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Jalaun News: श्मशान घाट न होने से सड़क किनारे करना पड़ा वृद्धा का अंतिम संस्कार
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कोंच। विकासखंड के बीहड़ पट्टी के गांव गिदवासा में श्मशान घाट की व्यवस्था न होने से शुक्रवार को एक वृद्धा का अंतिम संस्कार सड़क किनारे करना पड़ा। बारिश के बीच परिजनों और ग्रामीणों ने काफी तलाश की, लेकिन उचित स्थान नहीं मिलने पर कोंच-नदीगांव मार्ग किनारे अंतिम संस्कार किया गया।
गांव निवासी 63 वर्षीय रामश्री की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजन परेशान रहे। रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच खुले मैदान में चिता की लकड़ियां भीगती रहीं। कई घंटों की मशक्कत के बाद अंतिम संस्कार पूरा हो सका।
ग्रामीणों जनक कुशवाहा, लल्लू, राघवेंद्र और दिनेश ने बताया कि गिदवासा ही नहीं, बल्कि भखरोल, कुरचौली डांग, खजुरी समेत 12 से अधिक गांवों में श्मशान घाट की व्यवस्था नहीं है। इसका मुख्य कारण क्षेत्र में चकबंदी न होना बताया जा रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में चकबंदी के दौरान इन गांवों को शामिल नहीं किया गया था, जिसके कारण श्मशान घाट, कब्रिस्तान और खेल मैदान जैसी सार्वजनिक जमीन चिन्हित नहीं हो सकी।
राजस्व निरीक्षक चंदन सिंह ने बताया कि चकबंदी न होने के कारण श्मशान घाट के लिए भूमि चिन्हित नहीं हो पाई है। क्षेत्र के कई गांवों में यही समस्या बनी हुई है। (संवाद)
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गांव निवासी 63 वर्षीय रामश्री की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजन परेशान रहे। रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच खुले मैदान में चिता की लकड़ियां भीगती रहीं। कई घंटों की मशक्कत के बाद अंतिम संस्कार पूरा हो सका।
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ग्रामीणों जनक कुशवाहा, लल्लू, राघवेंद्र और दिनेश ने बताया कि गिदवासा ही नहीं, बल्कि भखरोल, कुरचौली डांग, खजुरी समेत 12 से अधिक गांवों में श्मशान घाट की व्यवस्था नहीं है। इसका मुख्य कारण क्षेत्र में चकबंदी न होना बताया जा रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में चकबंदी के दौरान इन गांवों को शामिल नहीं किया गया था, जिसके कारण श्मशान घाट, कब्रिस्तान और खेल मैदान जैसी सार्वजनिक जमीन चिन्हित नहीं हो सकी।
राजस्व निरीक्षक चंदन सिंह ने बताया कि चकबंदी न होने के कारण श्मशान घाट के लिए भूमि चिन्हित नहीं हो पाई है। क्षेत्र के कई गांवों में यही समस्या बनी हुई है। (संवाद)