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Jalaun News: दहेज न मिलने पर वर्ष 2006 में सरिया मारकर की थी हत्या
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उरई। करीब 17 साल पहले निर्मम तरीके से पत्नी की हत्या करने के आरोपी पति और उसके चाचा को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों की गिरफ्तारी कानपुर देहात जिले के भोगनीपुर थाना क्षेत्र के माचा से की गई है। बुधवार को एसपी ने मामले का खुलासा किया। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि सोमवार को शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बंबी रोड राजेंद्र नगर निवासी विष्णु सैन ने जनसुनवाई के दौरान तहरीर दी थी। तहरीर में बताया था कि उसकी बहन मंजू का विवाह वर्ष 2005 में इंदिरानगर निवासी संतोष के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही बहन का पति और ससुराली उसे दहेज के लिए परेशान कर रहे थे। वर्ष 2006 में बहन-बहनोई अचानक लापता हो गए। तहरीर के साथ ही उसने एक ऑडियो भी पुलिस को सौंपा था। इसमें उसका बहनोई संतोष अपने मित्र मथुरा प्रसाद कुशवाहा से मंजू की हत्या करने की बात कर रहा था। एसपी ने इस मामले में सीओ सिटी को जांच सौंपी थी। पुलिस ने ऑडियो के आधार पर जब कई लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी चाचा-भतीजे कानपुर देहात के भोगनीपुर थाना क्षेत्र के माचा गांव में रह रहे हैं। बुधवार को कोतवाली पुलिस ने माचा से संतोष और उसके चाचा रामहेत को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल भी बरामद किए हैं। बातचीत का जो ऑडियो मंजू के भाई ने पुलिस को सौंपा था, वह रिकार्डिंग उसके मोबाइल में भी मिली है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन लोगों ने मंजू की हत्या करने के बाद शव को कालपी के एक कब्रिस्तान में फेक दिया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त सरिया भी आरोपियों के घर से बरामद किया है। सीओ सिटी गिरजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि संतोष ने शादी के दो साल बाद ही पत्नी की हत्या कर दी थी। इसलिए आरोपियों की न्यायालय से रिमांड भी मिल गई है।
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एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि सोमवार को शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बंबी रोड राजेंद्र नगर निवासी विष्णु सैन ने जनसुनवाई के दौरान तहरीर दी थी। तहरीर में बताया था कि उसकी बहन मंजू का विवाह वर्ष 2005 में इंदिरानगर निवासी संतोष के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही बहन का पति और ससुराली उसे दहेज के लिए परेशान कर रहे थे। वर्ष 2006 में बहन-बहनोई अचानक लापता हो गए। तहरीर के साथ ही उसने एक ऑडियो भी पुलिस को सौंपा था। इसमें उसका बहनोई संतोष अपने मित्र मथुरा प्रसाद कुशवाहा से मंजू की हत्या करने की बात कर रहा था। एसपी ने इस मामले में सीओ सिटी को जांच सौंपी थी। पुलिस ने ऑडियो के आधार पर जब कई लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी चाचा-भतीजे कानपुर देहात के भोगनीपुर थाना क्षेत्र के माचा गांव में रह रहे हैं। बुधवार को कोतवाली पुलिस ने माचा से संतोष और उसके चाचा रामहेत को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल भी बरामद किए हैं। बातचीत का जो ऑडियो मंजू के भाई ने पुलिस को सौंपा था, वह रिकार्डिंग उसके मोबाइल में भी मिली है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन लोगों ने मंजू की हत्या करने के बाद शव को कालपी के एक कब्रिस्तान में फेक दिया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त सरिया भी आरोपियों के घर से बरामद किया है। सीओ सिटी गिरजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि संतोष ने शादी के दो साल बाद ही पत्नी की हत्या कर दी थी। इसलिए आरोपियों की न्यायालय से रिमांड भी मिल गई है।
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