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दो पूर्व अध्यक्षों के बीच कांटे की टक्कर तय
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कचहरी परिसर में चुनाव की रणनीति बनाते पदाधिकारी व अधिवक्ता
- फोटो : ORAI
कालपी/आटा। बार एसोसिएशन, कालपी के 10 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए घमासान मचा है। अध्यक्ष पद पर इस बार भी दो दावेदारों अमर सिंह निषाद व रामकुमार तिवारी के बीच कांटे की टक्कर होना तय है। दोनों ही दावेदार पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
चुनाव को लेकर प्रत्याशी अभी से ही मतदाताओं से संपर्क में जुटे हैं। दिन भर कचहरी परिसर में रणनीति बनती है तो शाम को दावेदार कालपी, कदौरा और आटा में रहने वाले मतदाताओं के घरों में जाकर जीत के लिए वोट मांग रहे हैं। हालांकि चुनाव को बारसंघ का है पर इसमें राजनीतिक दलों की भी सक्रियता दिखने से रोचकता बढ़ गई है।
अध्यक्ष पद के पहले दावेदार रामकुमार तिवारी हैं, जो कि चार मर्तबा पहले भी बार संघ अध्यक्ष रह चुके हैं। दूसरे हैं वरिष्ठ अधिवक्ता अमर सिंह निषाद, यह भी एक बार अध्यक्ष रह चुके हैं और बसपा की राजनीति करते हैं, साथ ही पूर्व जिला पंचायत सदस्य भी हैं। दोनों ही प्रत्याशी अपने-अपने वोट बैंक के दम पर जीत का दंभ भर रहे हैं। कुल 133 मतदाता 10 जनवरी को इनमें से किसी को अध्यक्ष पद की कुर्सी सौंपेंगे।
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सिक्का उछालकर भी चुना जा चुका अध्यक्ष
बार एसोसिएशन, कालपी के घमासान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक नहीं बल्कि दो मर्तबा तो अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए अधिकारियों को सिक्का तक उछालना पड़ गया था। पहला मामला तब सामने आया जब अध्यक्ष पद के लिए राजेश व बलराम को बराबर मत मिले तो सिक्का उछालने पर राजेश विजेता बने। इसी तरह सैय्यद इकबाल अहमद और राकेश प्रनामी के बीच भी सिक्का उछल चुका है, जिसमें प्रनामी विजेता चुने गए थे।
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चुनाव को लेकर प्रत्याशी अभी से ही मतदाताओं से संपर्क में जुटे हैं। दिन भर कचहरी परिसर में रणनीति बनती है तो शाम को दावेदार कालपी, कदौरा और आटा में रहने वाले मतदाताओं के घरों में जाकर जीत के लिए वोट मांग रहे हैं। हालांकि चुनाव को बारसंघ का है पर इसमें राजनीतिक दलों की भी सक्रियता दिखने से रोचकता बढ़ गई है।
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अध्यक्ष पद के पहले दावेदार रामकुमार तिवारी हैं, जो कि चार मर्तबा पहले भी बार संघ अध्यक्ष रह चुके हैं। दूसरे हैं वरिष्ठ अधिवक्ता अमर सिंह निषाद, यह भी एक बार अध्यक्ष रह चुके हैं और बसपा की राजनीति करते हैं, साथ ही पूर्व जिला पंचायत सदस्य भी हैं। दोनों ही प्रत्याशी अपने-अपने वोट बैंक के दम पर जीत का दंभ भर रहे हैं। कुल 133 मतदाता 10 जनवरी को इनमें से किसी को अध्यक्ष पद की कुर्सी सौंपेंगे।
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सिक्का उछालकर भी चुना जा चुका अध्यक्ष
बार एसोसिएशन, कालपी के घमासान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक नहीं बल्कि दो मर्तबा तो अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए अधिकारियों को सिक्का तक उछालना पड़ गया था। पहला मामला तब सामने आया जब अध्यक्ष पद के लिए राजेश व बलराम को बराबर मत मिले तो सिक्का उछालने पर राजेश विजेता बने। इसी तरह सैय्यद इकबाल अहमद और राकेश प्रनामी के बीच भी सिक्का उछल चुका है, जिसमें प्रनामी विजेता चुने गए थे।