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हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को मिले सख्त से सख्त सजा
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उरई। गुरुवार की सुबह जैसे ही सोशल मीडिया और टीवी चैनलों में कानपुर मुठभेड़ कांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की खबर प्रसारित हुई तो सभी की नजरें खबर पर ही टिकी रहीं। बिठूर थाने के प्रभारी और मुठभेड़ में शामिल राजेंद्र नगर निवासी कौशलेंद्र के नाते रिश्तेदार और मोहल्ले के लोगों का कहना है कि छह दिन बाद ही सही कुख्यात पुलिस की गिरफ्त में तो आया, अच्छा होता कि उसे यूपी पुलिस पकड़ती। विकास को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि फिर कोई ऐसी हरकत न कर सके।
बता दें कि विकास की गिरफ्तारी के लिए जिला पुलिस ने भी सीमा पर चेकिंग कर रही थी। इतना ही नहीं जिले की एसओजी की टीम भी विकास दुबे का सुराग लगाने में जुटी थी, क्योंकि चर्चा थी कि विकास मध्य प्रदेश भी जा सकता है। गुरुवार जैसे ही लोगों को उसकी गिरफ्तारी का पता चला तो पुलिस अधिकारियों समेत आम पब्लिक ने भी राहत की सांस ली। तुलसीनगर निवासी श्याम कुमार का कहना है कि विकास को फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए, उसकी वजह से आठ बहादुर पुलिस कर्मियों को अपनी जान गवांनी पड़ी है। रामनगर के दिनेश प्रजापति के मुताबिक विकास की गिरफ्तारी सवालों के घेरे में हैं, सरकार को जल्द ही स्थिति स्पष्ट करनी होगी। राजेंद्र नगर के दिवाकर पाल, मथुरा प्रसाद आदि का कहना है कि एक ओर जहां पुलिस कर्मियों की शहादत का गम है वहीं इलाके के कौशलेंद्र की बहादुरी पर भी गर्व है। अब तो बस कानून को चाहिए कि वह इंसाफ में देरी किए बिना ही विकास को उसकी करनी की सजा दे।
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बता दें कि विकास की गिरफ्तारी के लिए जिला पुलिस ने भी सीमा पर चेकिंग कर रही थी। इतना ही नहीं जिले की एसओजी की टीम भी विकास दुबे का सुराग लगाने में जुटी थी, क्योंकि चर्चा थी कि विकास मध्य प्रदेश भी जा सकता है। गुरुवार जैसे ही लोगों को उसकी गिरफ्तारी का पता चला तो पुलिस अधिकारियों समेत आम पब्लिक ने भी राहत की सांस ली। तुलसीनगर निवासी श्याम कुमार का कहना है कि विकास को फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए, उसकी वजह से आठ बहादुर पुलिस कर्मियों को अपनी जान गवांनी पड़ी है। रामनगर के दिनेश प्रजापति के मुताबिक विकास की गिरफ्तारी सवालों के घेरे में हैं, सरकार को जल्द ही स्थिति स्पष्ट करनी होगी। राजेंद्र नगर के दिवाकर पाल, मथुरा प्रसाद आदि का कहना है कि एक ओर जहां पुलिस कर्मियों की शहादत का गम है वहीं इलाके के कौशलेंद्र की बहादुरी पर भी गर्व है। अब तो बस कानून को चाहिए कि वह इंसाफ में देरी किए बिना ही विकास को उसकी करनी की सजा दे।
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