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Jalaun News: गैर इरादतन हत्या में दो बेटों समेत पिता को दस-दस साल की कैद
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उरई। डेढ़ साल पहले घर के बाहर बैठे वृद्ध के साथ मारपीट कर गैर इरादतन हत्या के मामले में कोर्ट ने पिता व उसके दो पुत्रों को दस-दस साल की सजा सुनाई है। दोषियों पर 33-33 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास काटना पड़ेगा।
आटा थाना कस्बा निवासी हिमांशु ने थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 15 मार्च 2024 की रात साढ़े नौ बजे उसके पिता शिवसिंह घर के बाहर बैठे थे। मोहल्ले के रामसिंह, बेटे संतोष, शीलू के साथ लाडी-डंडा लेकर आए और पिता के साथ मारपीट करने लगे। शोर सुनकर उसके चाचा वीरसिंह व चाची गुड्डन पहुंची और विरोध किया। इस पर तीनों ने उनके साथ भी मारपीट कर दी।
शोर सुनकर मोहल्लेवालों को आता देख हमलावर धमकी देकर चले गए। घायलों को सीएचसी कालपी लाया गया। हालत गंभीर होने से राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर यया गया। शिवसिंह की हालत गंभीर होने पर उसे डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया गया। 3 अप्रैल 2024 में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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पुलिस ने विवेचना में मेडिकल प्रपत्र सहित गवाहों के बयानों के आधार पर गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ोतरी कर कोर्ट में संतोष, शीलू व उनके पिता रामसिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। 19 जुलाई 2025 को सुनवाई पूरी हुई थी। इसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर अपर जिला जज सुरेश चंद्र गुप्ता ने गैर इरादतन हत्या में दोषी पाते हुए पिता व उसके दो पुत्रों को सजा सुनाई। जुर्माने की आधी राशि पीड़ित को देने के आदेश दिए।
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आटा थाना कस्बा निवासी हिमांशु ने थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 15 मार्च 2024 की रात साढ़े नौ बजे उसके पिता शिवसिंह घर के बाहर बैठे थे। मोहल्ले के रामसिंह, बेटे संतोष, शीलू के साथ लाडी-डंडा लेकर आए और पिता के साथ मारपीट करने लगे। शोर सुनकर उसके चाचा वीरसिंह व चाची गुड्डन पहुंची और विरोध किया। इस पर तीनों ने उनके साथ भी मारपीट कर दी।
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शोर सुनकर मोहल्लेवालों को आता देख हमलावर धमकी देकर चले गए। घायलों को सीएचसी कालपी लाया गया। हालत गंभीर होने से राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर यया गया। शिवसिंह की हालत गंभीर होने पर उसे डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया गया। 3 अप्रैल 2024 में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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पुलिस ने विवेचना में मेडिकल प्रपत्र सहित गवाहों के बयानों के आधार पर गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ोतरी कर कोर्ट में संतोष, शीलू व उनके पिता रामसिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। 19 जुलाई 2025 को सुनवाई पूरी हुई थी। इसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर अपर जिला जज सुरेश चंद्र गुप्ता ने गैर इरादतन हत्या में दोषी पाते हुए पिता व उसके दो पुत्रों को सजा सुनाई। जुर्माने की आधी राशि पीड़ित को देने के आदेश दिए।