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Jalaun News: भारी बारिश से जनजीवन बेहाल, कहीं मकान गिरे तो कहीं रपटे डूबे
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फोटो - 27 बारिश होने से बहा रगौली का आस्थाई पुल। संवाद
फोटो - 27 बारिश होने से बहा रगौली का आस्थाई पुल। संवाद
फोटो - 28 डकोर में हुआ जलभराव। संवाद
फोटो - 29 डकोर क्षेत्र में पानी भर जाने से सड़ने को मजबूर तिल की तैयार फसल। संवाद
फोटो - 30 पंचायत भवन में बैठे गोरन गांव के लोग। संवाद
फोटो - 31फोटो- बारिश में उखड़कर गिरा बिजली पोल। संवाद
फोटो - 32 फोटो- बारिश और तेज हवा से बिछी धान की फसल। संवाद
फोटो - 33 गांधी नगर में धनुतालाब हो जाने वाली सड़क पर भरे पानी से निकलता बाइक सवार। संवाद
फोटो - 34 जिला परिषद के पास बजरिया जाने वाला पानी से डूबा रपटा। संवाद
फोटो - 35 कालपी में गिरा घर, जानकारी लेते अधिकारी। संवाद
फोटो - 36 कोटरा में गिरा महिला का आशियाना। संवाद
फोटो - 37 लगातार बारिश से हथना रपटा पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद
= 48 घंटे में करीब 110 एमएम बारिश से बिजली नेटवर्क ध्वस्त, 50 से अधिक मकान गिरने की सूचना
= खेतों में पानी भरने से खरीफ की फसलें चौपट, कई मार्गों पर आवागमन ठप, निचली बस्तियों में घरों तक पहुंचा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। शुक्रवार और शनिवार को हुई करीब 110 मिलीमीटर बारिश ने जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। लगातार बारिश और तेज हवा से बिजली नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा, जबकि जिलेभर में 50 से अधिक कच्चे-पक्के मकान गिरने की सूचना है। कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के तार टूटकर सड़कों पर गिरने से यातायात बाधित रहा।
रपटों और नालों पर कई फीट पानी भरने से दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया। खेतों में पानी भरने और तेज हवा के कारण धान, तिल, उड़द, मूंग, बाजरा और ज्वार समेत खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचा है। बारिश के कारण शहरों और कस्बों के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। कई जगह घरों और दुकानों के अंदर तक पानी पहुंच गया। बिजली आपूर्ति बाधित होने से पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हुई। प्रशासन ने बारिश से हुए नुकसान का आकलन कराने के लिए सभी तहसीलदारों और राजस्व टीमों को मौके पर भेजने के निर्देश दिए हैं।
बस पर गिरा पेड़, यात्री बाल-बाल बचे, आस्थाई पुल भी बहा
उरई। कोंच कोतवाली क्षेत्र के पडरी गांव के पास तेज हवा और बारिश के बीच एक पेड़ निजी बस पर गिर गया। चालक की सूझबूझ से बस में सवार यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए। उरई-कानपुर स्टेट हाईवे पर रंगोली स्थित पेट्रोल पंप के पास पेड़ गिरने से एक तरफ का यातायात बंद हो गया। पेड़ के साथ हाईटेंशन लाइन भी टूट गई। रगौली गांव में निर्माणाधीन पुल के लिए बनाया गया अस्थायी रास्ता भी बारिश में बह गया। इससे करीब दो हजार लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ। शहर के नया पाठकपुरा और रामनगर रपटे पर कई फीट पानी भरने से रास्ता बंद रहा।
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रामपुरा में चार कच्चे मकान ढहे
रामपुरा। लगातार बारिश से उदौतपुरा गांव में चार कच्चे मकान भरभराकर गिर गए। इनमें रामानंदी, राघवेंद्र सिंह, शिवराज सिंह और लालू उर्फ रुस्तम के मकान शामिल हैं। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। तहसील क्षेत्र में करीब डेढ़ दर्जन कच्चे-पक्के मकान गिरने की सूचना है।
कालपी में दो से तीन फीट पानी, खेत बने तालाब
कालपी। नगर के टरननगंज, कागजीपुरा, इंदिरा नगर, रामचबूतरा, फुलपावर और महमूदपुरा में जलभराव हुआ। कई निचले इलाकों में दो से तीन फीट तक पानी घरों में घुस गया। इटौरा, जोल्हूपुर, उसरगांव, मसगांया, बरदौली, छौंक और बैरई समेत कई गांवों में खेत तालाब में तब्दील हो गए। धान, बाजरा, उड़द, मूंग और तिल की फसलों को नुकसान हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। वहीं करीब चार घर गिरने की सूचना मिली।
50 गांवों का संपर्क टूटा, पूरी रात गुल रही बिजली
सिरसा कलार। हथना खुर्द के पास मलंगा नाले के रपटा पर करीब पांच फीट पानी भरने से लगभग 50 गांवों का आवागमन बंद हो गया। नगरा, नगरी, कुठौंदा, हथना बुजुर्ग, सदूपुरा, जगनेवा और रिनिया समेत कई गांवों के लोगों को परेशानी हुई। स्कूली बच्चों का आवागमन भी प्रभावित रहा। ऊद गांव के पास मलंग नाले के रपटा पर छह फीट से अधिक पानी आने से गांव का संपर्क टूट गया। ग्रामीणों को बाजार और अस्पताल जाने के लिए कच्चे रास्ते से करीब 15 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ा। 33 केवी मुख्य विद्युत लाइन में फाल्ट आने से करीब 50 गांवों की बिजली पूरी रात गुल रही।
कोटरा में कई मकान धराशायी
कोटरा। दो दिन से हो रही बारिश में कस्बे में आधा दर्जन से अधिक कच्चे मकान गिर गए। मुगलाना घाट में शिव सिंह राजावत, हरपाल सिंह और महेश सिंह गौर के मकान धराशायी हो गए। मुजफ्फरनगर निवासी सुखनंदन पाल, तलापुरा के गालिब मिर्जा और लल्लू फदाली, गणेशगंज के दिनेश पांचाल व लक्ष्मी वाल्मीकि, मंडी बाजार के रामगोपाल नाई और नरसिंहजी के बृज बिहारी खटीक के मकान भी बारिश की चपेट में आए। खेतों में मूंगफली, धान, तिली, उड़द और मूंग की फसलों को नुकसान हुआ।
तेज हवा से खेतों में गिर गईं फसलें
माधौगढ़। तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी ज्वार, बाजरा और धान की फसलें गिर गईं। किसानों का कहना है कि अगस्त में हुई बारिश से तिल की फसल को पहले ही नुकसान हुआ था। अब तेज हवा से बची फसलें भी गिरने से रबी की बुवाई के लिए आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है।
30 घंटे बारिश, बिजली आपूर्ति प्रभावित
आटा। करीब 30 घंटे से बारिश और तेज हवा के कारण कस्बे में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित रही। इस दौरान महज दो बार करीब दस-दस मिनट के लिए बिजली मिली। अकबरपुर इटौरा विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति भी करीब 12 घंटे बंद रही। बिजली न आने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई। बारिश और तेज हवा से पककर तैयार धान की फसल खेतों में गिर गई।
12 गांवों में 24 घंटे से ज्यादा बिजली गुल
मुहम्मदाबाद। कुसमिलिया पावर हाउस से जुड़े करीब एक दर्जन गांवों में 24 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठप रही। मुहम्मदाबाद, डकोर, कुसमिलिया, ऐरी, रामपुरा, गुढ़ा, सिमरिया, बधौली, मुहाना, मकरेछा, जैसारी कला और जैसारी खुर्द में बिजली न आने से पेयजल संकट खड़ा हो गया। डकोर में मुस्लिम बस्ती में जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ। गोरन गांव में करीब 15 मकान गिर गए। इससे कुछ लोगों को पंचायत भवन में रहने को मजबूर होना पड़ा। मुहम्मदाबाद बस स्टैंड पर अशोक कुमार गुप्ता का कच्चा मकान गिरने से घरेलू सामान मलबे में दब गया। खेतों में कटी पड़ी तिल की फसल भी बारिश में भीग गई। वहीं
कोंच में घुटनों से ऊपर पानी, कई मार्गों पर पेड़ गिरे
कोंच। लगातार बारिश से मुख्य मार्गों और मोहल्लों में जलभराव हो गया। कोंच-पिंडारी मार्ग पर कांशीराम कॉलोनी, कोंच-कैलिया मार्ग पर आजाद गार्डन से दोहर तिराहा, कोंच-महेशपुरा मार्ग पर कैलिया बाइपास और गांधी नगर में धनुतालाब वाले रास्ते पर पानी भर गया। नई बस्ती, आराजीलेन, गिरवर नगर और ईदगाह में भी जलभराव रहा। कई जगह घुटनों से ऊपर पानी होने के कारण लोगों को पानी में घुसकर आवागमन करना पड़ा। कोंच-एट, कोंच-नदीगांव और कोंच-कैलिया मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। एट-कोंच मार्ग पर डेढ़ से दो घंटे तक वाहन फंसे रहे। वन विभाग की टीम ने पेड़ हटाकर आवागमन सुचारु कराया।
जालौन में 20 घंटे तक ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गुल
जालौन। बारिश के कारण बालाजी फीडर की बिजली आपूर्ति करीब 12 घंटे बंद रही। बिजलीघर में ब्रेकडाउन के कारण नगर की आपूर्ति करीब छह घंटे प्रभावित हुई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 20 घंटे तक बिजली बाधित रही। नगर की आपूर्ति दोपहर करीब 12 बजे बहाल हो सकी। बिजली न आने से पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हुई। विभागीय कर्मचारियों ने फाल्ट ठीक करने का काम किया।
कच्चा मकान गिरने से परिवार के सामने रहने का संकट
उरई। करीब 36 घंटे की बारिश में भीखम का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। मकान गिरने से परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया। पीड़ित ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने राजस्व टीम भेजकर नुकसान का आकलन कराने की मांग की।
विधायक ने किसानों के मुआवजे के लिए मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
कोंच। दो दिनों की बारिश से फसलों को हुए नुकसान के बाद विधायक मूलचंद निरंजन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रभावित किसानों को दैवीय आपदा के तहत मुआवजा और फसल बीमा की धनराशि जल्द दिलाने की मांग की है। पत्र में तिल, उड़द, मूंग, ज्वार, बाजरा और धान की फसलों को हुए नुकसान का उल्लेख किया गया है।
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वर्जन
बारिश के कारण हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद प्रभावित लोगों को सहायता राशि प्रदान की जाएगी। - राजीव राज, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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फोटो - 28 डकोर में हुआ जलभराव। संवाद
फोटो - 29 डकोर क्षेत्र में पानी भर जाने से सड़ने को मजबूर तिल की तैयार फसल। संवाद
फोटो - 30 पंचायत भवन में बैठे गोरन गांव के लोग। संवाद
फोटो - 31फोटो- बारिश में उखड़कर गिरा बिजली पोल। संवाद
फोटो - 32 फोटो- बारिश और तेज हवा से बिछी धान की फसल। संवाद
फोटो - 33 गांधी नगर में धनुतालाब हो जाने वाली सड़क पर भरे पानी से निकलता बाइक सवार। संवाद
फोटो - 34 जिला परिषद के पास बजरिया जाने वाला पानी से डूबा रपटा। संवाद
फोटो - 35 कालपी में गिरा घर, जानकारी लेते अधिकारी। संवाद
फोटो - 36 कोटरा में गिरा महिला का आशियाना। संवाद
फोटो - 37 लगातार बारिश से हथना रपटा पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद
= 48 घंटे में करीब 110 एमएम बारिश से बिजली नेटवर्क ध्वस्त, 50 से अधिक मकान गिरने की सूचना
= खेतों में पानी भरने से खरीफ की फसलें चौपट, कई मार्गों पर आवागमन ठप, निचली बस्तियों में घरों तक पहुंचा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। शुक्रवार और शनिवार को हुई करीब 110 मिलीमीटर बारिश ने जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। लगातार बारिश और तेज हवा से बिजली नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा, जबकि जिलेभर में 50 से अधिक कच्चे-पक्के मकान गिरने की सूचना है। कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के तार टूटकर सड़कों पर गिरने से यातायात बाधित रहा।
रपटों और नालों पर कई फीट पानी भरने से दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया। खेतों में पानी भरने और तेज हवा के कारण धान, तिल, उड़द, मूंग, बाजरा और ज्वार समेत खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचा है। बारिश के कारण शहरों और कस्बों के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। कई जगह घरों और दुकानों के अंदर तक पानी पहुंच गया। बिजली आपूर्ति बाधित होने से पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हुई। प्रशासन ने बारिश से हुए नुकसान का आकलन कराने के लिए सभी तहसीलदारों और राजस्व टीमों को मौके पर भेजने के निर्देश दिए हैं।
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बस पर गिरा पेड़, यात्री बाल-बाल बचे, आस्थाई पुल भी बहा
उरई। कोंच कोतवाली क्षेत्र के पडरी गांव के पास तेज हवा और बारिश के बीच एक पेड़ निजी बस पर गिर गया। चालक की सूझबूझ से बस में सवार यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए। उरई-कानपुर स्टेट हाईवे पर रंगोली स्थित पेट्रोल पंप के पास पेड़ गिरने से एक तरफ का यातायात बंद हो गया। पेड़ के साथ हाईटेंशन लाइन भी टूट गई। रगौली गांव में निर्माणाधीन पुल के लिए बनाया गया अस्थायी रास्ता भी बारिश में बह गया। इससे करीब दो हजार लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ। शहर के नया पाठकपुरा और रामनगर रपटे पर कई फीट पानी भरने से रास्ता बंद रहा।
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रामपुरा में चार कच्चे मकान ढहे
रामपुरा। लगातार बारिश से उदौतपुरा गांव में चार कच्चे मकान भरभराकर गिर गए। इनमें रामानंदी, राघवेंद्र सिंह, शिवराज सिंह और लालू उर्फ रुस्तम के मकान शामिल हैं। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। तहसील क्षेत्र में करीब डेढ़ दर्जन कच्चे-पक्के मकान गिरने की सूचना है।
कालपी में दो से तीन फीट पानी, खेत बने तालाब
कालपी। नगर के टरननगंज, कागजीपुरा, इंदिरा नगर, रामचबूतरा, फुलपावर और महमूदपुरा में जलभराव हुआ। कई निचले इलाकों में दो से तीन फीट तक पानी घरों में घुस गया। इटौरा, जोल्हूपुर, उसरगांव, मसगांया, बरदौली, छौंक और बैरई समेत कई गांवों में खेत तालाब में तब्दील हो गए। धान, बाजरा, उड़द, मूंग और तिल की फसलों को नुकसान हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। वहीं करीब चार घर गिरने की सूचना मिली।
50 गांवों का संपर्क टूटा, पूरी रात गुल रही बिजली
सिरसा कलार। हथना खुर्द के पास मलंगा नाले के रपटा पर करीब पांच फीट पानी भरने से लगभग 50 गांवों का आवागमन बंद हो गया। नगरा, नगरी, कुठौंदा, हथना बुजुर्ग, सदूपुरा, जगनेवा और रिनिया समेत कई गांवों के लोगों को परेशानी हुई। स्कूली बच्चों का आवागमन भी प्रभावित रहा। ऊद गांव के पास मलंग नाले के रपटा पर छह फीट से अधिक पानी आने से गांव का संपर्क टूट गया। ग्रामीणों को बाजार और अस्पताल जाने के लिए कच्चे रास्ते से करीब 15 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ा। 33 केवी मुख्य विद्युत लाइन में फाल्ट आने से करीब 50 गांवों की बिजली पूरी रात गुल रही।
कोटरा में कई मकान धराशायी
कोटरा। दो दिन से हो रही बारिश में कस्बे में आधा दर्जन से अधिक कच्चे मकान गिर गए। मुगलाना घाट में शिव सिंह राजावत, हरपाल सिंह और महेश सिंह गौर के मकान धराशायी हो गए। मुजफ्फरनगर निवासी सुखनंदन पाल, तलापुरा के गालिब मिर्जा और लल्लू फदाली, गणेशगंज के दिनेश पांचाल व लक्ष्मी वाल्मीकि, मंडी बाजार के रामगोपाल नाई और नरसिंहजी के बृज बिहारी खटीक के मकान भी बारिश की चपेट में आए। खेतों में मूंगफली, धान, तिली, उड़द और मूंग की फसलों को नुकसान हुआ।
तेज हवा से खेतों में गिर गईं फसलें
माधौगढ़। तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी ज्वार, बाजरा और धान की फसलें गिर गईं। किसानों का कहना है कि अगस्त में हुई बारिश से तिल की फसल को पहले ही नुकसान हुआ था। अब तेज हवा से बची फसलें भी गिरने से रबी की बुवाई के लिए आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है।
30 घंटे बारिश, बिजली आपूर्ति प्रभावित
आटा। करीब 30 घंटे से बारिश और तेज हवा के कारण कस्बे में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित रही। इस दौरान महज दो बार करीब दस-दस मिनट के लिए बिजली मिली। अकबरपुर इटौरा विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति भी करीब 12 घंटे बंद रही। बिजली न आने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई। बारिश और तेज हवा से पककर तैयार धान की फसल खेतों में गिर गई।
12 गांवों में 24 घंटे से ज्यादा बिजली गुल
मुहम्मदाबाद। कुसमिलिया पावर हाउस से जुड़े करीब एक दर्जन गांवों में 24 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठप रही। मुहम्मदाबाद, डकोर, कुसमिलिया, ऐरी, रामपुरा, गुढ़ा, सिमरिया, बधौली, मुहाना, मकरेछा, जैसारी कला और जैसारी खुर्द में बिजली न आने से पेयजल संकट खड़ा हो गया। डकोर में मुस्लिम बस्ती में जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ। गोरन गांव में करीब 15 मकान गिर गए। इससे कुछ लोगों को पंचायत भवन में रहने को मजबूर होना पड़ा। मुहम्मदाबाद बस स्टैंड पर अशोक कुमार गुप्ता का कच्चा मकान गिरने से घरेलू सामान मलबे में दब गया। खेतों में कटी पड़ी तिल की फसल भी बारिश में भीग गई। वहीं
कोंच में घुटनों से ऊपर पानी, कई मार्गों पर पेड़ गिरे
कोंच। लगातार बारिश से मुख्य मार्गों और मोहल्लों में जलभराव हो गया। कोंच-पिंडारी मार्ग पर कांशीराम कॉलोनी, कोंच-कैलिया मार्ग पर आजाद गार्डन से दोहर तिराहा, कोंच-महेशपुरा मार्ग पर कैलिया बाइपास और गांधी नगर में धनुतालाब वाले रास्ते पर पानी भर गया। नई बस्ती, आराजीलेन, गिरवर नगर और ईदगाह में भी जलभराव रहा। कई जगह घुटनों से ऊपर पानी होने के कारण लोगों को पानी में घुसकर आवागमन करना पड़ा। कोंच-एट, कोंच-नदीगांव और कोंच-कैलिया मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। एट-कोंच मार्ग पर डेढ़ से दो घंटे तक वाहन फंसे रहे। वन विभाग की टीम ने पेड़ हटाकर आवागमन सुचारु कराया।
जालौन में 20 घंटे तक ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गुल
जालौन। बारिश के कारण बालाजी फीडर की बिजली आपूर्ति करीब 12 घंटे बंद रही। बिजलीघर में ब्रेकडाउन के कारण नगर की आपूर्ति करीब छह घंटे प्रभावित हुई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 20 घंटे तक बिजली बाधित रही। नगर की आपूर्ति दोपहर करीब 12 बजे बहाल हो सकी। बिजली न आने से पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हुई। विभागीय कर्मचारियों ने फाल्ट ठीक करने का काम किया।
कच्चा मकान गिरने से परिवार के सामने रहने का संकट
उरई। करीब 36 घंटे की बारिश में भीखम का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। मकान गिरने से परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया। पीड़ित ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने राजस्व टीम भेजकर नुकसान का आकलन कराने की मांग की।
विधायक ने किसानों के मुआवजे के लिए मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
कोंच। दो दिनों की बारिश से फसलों को हुए नुकसान के बाद विधायक मूलचंद निरंजन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रभावित किसानों को दैवीय आपदा के तहत मुआवजा और फसल बीमा की धनराशि जल्द दिलाने की मांग की है। पत्र में तिल, उड़द, मूंग, ज्वार, बाजरा और धान की फसलों को हुए नुकसान का उल्लेख किया गया है।
वर्जन
बारिश के कारण हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद प्रभावित लोगों को सहायता राशि प्रदान की जाएगी। - राजीव राज, एडीएम वित्त एवं राजस्व

फोटो - 27 बारिश होने से बहा रगौली का आस्थाई पुल। संवाद

फोटो - 27 बारिश होने से बहा रगौली का आस्थाई पुल। संवाद

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