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तंबाकू-बीड़ी से मुक्ति के लिए कमरा नंबर 14
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उरई। तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट के सेवन से कैंसर समेत कई बीमारियां शरीर को जकड़ लेती हैं। नशे के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। कोरोना काल में इनका सेवन और भी नुकसानदायक है। धूम्रपान करने वाले अपने साथ ही आसपास रहने वालों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। धूम्रपान करने वाले के फेफड़े तक केवल 30 फीसदी धुआं पहुंचता है। बाकी 70 फीसदी धुआं निकटतम लोगों को प्रभावित करता है।
हर साल 31 मई को तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की शुरुआत 1987 में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की गई थी। इस साल की थीम विजेता बनने के लिए तंबाकू छोड़े रखी गई है। सीएमओ डॉ ऊषा सिंह ने बताया कि तंबाकू और बीड़ी-सिगरेट का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। एसीएमओ व गैर संचारी रोग के नोडल अधिकारी डॉ वीरेंद्र सिंह बताते है कि धूम्रपान से सांस लेने की प्रक्रिया को नुकसान पहुँचता है। कोरोना वायरस गले और सबसे अधिक फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में कोरोना वायरस जल्दी घातक रूप ले लेता है। उन्होंने सेकंड हैंड स्मोकिंग को ज्यादा खतरनाक बताया। जिला अस्पताल में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के काउंसलर महेश कुमार ने बताया कि जो लोग तंबाकू या बीड़ी से मुक्ति पाना चाहते हैं उनके लिए यहां कमरा नंबर 14 पर सलाह ले सकते है। फिलहाल यह सुविधा कोरोना संक्रमण कि वजह से बाधित है। साल 2020-21 में 1149 लोगों की काउंसलिंग की गई, इसमें से 63 लोगों तंबाकू से मुक्ति पा ली है।
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फोटो-3-अजनारी में नशामुक्ति अभियान को संबोधित करते कोतवाली प्रभारी विनोद पांडेय। संवाद
नशे का सेवन न करने की ग्रामीणों ने ली शपथ
उरई। तंबाकू नशा मुक्त दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को डकोर ब्लॉक के ग्राम अजनारी में प्रधान साधना कुशवाहा के आवास पर व्यसन मुक्ति का कार्यक्रम किया गया। इसमें कई ग्रामीणों ने नशा न करने का संकल्प लिया।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कोतवाली प्रभारी विनोद पांडेय ने नशा, सट्टा जुआ आदि मादक पदार्थों का सेवन न करने की शपथ दिलाते हुए कहा कि मादक पदार्थों के सेवन करने से परिवार तबाह हो जाता है। इसलिए आज सभी लोग शपथ ले कि नशा नहीं करेंगे तथा दूसरों को भी नशा न करने के लिए प्रेरित करेंगे। नशे के कारोबारियों और गलत काम करने वालों की सूचना दें। ताकि पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई कर सके। एडवोकेट अखिल ने ग्रामीणों को कानूनी जानकारियां दी। नवनिर्वाचित प्रधान पति राकेश कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने गांव को आदर्श और नशामुक्त गांव बनाने का संकल्प लिया है। इस दौरान मुकेश दाऊ, मनोज कुशवाहा, आरपी दुबे आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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हर साल 31 मई को तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की शुरुआत 1987 में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की गई थी। इस साल की थीम विजेता बनने के लिए तंबाकू छोड़े रखी गई है। सीएमओ डॉ ऊषा सिंह ने बताया कि तंबाकू और बीड़ी-सिगरेट का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। एसीएमओ व गैर संचारी रोग के नोडल अधिकारी डॉ वीरेंद्र सिंह बताते है कि धूम्रपान से सांस लेने की प्रक्रिया को नुकसान पहुँचता है। कोरोना वायरस गले और सबसे अधिक फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में कोरोना वायरस जल्दी घातक रूप ले लेता है। उन्होंने सेकंड हैंड स्मोकिंग को ज्यादा खतरनाक बताया। जिला अस्पताल में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के काउंसलर महेश कुमार ने बताया कि जो लोग तंबाकू या बीड़ी से मुक्ति पाना चाहते हैं उनके लिए यहां कमरा नंबर 14 पर सलाह ले सकते है। फिलहाल यह सुविधा कोरोना संक्रमण कि वजह से बाधित है। साल 2020-21 में 1149 लोगों की काउंसलिंग की गई, इसमें से 63 लोगों तंबाकू से मुक्ति पा ली है।
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फोटो-3-अजनारी में नशामुक्ति अभियान को संबोधित करते कोतवाली प्रभारी विनोद पांडेय। संवाद
नशे का सेवन न करने की ग्रामीणों ने ली शपथ
उरई। तंबाकू नशा मुक्त दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को डकोर ब्लॉक के ग्राम अजनारी में प्रधान साधना कुशवाहा के आवास पर व्यसन मुक्ति का कार्यक्रम किया गया। इसमें कई ग्रामीणों ने नशा न करने का संकल्प लिया।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कोतवाली प्रभारी विनोद पांडेय ने नशा, सट्टा जुआ आदि मादक पदार्थों का सेवन न करने की शपथ दिलाते हुए कहा कि मादक पदार्थों के सेवन करने से परिवार तबाह हो जाता है। इसलिए आज सभी लोग शपथ ले कि नशा नहीं करेंगे तथा दूसरों को भी नशा न करने के लिए प्रेरित करेंगे। नशे के कारोबारियों और गलत काम करने वालों की सूचना दें। ताकि पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई कर सके। एडवोकेट अखिल ने ग्रामीणों को कानूनी जानकारियां दी। नवनिर्वाचित प्रधान पति राकेश कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने गांव को आदर्श और नशामुक्त गांव बनाने का संकल्प लिया है। इस दौरान मुकेश दाऊ, मनोज कुशवाहा, आरपी दुबे आदि मौजूद रहे। (संवाद)