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शोक में डूबे निरंकारी बाबा के अनुयायी
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 13 May 2016 11:01 PM IST
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गमगीन बैठी महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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निरंकारी मिशन के प्रमुख निरंकारी बाबा हरदेव जी महाराज का कनाडा में एक रोड एक्सीडेंट में निधन हो गया। उनके असमय ब्रह्मलीन होेनेे से जालौन मेें उनके दस हजार से अधिक अनुयायी स्तब्ध हैं। हालांकि जिले में निरंकारी बाबा के ब्रह्मलीन होने का समाचार सुबह सात बजे तक पहुंच चुका था लेकिन देर शाम तक लोगों को इस खबर को लेकर शंका में
थे। वे मिशन की ओर से कोई प्रमाणिक जानकारी आने का इंतजार करते रहे। उरई के चंद्र नगर स्थित निरंकारी सत्संग भवन में भी खबर की पुष्टि को सैकड़ों लोगों का आना जाना जारी रहा। इस दौरान लोगों की आंखों में आंसू तैर रहे थे। निरंकारी मिशन के जिला संयोजक राजीव कुमार ने बताया कि जुलाई में कनाडा में अंतरराष्ट्रीय निरंकारी संत समागम होना था। इसी
की तैयारियों को लेकर बाबा हरदेव वहां गए हुए थे तभी यह हादसा हो गया। उनकी उम्र 62 साल थी। बताया कि शनिवार को इस संदर्भ में दिल्ली स्थित निरंकारी मिशन मुख्यालय की ओर से सर्कुलर आने के बाद ही शनिवार को शोक सभा व अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। शुक्रवार को मिशन के जिला संयोजक की पत्नी मोना जी, मिशन संचालक कमल
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महाराज, अनुयायी, डॉ. सीपी सिंह राजपूत, ब्रजनेश यादव, आलोक जयसवाल, याज्ञेश्वर पाल, शीतल मनोरमा, कुसुम, अजय कालपी, महेश, शिव कुमार चौरसिया आदि निरंकारी भवन पर पहुंचे और बाबा के असमय ब्रह्मलीन होने पर शोक व्यक्त किया।
दो बार जालौन आए थे बाबा हरदेव
बाबा हरदेव सिंह जी को जालौन के लोगों से कुछ खास ही लगाव था। वे यहां के भक्तों से लगातार संपर्क में रहते थे। साथ ही अब तक यहां दो बार आ चुके थे। पहली बार 1997 में बाबा चंद्र नगर में सत्संग के लिए आए थे। इसके बाद वर्ष 2006 में गांधी इंटर कालेज में हुए विशाल संत समागम में आए। कालपी रोड पर स्थित नए सत्संग भवन के उद्घाटन के लिए अगले तीन चार महीने में एक बार फिर उनके आने की उम्मीद थी।
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थे। वे मिशन की ओर से कोई प्रमाणिक जानकारी आने का इंतजार करते रहे। उरई के चंद्र नगर स्थित निरंकारी सत्संग भवन में भी खबर की पुष्टि को सैकड़ों लोगों का आना जाना जारी रहा। इस दौरान लोगों की आंखों में आंसू तैर रहे थे। निरंकारी मिशन के जिला संयोजक राजीव कुमार ने बताया कि जुलाई में कनाडा में अंतरराष्ट्रीय निरंकारी संत समागम होना था। इसी
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की तैयारियों को लेकर बाबा हरदेव वहां गए हुए थे तभी यह हादसा हो गया। उनकी उम्र 62 साल थी। बताया कि शनिवार को इस संदर्भ में दिल्ली स्थित निरंकारी मिशन मुख्यालय की ओर से सर्कुलर आने के बाद ही शनिवार को शोक सभा व अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। शुक्रवार को मिशन के जिला संयोजक की पत्नी मोना जी, मिशन संचालक कमल
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महाराज, अनुयायी, डॉ. सीपी सिंह राजपूत, ब्रजनेश यादव, आलोक जयसवाल, याज्ञेश्वर पाल, शीतल मनोरमा, कुसुम, अजय कालपी, महेश, शिव कुमार चौरसिया आदि निरंकारी भवन पर पहुंचे और बाबा के असमय ब्रह्मलीन होने पर शोक व्यक्त किया।
दो बार जालौन आए थे बाबा हरदेव
बाबा हरदेव सिंह जी को जालौन के लोगों से कुछ खास ही लगाव था। वे यहां के भक्तों से लगातार संपर्क में रहते थे। साथ ही अब तक यहां दो बार आ चुके थे। पहली बार 1997 में बाबा चंद्र नगर में सत्संग के लिए आए थे। इसके बाद वर्ष 2006 में गांधी इंटर कालेज में हुए विशाल संत समागम में आए। कालपी रोड पर स्थित नए सत्संग भवन के उद्घाटन के लिए अगले तीन चार महीने में एक बार फिर उनके आने की उम्मीद थी।