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नहरें और तालाब सूखे, नदी का सहारा
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sun, 03 Apr 2016 11:23 PM IST
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अमरोहा के कूबी गांव में पानी का सैंपल लेते जल निगम के टेक्निशियन।
- फोटो : amar ujala
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गर्मी शुरू होते ही बीहड़ पट्टी केे गांवों में पानी की समस्या गहराने लगी है। माधौगढ़, कोंच, नदीगांव, जालौन और उरई के कई क्षेत्रों में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। स्थिति यह है कि सुबह से पानी को लेकर जद्दोजहद शुरू हो जाती है और देर शाम तक पानी ढोने का सिलसिला जारी रहता है। की गांवों के लोगों के लिए तो पहूज नदी सहारा बनी है।
दूर-दर से ग्रामीण बाल्टी डिब्बे लेकर सुबह से ही नदी की ओर निकल पड़ते हैं। अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान न कराया गया तो आने वाले दिनों में क्या स्थिति बनेगी, इसकी कल्पना ही सिहरा देती है। हालांकि इस संदर्भ में जिम्मेदार अफसरों को अवगत करा दिया गया है। मगर अभी तक उनकी तरफ से न तो कोई उचित कदम उठाया गया है और
न ही इस ओर कोई पहल की गई है। विशेषकर एमपी के बार्डर वाले गांवों तक सरकार की योजनाओं का कोई लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। यहां नलकूप आदि भी बेकार हो चुके हैं, नहरें और तालाब सूख चुके हैं। इससे लोगों को पानी के लिए खासी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों जिलाधिकारी से समस्या का समाधान कराए जाने की मांग की है। पेश है एक रिपोर्ट-
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पहूज नदी है सहारा
माधौगढ़ क्षेत्र के एमपी से सटे गांवों में पानी की समस्या दिनोंदिन गहराती जा रही है। यहां पर लोगों के लिए एक मात्र सहारा पहूज नदी है, जहां से वे जरूरत भर का पानी भरकर
लाते हैं। सुबह से ही साइकिलों व बाइकों पर बाल्टी व डिब्बे टांगे लोगों की भीड़ पहूज नदी की ओर जाती नजर आने लगती है। यह कोई नई बात नहीं है, काफी समय से ग्रामीण इससे जूझ रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
हैंडपंपों ने भी दिया जवाब
एमपी से सटे गांव अतरेहटी, अतरौली, मड़ैला, छुटका की खोड़, बुढ़ा, अहवासन का पुरा समेत आदि गांव ऐसे हैं, जहां काफी समय से हैंडपंप खराब पडे़ हैं, जबकि गर्मी शुरू हो गई है। जो इक्का, दुक्का सही हैं, कभी भी वह जवाब दे सकते हैं। ऐसा नहीं है कि इस बारे में लोगों ने ग्राम प्रधान से लेकर सचिव व अन्य अफसरों को जानकारी न दी हो, लेकिन उन्होंने इसे अनसुना कर दिया। लिहाजा समस्या गंभीर बनती जा रही है।
टैंकर रखवाने की मांग
माधौगढ़ के ग्रामीण लालजी सिंह, कृष्णपाल सिंह, दुर्गाप्रसाद ने गर्मी में पानी की समस्या को दूर करने के लिए जिला प्रशासन से पानी का टैंकर गांव में रखवाए जाने की मांग की है। इनका कहना है कि टैंकर की व्यवस्था नहीं की गई तो गांवों में पानी का संकट और गंभीर हो जाएगा।
टैंकर योजना भी फेल
जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने के लिए टैंकरों की व्यवस्था करने की बात कही गई थी लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। कुछ गांवों में टैंकर भेजे भी गए तो उन गांवों में प्रधानों ने टैंकर भरवाने और सप्लाई करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि इसके लिए सरकार से कोई पैसा नहीं दिया गया है।
वर्जन
गर्मी को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जहां पर हैंडपंप खराब हैं अथवा रिबोर केे इंतजार हैं, उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।- एसपी अग्रवाल, एसडीएम
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दूर-दर से ग्रामीण बाल्टी डिब्बे लेकर सुबह से ही नदी की ओर निकल पड़ते हैं। अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान न कराया गया तो आने वाले दिनों में क्या स्थिति बनेगी, इसकी कल्पना ही सिहरा देती है। हालांकि इस संदर्भ में जिम्मेदार अफसरों को अवगत करा दिया गया है। मगर अभी तक उनकी तरफ से न तो कोई उचित कदम उठाया गया है और
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न ही इस ओर कोई पहल की गई है। विशेषकर एमपी के बार्डर वाले गांवों तक सरकार की योजनाओं का कोई लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। यहां नलकूप आदि भी बेकार हो चुके हैं, नहरें और तालाब सूख चुके हैं। इससे लोगों को पानी के लिए खासी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों जिलाधिकारी से समस्या का समाधान कराए जाने की मांग की है। पेश है एक रिपोर्ट-
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पहूज नदी है सहारा
माधौगढ़ क्षेत्र के एमपी से सटे गांवों में पानी की समस्या दिनोंदिन गहराती जा रही है। यहां पर लोगों के लिए एक मात्र सहारा पहूज नदी है, जहां से वे जरूरत भर का पानी भरकर
लाते हैं। सुबह से ही साइकिलों व बाइकों पर बाल्टी व डिब्बे टांगे लोगों की भीड़ पहूज नदी की ओर जाती नजर आने लगती है। यह कोई नई बात नहीं है, काफी समय से ग्रामीण इससे जूझ रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
हैंडपंपों ने भी दिया जवाब
एमपी से सटे गांव अतरेहटी, अतरौली, मड़ैला, छुटका की खोड़, बुढ़ा, अहवासन का पुरा समेत आदि गांव ऐसे हैं, जहां काफी समय से हैंडपंप खराब पडे़ हैं, जबकि गर्मी शुरू हो गई है। जो इक्का, दुक्का सही हैं, कभी भी वह जवाब दे सकते हैं। ऐसा नहीं है कि इस बारे में लोगों ने ग्राम प्रधान से लेकर सचिव व अन्य अफसरों को जानकारी न दी हो, लेकिन उन्होंने इसे अनसुना कर दिया। लिहाजा समस्या गंभीर बनती जा रही है।
टैंकर रखवाने की मांग
माधौगढ़ के ग्रामीण लालजी सिंह, कृष्णपाल सिंह, दुर्गाप्रसाद ने गर्मी में पानी की समस्या को दूर करने के लिए जिला प्रशासन से पानी का टैंकर गांव में रखवाए जाने की मांग की है। इनका कहना है कि टैंकर की व्यवस्था नहीं की गई तो गांवों में पानी का संकट और गंभीर हो जाएगा।
टैंकर योजना भी फेल
जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने के लिए टैंकरों की व्यवस्था करने की बात कही गई थी लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। कुछ गांवों में टैंकर भेजे भी गए तो उन गांवों में प्रधानों ने टैंकर भरवाने और सप्लाई करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि इसके लिए सरकार से कोई पैसा नहीं दिया गया है।
वर्जन
गर्मी को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जहां पर हैंडपंप खराब हैं अथवा रिबोर केे इंतजार हैं, उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।- एसपी अग्रवाल, एसडीएम