फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   hindee ko apana banaen, puraskaar bhee paen

हिंदी को अपना बनाएं, पुरस्कार भी पाएं

Sun, 13 Sep 2020 12:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2020 12:12 AM IST
विज्ञापन
hindee ko apana banaen, puraskaar bhee paen
उरई। हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए हिंदी दिवस से रेलवे प्रतियोगिताओं की शुरुआत करने जा रहा है। इसमें हिस्सा लेकर रेल अधिकारी और कर्मचारी दोनों ही पुरस्कार जीत सकेंगे। रेलवे के झांसी मंडल राजभाषा अधिकारी एमएम भटनागर ने बताया कि हर साल रेलवे हिंदी को बढ़ावा देने के लिए पखवारा चलाता है। इस बार कोरोना काल के चलते सिर्फ चार दिन प्रतियोगिताएं होंगी। बड़ी संख्या रेल कर्मी इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि 14 सितंबर यानी हिंदी दिवस से शुरू होने वाली प्रतियोगिताओं में निबंध, पुस्तक लेखन, कहानी, गीत व गजल संग्रह, रेल यात्राओं का वृतांत शामिल है। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को 2000 से लेकर 20,000 रुपये तक का पुरस्कार दिया जाएगा। सबसे कम राशि हिंदी निबंध और सबसे अधिक हिंदी के गीत, गजल और उपन्यास लिखने वाले विजेताओं को दी जाएगी। प्रतियोगिता में उरई, कोंच, कालपी, आटा, एट स्टेशन के अधिकारी और कर्मचारी हिस्सा लेंगे। आवेदन आने शुरू हो गए हैं। राजभाषा अधिकारी के मुताबिक प्रतियोगिताओं का उद्देश्य हिंदी भाषा को अधिक से अधिक अपनाना है।
विज्ञापन

20,000 शब्द लिखें, 5000 रुपये पुरस्कार पाएं
राजभाषा अधिकारी ने बताया कि रेलवे के रोजमर्रा के काम में जो अधिकारी या कर्मचारी साल भर में 20 हजार हिंदी के शब्दों को लिखते हैं, उन्हें पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। प्रतियोगिताओं और पुरस्कार राशि के चलते रेलवे में हिंदी का चलन तेजी से बढ़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गैर हिंदी भाषी राज्यों के लिए भी योजना
तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, असम, जम्मू कश्मीर आदि गैर हिंदी भाषा वाले राज्यों में भी हिंदी को बढ़ावा देने का प्रयास जारी है। ऐसे राज्यों के लिए 20,000 शब्दों के बजाए 10,000 शब्द साल भर में लिखे जाने पर पांच का पुरस्कार दिया जा रहा है।

अफसरों की हिंदी पर मंत्री करेंगे पुरस्कृत
राजभाषा अधिकारी ने बताया कि रेलवे के जीएम और डीआरएम स्तर के अधिकारियों में हिंदी का प्रचलन बढ़ाने के लिए पुरस्कार योजना चलती है। जीएम स्तर पर 10 हजार रुपये और स्वर्ण पदक, डीआरएम स्तर पर 8 हजार रुपये व रजत पदक प्रदान किया जाता है। दोनों ही पुरस्कार रेल मंत्री के हाथों से दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed