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Jalaun News: पेयजल योजना अधूरी, पानी खरीदकर प्यास बुझा रहे अकोढ़ीवासी

Thu, 28 Mar 2024 02:45 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 Mar 2024 02:45 AM IST
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Drinking water scheme incomplete, Akodi residents quenching thirst by buying water
आटा। नमामि गंगे योजना अधूरी पड़ी है। गांव में लगे अधिकांश सरकारी हैंडपंप खराब हैं। जिससे मजबूरी में लोगों को पानी खरीद कर प्यास बुझानी पड़ रही है। जिम्मेदार शीघ्र समस्या समाधान का भरोसा दे रहे हैं।
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कदौरा ब्लॉक का अकोढ़ी गांव इस समय पानी की समस्या से जूझ रहा है। गर्मी आने से पहले ही हैंडपंप पानी मांगने लगे हैं। जो पानी दे रहे हैं। किसी में गंदा निकल रहा है। तीन हजार आबादी के बीच कुछ साल पहले गांव में 18 सरकारी हैंडपंप लगाए गए थे। 14 हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं। इसमें कई का रिबोर होना है। बाकी हैंडपंप पानी देने में कंजूसी कर रहे हैं। इसके चलते गांव के लोग मजबूरी में पानी खरीद रहे हैं। जिन घरों में सबमर्सिबल लगी हुई हैं। वह हर महीने 200 रुपये लेकर पानी को बेचते हैं। ग्रामीण भी मजबूरी में प्यास बुझाने के लिए कई साल से ये रकम अदा कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जो हैंडपंप लगे हैं। उनसे सबकी जरूरत पूरी नहीं हो रही है। आसपास कोई कुआं भी नहीं है। इसके चलते पानी की बड़ी समस्या इस गांव में हर मौसम में रहती है। उन्होंने बताया कि प्रधान लालू गिहार को कई बार शिकायत की। उन्होंने भी कोई प्रयास नहीं किए।
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नमामि गंगे योजना धरातल पर नहीं उतर सकी

गांव में डेढ़ साल पहले नमामि गंगे योजना के तहत पाइप लाइन बिछाई गई थी। एक पंप हाउस का निर्माण हुआ। लेकिन टंकी का निर्माण नहीं हो सका। टंकी के निर्माण के लिए जो सामग्री आई। उसको भी कर्मचारी उठा ले गए। लाइन तो हर घर बिछ गई। लेकिन टंकी का निर्माण नहीं हो पाने से योजना धरातल पर नहीं पहुंच पा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की कोई दूसरा साधन नहीं है। अगर टंकी का निर्माण हो जाए तो बड़ी सहूलियत मिलेगी।
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ये खराब हैंडपंप



- गांव में स्थित दुर्गा माता मंदिर पर लगा हैंडपंप

- गंगाराम के दरवाजे का पास लगा हैंडपंप



- रामबली के दरवाजे के पास लगा हैंडपंप

- लक्ष्मी नारायण तिवारी के दरवाजे लगा हैंडपंप



- स्वामीदीन के दरवाजे पर लगा हैंडपंप

-कुलदीप यादव के दरवाजे लगा हैंडपंप



- अमरसिंह के दरवाजे लगा हैंडपंप

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पहले जमा करने होते हैं रुपये

प्रभा देवी ने बताया कि अगर पानी नहीं खरीदे तो प्यासे से मर जाएंगे। इसलिए हर महीने की कमाई में ये रकम जोड़ने पड़ती है। उनकी तरफ तो पानी मिल रहा गांव के पीछे की आबादी को बड़ी समस्या हो रही है।



टंकी का कभी नहीं हुआ निर्माण
रवि कुमार ने बताया कि पानी के लिए हैंडपंप के अलावा कोई साधन नहीं है। नमामि गंगे योजना के तहत अगर टंकी बन जाती तो शायद पानी के संकट से इस साल उनका गांव निकल आता।


कोटपानी की समस्या की जानकारी नहीं थी। जो हैंडपंप लगे हुए हैं। उनको ठीक करवाया जाएगा। जो रिबोर के लिए हैं। उनका रिबोर करवाया जाएगा।

प्रतिभा शाल्या, बीडीओ कदौरा




नमामि गंगे का जो काम चल रहा था। उसको कुछ महीने के लिए बंद कर दिया गया था। उसको अप्रैल से फिर से काम शुरू होगा।



अंचल गुप्ता, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण
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