थ बनाएंगे जिले के अधिकारी

Thu, 03 Mar 2022 11:23 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2022 11:23 PM IST
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उरई। टीबी रोगियों को जल्द दुरुस्त करने के लिए डीएम जालौन प्रियंका निरंजन ने एक नई पहल शुरू की है। उन्होंने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को क्षय रोगियों को गोद लेने के निर्देश दिए हैं। कहा कि किसी भी हाल में जिले को टीबी मुक्त करना
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है।
जिला स्तरीय टीबी फोरम की बैठक में डीएम ने विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में टीबी कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नौ मार्च से सक्रिय टीबी रोगियों की खोज के लिए अभियान शुरू होगा। इसमें अधिक से अधिक मरीज खोजे जाएं। जागरूकता के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार होगा। सभी सरकारी संस्थानों में जागरूकता वाली पेंटिंग दीवारों पर बनवाएं। उन्होंने कहा कि जो भी प्राइवेट चिकित्सक टीबी रोगियों का इलाज करें। वह भी स्वास्थ्य विभाग को अनिवार्य रूप से सूचित करें। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुग्रीव बाबू ने 9 से 22 मार्च तक चलने वाले सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान चलेगा। इस दौरान सीडीओ डॉ. अभय कुमार श्रीवास्तव, डीडीओ सुभाष चंद्र त्रिपाठी, मेडिकल कालेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव गुप्ता, सुधीर कुमार मिश्रा एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
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सरकारी में 2076 तो निजी में 664 मरीज
सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने कहा कि दिसंबर 2021 तक जिले में सरकारी अस्पतालों में 2076 मरीज और प्राइवेट चिकित्सकों के यहां 664 मरीज हैं। प्राइवेट चिकित्सकों से कहा गया है कि वह जो भी मरीज देखें, उनकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को जरूर दें ताकि उनकी सूची निक्षय पोर्टल पर अपडेट की जा सके।
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10 टीमें खोजेगी कदौरा में टीबी के मरीज
- 9 से 23 मार्च तक चलेगा घर-घर अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
कदौरा। क्षय रोग मुक्त भारत के तहत ब्लाक में क्षय रोगी अभियान की शुरुआत नौ मार्च से हो रही है। इसके तहत 23 मार्च तक टीमें घर-घर पहुंचकर क्षय रोगियों की खोज करेगी।

क्षय रोग वरिष्ठ स्वास्थ्य पर्यवेक्षक अश्वनी वर्मा ने बताया कि क्षय रोगी खोज अभियान के तहत टीमें घर-घर जाकर क्षय रोग के लक्षण बताएंगी। लक्षण मिलने पर उसके बलगम का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। पॉजिटिव मिलने पर रोगी का निशुल्क इलाज होगा। इसके साथ इलाज चलने तक निक्षय पोषण के तहत प्रत्येक रोगी को 500 रुपये आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। अभियान में ब्लाक क्षेत्र की 23 हजार की आबादी को कवर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि क्षय रोगी खोज अभियान के लिए ब्लाक क्षेत्र में 10 टीमें लगाई गई है। इन टीमों की निगरानी के लिए दो सुपरवाइजर हैं। इससे पहले 2021 में कुल 9 मरीज मिले थे। उन सभी का इलाज चल रहा है। सभी क्षय रोगियों को निक्षय पोषण के 500 रुपये प्रति माह की दर से उनके बैंक खाते में भेजे जा रहे हैं। इस समय कुल 600 को निक्षय पोषण के तहत आर्थिक सहायता दी जा रही है।
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