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नपेंगे दहेज लेने, देने वाले सरकारी अधिकारी-कर्मचारी
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उरई। दहेज लेने वाले और देने वाले नौकरी पेशा सावधान हो जाएं। शासन ने दहेज लेने-देेने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए बाकायदा विभागों को पत्र जारी कर उनके यहां तैनात कार्मिकों की सूची और उनके शपथपत्र मांगे गए हैं। शासन के इस निर्णय से विभागों में हड़कंप की स्थिति है। हालांकि अभी तक जितने भी शपथपत्र आए हैं, उनमें किसी ने भी दहेज लेने की घोषणा नहीं की है।
महिला कल्याण विभाग के निदेशक मनोज कुमार राय ने मंडलायुक्त व डीएम के माध्यम से सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी किया है। जिसमें दहेज को सामाजिक बुराई बताते हुए एक अप्रैल 2004 के बाद नौकरी में आए सभी अधिकारी व कर्मचारियों से ऐसा हस्तलिखित शपथपत्र मांगा है कि वह अपने विभाग के समक्ष यह उल्लेख करेंगे कि उसने अपने विवाह में कोई दहेज नहीं लिया है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन ने बताया कि शासन से इस आशय का आदेश आया था। जिसके बाद उन्होंने सभी विभागों को इसके शपथपत्र के लिए पत्र जारी कर दिया। इसके लिए 18 अक्तूबर अंतिम तिथि थी, लेकिन अब यह तिथि बढ़ाकर 15 दिसंबर कर दी गई है। जो कार्मिक शपथपत्र नहीं देते है, उनके खिलाफ शासन को कार्रवाई के लिए लिख दिया जाएगा।
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मामला सिर्फ शपथ पत्र तक ही नहीं सीमित रहेगा। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार किसी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी ने शपथ पत्र भरने के बाद भी यदि किसी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज हुआ या फिर शादी के वक्त दहेज लेने की सूचना मिली, दोनों ही स्थितियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला पूर्ति विभाग, दिव्यांग कल्याण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, डूडा आदि विभागों के अधिकारियों और कार्मिकों ने दहेज न लेने संबंधी शपथपत्र प्रोवेशन विभाग को सौंप दिए हैं। इन्हें निदेशालय प्रेषित कर दिया गया है। फिलहाल सभी की गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही कुछ अन्य विभाग भी शामिल किए जाएंगे।
dowryprohivitionup@gmail,com
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महिला कल्याण विभाग के निदेशक मनोज कुमार राय ने मंडलायुक्त व डीएम के माध्यम से सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी किया है। जिसमें दहेज को सामाजिक बुराई बताते हुए एक अप्रैल 2004 के बाद नौकरी में आए सभी अधिकारी व कर्मचारियों से ऐसा हस्तलिखित शपथपत्र मांगा है कि वह अपने विभाग के समक्ष यह उल्लेख करेंगे कि उसने अपने विवाह में कोई दहेज नहीं लिया है।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन ने बताया कि शासन से इस आशय का आदेश आया था। जिसके बाद उन्होंने सभी विभागों को इसके शपथपत्र के लिए पत्र जारी कर दिया। इसके लिए 18 अक्तूबर अंतिम तिथि थी, लेकिन अब यह तिथि बढ़ाकर 15 दिसंबर कर दी गई है। जो कार्मिक शपथपत्र नहीं देते है, उनके खिलाफ शासन को कार्रवाई के लिए लिख दिया जाएगा।
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मामला सिर्फ शपथ पत्र तक ही नहीं सीमित रहेगा। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार किसी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी ने शपथ पत्र भरने के बाद भी यदि किसी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज हुआ या फिर शादी के वक्त दहेज लेने की सूचना मिली, दोनों ही स्थितियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला पूर्ति विभाग, दिव्यांग कल्याण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, डूडा आदि विभागों के अधिकारियों और कार्मिकों ने दहेज न लेने संबंधी शपथपत्र प्रोवेशन विभाग को सौंप दिए हैं। इन्हें निदेशालय प्रेषित कर दिया गया है। फिलहाल सभी की गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही कुछ अन्य विभाग भी शामिल किए जाएंगे।
dowryprohivitionup@gmail,com