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लिस गिरफ्त में भी दिखाता रहा नेतागिरी की हनक

Wed, 13 Jan 2021 11:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jan 2021 11:39 PM IST
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Even in the grip of Netaji, it was showing respect
जालौनःमामले के खुलासे से पहले रामबिहीरी के आवास पर लगा उपाध्यक्ष का बोर्ड (मंगलवार की देर रात) - फोटो : ORAI
संवाद न्यूज एजेंसी
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कोंच। किशोरों के यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस मंगलवार की देर रात ही भाजपा नेता रामबिहारी को पूछताछ के लिए कोतवाली ले आई थी। कोतवाली में देर रात से लेकर बुधवार की सुबह जिस वक्त उसे कोरोना जांच के लिए सीएचसी ले जाया गया, सफेद पैंट शर्ट और जैकेट पहने राम बिहारी बार-बार पुलिस पर नजरें तरेरता रहा। कभी किसी सिपाही तो कभी किसी दरोगा से कहता कि यह ठीक नहीं हो रहा, उसके साथ। मीडिया के सामने भी उसके चेहरे पर कोई सिकन नहीं थी। उसने साफ कहा कि उस पर लगे सभी आरोप निराधार है और उसे फंसाया जा रहा है। रम बिहारी के पकड़े जाने से लेकर उसे कोरोना जांच के लिए और कोर्ट भेजे जाने तक एक भी भाजपाई उसके आसपास नजर नहीं आया। अलबत्ता पूरे दिन पार्टी नेताओं के बीच रामबिहारी का मामला ही चर्चा का केंद्र रहा। कोई फोन पर एक दूसरे तो कोई चाय पान की दुकानों पर राम बिहारी के बारे में ही बातें करता दिखाई दे रहा था। इधर, पूरे दिन कोतवाली पर पीड़ित किशोरों के परिजनों के साथ-साथ इलाकाई लोगों की भीड़ भी डटी रही।
- लैपटाप से सामने आ सकते हैं और भी गुनाह
पुलिस फिलहाल यौन उत्पीड़न के दो ही मामले मानकर मामले में ंकार्रवाई कर रही है। लेकिन अधिकारी इससे भी इंकार नहीं कर रहे हैं कि यह संख्या यही रुकेगी। माना जा रहा है कि लैपटॉप, डीवीआर और हार्ड डिस्क की एक्सपर्ट से साधानी पूर्वक जांच कराई जाएगी। जिससे न सिर्फ इन दोनों दर्ज मामलों के सबूत ही हाथ लगेंगे बल्कि ऐसे अन्य मामलों के भी खुलासे हो सकते हैं।
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सेवानिवृत्त होते ही बड़े नेताओं ने कराई इंट्री
पार्टी के नेताओं ने बताया कि राम बिहारी 2017 में लेखपाल की नौकरी से सेवानिवृत्त हुआ था। इसके बाद ही नगर के कुछ बड़े नेताओं ने ही उसकी इंट्री सीधे भाजपा में कराई थी। कुछ दिन बूथ स्तर पर सक्रिय रहने के बाद अचानक वह नगर संगठन से जुड़ गया। चर्चा है कि वह नगर संगठन के नेताओं का काफी करीबी था और अक्सर तीर्थ यात्राओं पर जाने के लिए बड़े नेताओं को गाड़ियां भी उपलब्ध कराता था।
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सुबह होते ही मकान से हट गया उपाध्यक्ष का बोर्ड
राम बिहारी पर लगे आरोपों का मामला तूल पकड़ते ही पार्टी में भी हड़कंप की स्थिति रही, कई नेता तो यह कहते रहे कि वह अब पार्टी में है ही नहीं, आनन-फानन में उसके हाथ का 18 दिसंबर को लिखा गया इस्तीफे का पत्र भी सोशल मीडिया में वायरल किया गया। इतना ही नहीं मंगलवार की देर रात तक राम बिहारी के मकान के बाहर लगा नगर उपाध्यक्ष का बोर्ड भी बुधवार की सुबह नदारद दिखाई दिया।

पर्दों से ढ़का रहता था बिहारी का राठौर भवन
राम बिहारी के मकान में राठौर भवन लिखा हुआ है। उसके मुख्य द्वार पर दो चैनल और एक खिड़की है। जिस पर हमेशा ही पर्दा टंगा रहता था। जिससे कि मकान के भीतर की गतिविधि बाहर किसी को पता न चल सके। जिस कारण कभी मोहल्ले के लोगों को भी उसकी करतूतों पर संदेह नहीं हुआ। इलाकाई लोगों के मुताबिक पूर्व लेखपाल के घर लड़के आते जाते तो देखे जाते थे।
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