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Jalaun News: ट्रैक्टर एजेंसी के चार संचालकों को छह माह की सजा
Sat, 01 Jun 2024 12:54 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sat, 01 Jun 2024 12:54 AM IST
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उरई। किसान को फर्जी चेक देने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट कोंच मोहित निर्वाल ने दो सगे भाइयों समेत चार संचालकों को छह-छह माह के कारावास की सजा सुनाई।
कोंच कोतवाली क्षेत्र के ग्राम घुसिया निवासी राजीव तिवारी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट कोंच में वाद दायर किया था कि भवानीशंकर और उनके भाई रामशंकर की गांव के ही चतुर सिंह निवासी परैथा और भगवान सिंह निवासी घनौरा थाना कोतवाली कोंच के साथ साझेदारी में जय बालाजी ट्रैक्टर एजेंसी के नाम से एजेंसी थी। राजीव तिवारी ने आरोप लगाते हुए बताया है कि बीस मार्च 2017 को उनकी एजेंसी से ट्रैक्टर खरीदने की बात हुई थी। इसमें तीन लाख रुपये उसने नकद और शेष किश्तों में देने की बात हुई थी।
राजीव ने आरोप लगाया कि जब वह ट्रैक्टर लेने गया तो उसे ट्रैक्टर देने में आनाकानी करने लगे। जब उसने रुपये मांगे तो भवानीशंकर ने उसके नाम से एसबीआई बैंक की चेक दे दी। जब उसने चेक को चार मई 2017 को बैंक में लगाई तो खाते में रुपये न होने पर चेक बाउंस हो गई। इस मामले का ट्रायल न्यायिक मजिस्ट्रेट कोंच मोहित निर्वाल की अदालत में चल रहा था। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर अदालत ने भावनीशंकर समेत चारों को दोषी पाते हुए छह माह की सजा सुनाई। साथ ही वादी को तीन लाख रुपये से प्रतिकर देने के निर्देश दिए।
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कोंच कोतवाली क्षेत्र के ग्राम घुसिया निवासी राजीव तिवारी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट कोंच में वाद दायर किया था कि भवानीशंकर और उनके भाई रामशंकर की गांव के ही चतुर सिंह निवासी परैथा और भगवान सिंह निवासी घनौरा थाना कोतवाली कोंच के साथ साझेदारी में जय बालाजी ट्रैक्टर एजेंसी के नाम से एजेंसी थी। राजीव तिवारी ने आरोप लगाते हुए बताया है कि बीस मार्च 2017 को उनकी एजेंसी से ट्रैक्टर खरीदने की बात हुई थी। इसमें तीन लाख रुपये उसने नकद और शेष किश्तों में देने की बात हुई थी।
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राजीव ने आरोप लगाया कि जब वह ट्रैक्टर लेने गया तो उसे ट्रैक्टर देने में आनाकानी करने लगे। जब उसने रुपये मांगे तो भवानीशंकर ने उसके नाम से एसबीआई बैंक की चेक दे दी। जब उसने चेक को चार मई 2017 को बैंक में लगाई तो खाते में रुपये न होने पर चेक बाउंस हो गई। इस मामले का ट्रायल न्यायिक मजिस्ट्रेट कोंच मोहित निर्वाल की अदालत में चल रहा था। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर अदालत ने भावनीशंकर समेत चारों को दोषी पाते हुए छह माह की सजा सुनाई। साथ ही वादी को तीन लाख रुपये से प्रतिकर देने के निर्देश दिए।
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