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Jalaun News: पूरे हुए कामों की दोबारा निविदाएं निकालने पर घेरे में आए ईओ
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उरई। पूरे हुए कामों की फिर से निविदाएं निकालने पर नगर पालिका उरई के अधिशासी अधिकारी फंस गए हैं।
डीएम की रिपोर्ट के बाद शासन ने उनके खिलाफ जांच बैठा दी है। इसकी जिम्मेदारी लखनऊ में ही उप निदेशक को सौंपी गई है। वह यहां आकर मामले की जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। इसके अलावा भी कई बिंदु हैं, जो जांच में शामिल रहेंगे।
डीएम राजेश कुमार पांडेय ने 18 नंवबर को नगर पालिका ईओ विमलापति के खिलाफ शासन को पत्र लिखा था। इसमें विवादों को देखते हुए मुख्य वजह अपने कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं रखना बताया गया। इसके साथ ही पूरे हो गए कामों पर बंदरबाट करने, 2021 से अभी तक राज्य वित्त के 20 काम पूरे नहीं किए जाने आदि पर भी डीएम नाराजगी जाहिर कर चुके थे। डीएम राजेश कुमार की रिपोर्ट पर नगर निकाय के निदेशालय ने संज्ञान लिया। निदेशक डॉ. नितिन बंसल ने 22 दिसंबर को पत्र डीएम को भेजकर ईओ को दोषी बताया और जवाब भी मांगा। जांच के लिए उप निदेशक को नामित किया गया है।
कामों में लापरवाही करना, उदासीनता बरतना, जनसमस्याओं में रुचि न दिखाना, फरियादियों को संतुष्ट न कर पाना, योजनाओं को सही ढंग से न पहुंचाना, बिना किसी जानकारी के जिले से बाहर रहना, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लापरवाही बरतना, नगर में सफाई व्यवस्था में उदासीनता, कर्मचारियों पर लगाम नहीं होना, राज्य वित्त आयोग के 20 काम अभी तक पूरे नहीं किया जाना, राजस्व वसूली लक्ष्य से लगातार कम करना। इसके साथ ही अमृत योजना फेज -2 के तहत रामकुंड तालाब का अभी तक जीर्णाेद्धार के लिए बजट की पहली किस्त आने के बाद भी निविदा प्रक्रिया नहीं किया जाना।
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लगातार ईओ के द्वारा लापरवाही बरती जा रही थी। आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसके बाद शासन को रिपोर्ट भेजी गई। शासन से कार्रवाई हुई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। -विशाल यादव, एडीएम नमामि गंगे
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डीएम की रिपोर्ट के बाद शासन ने उनके खिलाफ जांच बैठा दी है। इसकी जिम्मेदारी लखनऊ में ही उप निदेशक को सौंपी गई है। वह यहां आकर मामले की जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। इसके अलावा भी कई बिंदु हैं, जो जांच में शामिल रहेंगे।
डीएम राजेश कुमार पांडेय ने 18 नंवबर को नगर पालिका ईओ विमलापति के खिलाफ शासन को पत्र लिखा था। इसमें विवादों को देखते हुए मुख्य वजह अपने कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं रखना बताया गया। इसके साथ ही पूरे हो गए कामों पर बंदरबाट करने, 2021 से अभी तक राज्य वित्त के 20 काम पूरे नहीं किए जाने आदि पर भी डीएम नाराजगी जाहिर कर चुके थे। डीएम राजेश कुमार की रिपोर्ट पर नगर निकाय के निदेशालय ने संज्ञान लिया। निदेशक डॉ. नितिन बंसल ने 22 दिसंबर को पत्र डीएम को भेजकर ईओ को दोषी बताया और जवाब भी मांगा। जांच के लिए उप निदेशक को नामित किया गया है।
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कामों में लापरवाही करना, उदासीनता बरतना, जनसमस्याओं में रुचि न दिखाना, फरियादियों को संतुष्ट न कर पाना, योजनाओं को सही ढंग से न पहुंचाना, बिना किसी जानकारी के जिले से बाहर रहना, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लापरवाही बरतना, नगर में सफाई व्यवस्था में उदासीनता, कर्मचारियों पर लगाम नहीं होना, राज्य वित्त आयोग के 20 काम अभी तक पूरे नहीं किया जाना, राजस्व वसूली लक्ष्य से लगातार कम करना। इसके साथ ही अमृत योजना फेज -2 के तहत रामकुंड तालाब का अभी तक जीर्णाेद्धार के लिए बजट की पहली किस्त आने के बाद भी निविदा प्रक्रिया नहीं किया जाना।
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लगातार ईओ के द्वारा लापरवाही बरती जा रही थी। आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसके बाद शासन को रिपोर्ट भेजी गई। शासन से कार्रवाई हुई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। -विशाल यादव, एडीएम नमामि गंगे