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बागवानी की रखवाली शासन की जिम्मेदारी
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Fri, 20 Nov 2015 10:58 PM IST
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बुंदेलखंड क्षेत्र में किसान अगर बागवानी करने के इच्छुक हैं तो उनके लिए
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अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार बागवानी लगाने वाले किसानों को तीन साल के लिए
रखरखाव को अनुदान देने के लिए तैयार है। योजना के तहत किसान के बैंक खाते
में हर माह तीन हजार रुपये भेजे जाएंगे। इसके लिए शासनादेश भी कुछ समय पहले
जारी हो गया था। अब उद्यान विभाग को
बजट भेजने की तैयारी है। बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए वर्ष 2015-16 से शासन ने औद्यानिक विकास योजना शुरू की है। इसके तहत बागवानी को बढ़ावा दिया जाना है। योजना के तहत किसानों को अपने खेत में एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में बागवानी लगानी है। इसमें पौधों से लेकर तार फिनिशिंग किसानों को स्वयं की लागत से कराना है। जिन किसानों का चयन योजना
के लिए हुआ है उन्हें एक माह में तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। इससे वह लगाए गए पौधों की देखभाल कर सकें। उन्हें समय पर पानी, उर्वरक दे सकें। इसके लिए किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। शासन से तीन साल तक योजना के आधार पर तीन हजार रुपये प्रति माह का अनुदान मिलेगा। इसके लिए किसानों से आवेदन मांगे जा रहे हैं। फिलहाल विभाग को अभी बजट आवंटित नहीं किया गया है लेकिन विभागीय अधिकारियों की माने तो जल्द ही बजट आने की उम्मीद है।
पौधे सूखे तो बंद हो जाएगा अनुदान
औद्यानिक विकास योजना के तहत एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में जो बागवानी की जाएगी उसका हर तीन माह में सत्यापन किया जाएगा। इसमें अगर पौधे सूख रहे तो उनके स्थान पर दूसरे पौधे लगाने होंगे। पौधा सूखने की स्थिति अधिक रही तो फिर योजना का लाभ मिलना भी बंद हो जाएगा।
लहलहाएंगे पौधे आएगी हरियाली
औद्यानिक विकास योजना का मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड में हरियाली लाना है। जब पौधे लगेंगे और वह लहलहाएगें तो यहां की धरा हरीभरी होगी। इससे यहां के बिगड़ते प्राकृतिक असंतुलन को सुधारने में भी मदद मिलेगी।
किसानों को होगी कमाई
किसानों को शासन की इस योजना से बड़ा लाभ मिलेगा। एक तो जब तक पौधा फल देने लायक बनेगा तब तक अनुदान की रकम मिलेगी और जब फल आने लगेंगे तो उन्हें बेचकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। किसान की इससे आमदनी बढे़गी।
बजट भेजने की तैयारी है। बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए वर्ष 2015-16 से शासन ने औद्यानिक विकास योजना शुरू की है। इसके तहत बागवानी को बढ़ावा दिया जाना है। योजना के तहत किसानों को अपने खेत में एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में बागवानी लगानी है। इसमें पौधों से लेकर तार फिनिशिंग किसानों को स्वयं की लागत से कराना है। जिन किसानों का चयन योजना
के लिए हुआ है उन्हें एक माह में तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। इससे वह लगाए गए पौधों की देखभाल कर सकें। उन्हें समय पर पानी, उर्वरक दे सकें। इसके लिए किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। शासन से तीन साल तक योजना के आधार पर तीन हजार रुपये प्रति माह का अनुदान मिलेगा। इसके लिए किसानों से आवेदन मांगे जा रहे हैं। फिलहाल विभाग को अभी बजट आवंटित नहीं किया गया है लेकिन विभागीय अधिकारियों की माने तो जल्द ही बजट आने की उम्मीद है।
पौधे सूखे तो बंद हो जाएगा अनुदान
औद्यानिक विकास योजना के तहत एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में जो बागवानी की जाएगी उसका हर तीन माह में सत्यापन किया जाएगा। इसमें अगर पौधे सूख रहे तो उनके स्थान पर दूसरे पौधे लगाने होंगे। पौधा सूखने की स्थिति अधिक रही तो फिर योजना का लाभ मिलना भी बंद हो जाएगा।
लहलहाएंगे पौधे आएगी हरियाली
औद्यानिक विकास योजना का मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड में हरियाली लाना है। जब पौधे लगेंगे और वह लहलहाएगें तो यहां की धरा हरीभरी होगी। इससे यहां के बिगड़ते प्राकृतिक असंतुलन को सुधारने में भी मदद मिलेगी।
किसानों को होगी कमाई
किसानों को शासन की इस योजना से बड़ा लाभ मिलेगा। एक तो जब तक पौधा फल देने लायक बनेगा तब तक अनुदान की रकम मिलेगी और जब फल आने लगेंगे तो उन्हें बेचकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। किसान की इससे आमदनी बढे़गी।