{"_id":"5fe6326b8ebc3e3bb10e6048","slug":"grouped-recitation-of-shrimad-bhagwat-geeta-orai-news-knp6021434197","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीमद्भागवत गीता का सामूहिक पाठ किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीमद्भागवत गीता का सामूहिक पाठ किया
विज्ञापन
-गीता का सामूहिक पाठ करते संस्कृत महाविद्यालय के छात्र।
- फोटो : ORAI
उरई। आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में गीता जयंती पर संपूर्ण श्रीमद्भागवत गीता का पारायण किया गया। शुक्रवार को मोक्षदा एकादशी पर महाविद्यालय के छात्रों और आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सामूहिक पाठ किया। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर भी माल्यार्पण किया गया।
कालेज के प्राचार्य डॉ जगप्रसाद चतुर्वेदी ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता भगवान की साक्षात दिव्य वाणी है। इसकी महिमा अपार है। इसके यथार्थ का वर्णन नहीं किया जा सकता है। जिस वस्तु का वर्णन नहीं किया जा सकता है, वह अपरिमित होती है। गीता की उपयोगिता को जन जन तक पहुंचाने की जरूरत है। इस दौरान डॉ शालिगराम शास्त्री, अवनीश चंद्र द्विवेदी, डॉ पूर्णेंद्र मिश्रा, लक्ष्मीनारायण, शिवविशाल, दिलीप तिवारी, रामलखन पाठक, रवि शुक्ला, मोहित चतुर्वेदी, अंकित दीक्षित, देवस्य चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
संवाद न्यूज एजेंसी जालौन के अनुसार, श्री गीता सत्संग समिति के तत्वावधान में नगर में गीता जयंती मनाई गई। इस मौके पर नगर के मंदिरों में गीता श्लोक पढ़कर श्रद्धालुओं को सुनाया गया। मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को गीता जयंती के रूप में मनाया जाता है।
विज्ञापन
माना जाता है कि इस दिन कुरुक्षेत्र के मैदान में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जीवन का सार समझाने के लिए जो उपदेश दिया था वह श्रीमद्भगवद् गीता के नाम से प्रसिद्ध है। वाचस्पति मिश्रा ने कहा कि गीता के कर्म संदेश की सार्थकता कल भी थी और आज भी है। इस मौके पर विजयराम दासजी, दिनेशचंद्र हूंका, अजय यादव, अजय बाथम, अजय सेंगर, श्रवण कुमार श्रीवास्तव, संतोष कुमार गुप्ता, महेंद्र कुमार, माधव प्रकाश गुप्ता, मुरारीलाल गुप्ता आदि रहे।
विज्ञापन
कालेज के प्राचार्य डॉ जगप्रसाद चतुर्वेदी ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता भगवान की साक्षात दिव्य वाणी है। इसकी महिमा अपार है। इसके यथार्थ का वर्णन नहीं किया जा सकता है। जिस वस्तु का वर्णन नहीं किया जा सकता है, वह अपरिमित होती है। गीता की उपयोगिता को जन जन तक पहुंचाने की जरूरत है। इस दौरान डॉ शालिगराम शास्त्री, अवनीश चंद्र द्विवेदी, डॉ पूर्णेंद्र मिश्रा, लक्ष्मीनारायण, शिवविशाल, दिलीप तिवारी, रामलखन पाठक, रवि शुक्ला, मोहित चतुर्वेदी, अंकित दीक्षित, देवस्य चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी जालौन के अनुसार, श्री गीता सत्संग समिति के तत्वावधान में नगर में गीता जयंती मनाई गई। इस मौके पर नगर के मंदिरों में गीता श्लोक पढ़कर श्रद्धालुओं को सुनाया गया। मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को गीता जयंती के रूप में मनाया जाता है।
विज्ञापन
माना जाता है कि इस दिन कुरुक्षेत्र के मैदान में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जीवन का सार समझाने के लिए जो उपदेश दिया था वह श्रीमद्भगवद् गीता के नाम से प्रसिद्ध है। वाचस्पति मिश्रा ने कहा कि गीता के कर्म संदेश की सार्थकता कल भी थी और आज भी है। इस मौके पर विजयराम दासजी, दिनेशचंद्र हूंका, अजय यादव, अजय बाथम, अजय सेंगर, श्रवण कुमार श्रीवास्तव, संतोष कुमार गुप्ता, महेंद्र कुमार, माधव प्रकाश गुप्ता, मुरारीलाल गुप्ता आदि रहे।