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Jalaun News: हजरत अबू बकर सिद्दीक ने सच्चाई और ईमानदारी की मिसाल पेश की
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फोटो-10-उर्स में बयान करते सैयद आमिर हुसैन अत्तारी। संवाद
- फोटो : poni news
जालौन। दावत ए इस्लामी इंडिया की ओर से इस्लाम के पहले खलीफा हजरत अबू बकर सिद्दीक का उर्स हुसैनी जामा मस्जिद में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। उर्स की शुरुआत कुरान पाक की तिलावत से हुई। इसके बाद नात पाक पेश की गई। दावत ए इस्लामी के झांसी डिवीजन निगरां के सैयद आमिर हुसैन अत्तारी ने कहा कि हजरत अबू बकर सिद्दीक ने अपने पूरे जीवन में सादगी, सच्चाई और ईमानदारी की मिसाल पेश की।
उन्होंने हजरत अबू बकर सिद्दीक की जिंदगी, उनके किरदार और इस्लाम के लिए दी गई कुर्बानियों पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि हजरत अबू बकर सिद्दीक इस्लाम के पहले खलीफा थे। हजरत अबू बकर सिद्दीक ने अपने आचरण से अल्लाह पर भरोसा रखना और समाज में अमन, भाईचारे और इंसाफ को बढ़ावा देना सिखाया।
उर्स के दौरान जिक्र भी किया गया जिसमें अल्लाह की हम्द और रसूल की शान में कलाम पेश किया गया। जिक्र के दौरान माहौल पूरी तरह से रूहानी हो गया। अकीदतमंदों ने देश, समाज और पूरी इंसानियत की भलाई की कामना की। अंत में लंगर का भी इंतजाम किया गया। यहां पर जुनैद अत्तारी, अरशद मक्की अत्तारी, इमरान, जफर, वलीउल्लाह, साबिर, अशरफ, हाफिज रफीक चिश्ती, सोहेल, निजाम, आरिफ, अब्दुल जब्बार कुरैशी आदि रहे।
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उन्होंने हजरत अबू बकर सिद्दीक की जिंदगी, उनके किरदार और इस्लाम के लिए दी गई कुर्बानियों पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि हजरत अबू बकर सिद्दीक इस्लाम के पहले खलीफा थे। हजरत अबू बकर सिद्दीक ने अपने आचरण से अल्लाह पर भरोसा रखना और समाज में अमन, भाईचारे और इंसाफ को बढ़ावा देना सिखाया।
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उर्स के दौरान जिक्र भी किया गया जिसमें अल्लाह की हम्द और रसूल की शान में कलाम पेश किया गया। जिक्र के दौरान माहौल पूरी तरह से रूहानी हो गया। अकीदतमंदों ने देश, समाज और पूरी इंसानियत की भलाई की कामना की। अंत में लंगर का भी इंतजाम किया गया। यहां पर जुनैद अत्तारी, अरशद मक्की अत्तारी, इमरान, जफर, वलीउल्लाह, साबिर, अशरफ, हाफिज रफीक चिश्ती, सोहेल, निजाम, आरिफ, अब्दुल जब्बार कुरैशी आदि रहे।
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