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Jalaun News: 500 बोरी डीएपी के लिए उमड़े किसान, सैकड़ों लौटे खाली हाथ

Sun, 04 Oct 2026 12:27 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2026 12:27 AM IST
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Farmers flocked to buy 500 bags of DAP, but hundreds returned empty-handed
फोटो- 21 महेवा सहकारी समिति में उमड़ी किसानों की भीड़ को समझाते पुलिस कर्मीं। संवाद
- सरकारी केंद्रों पर अव्यवस्थाओं से बढ़ी परेशानी, किसानों का आरोप-1350 रुपये वाली बोरी बाजार में 1700 रुपये तक बिक रही
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- पुलिस की मौजूदगी में 300 बोरी का हो सका वितरण, पीसीएफ में सत्यापन न होने से नहीं हुआ वितरण

संवाद न्यूज एजेंसी
कालपी। रबी की बुवाई शुरू होने में अभी वक्त है, लेकिन डीएपी खाद को लेकर किसानों की बेचैनी अभी से सामने आने लगी है। शनिवार को महेवा सहकारी समिति में 500 बोरी डीएपी आने की जानकारी मिलते ही क्षेत्रभर के किसान सुबह से ही समिति पहुंचने लगे। कुछ ही देर में परिसर में लंबी कतार लग गई। वितरण शुरू होने पर किसानों को अधिकतम दो-दो बोरी खाद दी गई, लेकिन संख्या अधिक होने के कारण सैकड़ों किसान बिना खाद लिए ही लौट गए। वहीं, पीसीएफ में सत्यापन न हो पाने से खाद का वितरण नहीं हो सका।

महेवा सहकारी समिति में डीएपी वितरण की सूचना मिलते ही दूरदराज के गांवों से भी किसान पहुंच गए। उन्हें उम्मीद थी कि समय रहते खाद मिल जाएगी और बुवाई के दौरान समितियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दोपहर एक बजे पुलिस के पहुंचने के बाद प्रति किसान दो बोरी डीएपी देने की व्यवस्था की गई। इस दौरान 300 बोरी का ही वितरण हो सका। खाद खत्म होने के बाद सैकड़ों किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। समिति पर अभी 200 बोरी खाद उपलब्ध बताई गई है। इधर, पीसीएफ पहुंचे किसानों का मशीन में तकनीकी खराबी के कारण सत्यापन नहीं हो सका। इससे वहां खाद का वितरण नहीं किया गया और किसान मायूस होकर लौट गए।
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बुवाई के समय की परेशानी से पहले ही स्टॉक करना चाहते हैं किसान

किसानों का कहना है कि डीएपी को लेकर हर साल बुवाई के समय परेशानी खड़ी होती है। खाद आने की जानकारी मिलते ही समितियों पर भीड़ जुट जाती है और कई-कई घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद भी बड़ी संख्या में किसानों को खाद नहीं मिल पाती। कई बार अगले दिन फिर लाइन लगानी पड़ती है।
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सरकारी केंद्रों पर नहीं मिली खाद तो बाजार का रुख

सहकारी समितियों पर अव्यवस्थाओं के चलते किसान निजी खाद विक्रेताओं का रुख करने को मजबूर हैं। किसानों का आरोप है कि सरकारी केंद्रों पर खाद की कमी का फायदा बाजार के दुकानदार उठा रहे हैं। किसानों के अनुसार डीएपी की 50 किलोग्राम की बोरी की निर्धारित कीमत करीब 1350 रुपये है, जबकि निजी दुकानों पर यही बोरी करीब 1700 रुपये तक में मिल रही है। करीब 350 रुपये अधिक देकर भी किसान जरूरत के कारण खाद खरीदने को मजबूर हैं।

वर्जन

किसानों की भारी भीड़ के कारण पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी में 300 बोरी खाद का वितरण हो पाया। अभी 200 बोरी उपलब्ध हैं। - प्रभुदयाल, गोदाम प्रभारी


तकनीकी कारणों के चलते किसानों का सत्यापन नहीं हो पाया। इस कारण खाद का वितरण नहीं हो सका है। खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। - धनीराम कुशवाहा, पीसीएफ केंद्र प्रभारी

फोटो- 21 महेवा सहकारी समिति में उमड़ी किसानों की भीड़ को समझाते पुलिस कर्मीं। संवाद

फोटो- 21 महेवा सहकारी समिति में उमड़ी किसानों की भीड़ को समझाते पुलिस कर्मीं। संवाद

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