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Jalaun News: पुराने यमुना पुल पर भारी वाहनों की होगी एंट्री बंद

Tue, 19 May 2026 12:32 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 May 2026 12:32 AM IST
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Entry of heavy vehicles will be closed on the old Yamuna bridge
फोटो- 09 दुर्गा मंदिर के सामने वैकल्पिक मार्ग बनाते कर्मचारी। संवाद
कालपी। कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कालपी के पुराने यमुना पुल की बियरिंग खराब हो चुकी है। पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी निभा रही कंपनी एनएचआईटी ने मरम्मत की तैयारी कर ली है। कंपनी के जिम्मेदारों की माने तो 21 मई तक कभी पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई जा सकती है। अगले कुछ महीनों तक ट्रक और बस जैसे भारी वाहन पुराने पुल से नहीं गुजर सकेंगे, जबकि छोटे वाहनों का आवागमन जारी रहेगा। एक-दो दिन में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। नई व्यवस्था के तहत भारी वाहनों को दुर्गा मंदिर के सामने से डायवर्ट कर नए यमुना पुल की ओर भेजा जाएगा। इसके लिए प्रशासन और संबंधित एजेंसी ने डिवाइडर तोड़कर वैकल्पिक रास्ता लगभग तैयार कर दिया है।
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कालपी का पुराना यमुना पुल ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। कानपुर और झांसी को जोड़ने वाले इस पुल की आधारशिला अस्सी के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रखी थी। वर्ष 1980 में तत्कालीन ऊर्जा मंत्री राजा रणजीत सिंह जूदेव ने इसका उद्घाटन किया था। तब से यह पुल पूर्व से पश्चिम दिशा के यातायात का मुख्य माध्यम बना हुआ है। प्रतिदिन 50 हजार वाहन यहां से गुजरते हैं।
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हालांकि वर्षों से लगातार बढ़ते दबाव और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही ने पुल की संरचना पर असर डाला है। वर्ष 2015 में भी ओवरलोडिंग के कारण पुल की एक बीम चटक गई थी। इसके बाद करीब छह माह तक मरम्मत कार्य चला था। उस समय पुल की मरम्मत करने वाली कंपनी ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि मानक से अधिक भार वाले वाहनों का संचालन रोका जाए, अन्यथा भविष्य में गंभीर खतरा हो सकता है।
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कुछ समय बाद फिर भारी वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई। अब एक बार फिर पुल में तकनीकी खामियां सामने आने के बाद एनएचआईटी कंपनी ने इसे गंभीरता से लेते हुए मरम्मत कार्य शुरू करने का निर्णय लिया है।

नई व्यवस्था से बढ़ सकती है जाम की समस्या

नई यातायात व्यवस्था लागू होने के बाद शहर और हाईवे पर जाम की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। जिस स्थान से भारी वाहनों को नए पुल की ओर मोड़ा जाएगा, वहीं से तरीबुल्दा और हीरापुर बालू घाट के लिए भी ट्रकों की आवाजाही होती है। दिनभर बड़ी संख्या में ओवरलोड और बालू से भरे ट्रक गुजरने के कारण यहां पहले से दबाव रहता है। ऐसे में अब भारी वाहनों का अतिरिक्त दबाव बढ़ने पर जाम की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सड़क को दो हिस्सों में बांटकर यातायात नियंत्रित करने की तैयारी की गई है, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि ट्रैफिक प्रबंधन प्रभावी नहीं रहा तो आने वाले दिनों में राहगीरों और वाहन चालकों को लंबी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।


वर्जन

पुल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बियरिंग की मरम्मत के लिए 21 मई तक कभी भी पुल भारी वाहनों के लिए बंद किया जा सकता है। फिलहाल केवल छोटे वाहनों को ही पुराने पुल से गुजरने दिया जाएगा। ट्रक और बसों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जाएगा। मरम्मत कार्य पूरा होने में कुछ माह लग सकते हैं।

- उत्तम सिंह, परियोजना प्रमुख, एनएचआईटी
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