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कहीं जान न ले लें झूलते तार
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Fri, 11 Dec 2015 11:30 PM IST
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शहर मे झूल रहे जर्जर तारों की समस्या खत्म नहीं हो रही है। स्थिति यह है
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कि आएदिन इनके टूटने से बत्ती गुल होने से लोगों को असुविधा झेलनी पड़ती
है। शहर के मोहल्ला नया राम नगर में काफी समय से जर्जर तार झूल रहे हैं।
येछतों व छज्जों को छूकर भी निकले हैं, जो अक्सर टूट जाते हैं। इससे कभी भी
बड़ा हादसा होने से किसी की जान भी जा सकती है।
बिजली विभाग की ओर से शहर में जर्जर तारों को ठीक कराए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। मोहल्ला नया रामनगर अकेला मात्र एक मोहल्ला नहीं हैं, जहां पर जर्जर तार झूल रहे हों। इसकेे अलावा भी कई मोहल्लों में वर्षों से जर्जर तारों का संजाल फैला है। ऐसा नहीं है कि इस बाबत बिजली विभाग के अधिकारियों को अवगत न कराया
गया हो लेकिन बावजूद इसके समस्या जस की तस है। नया राम नगर निवासी शिक्षक संदीप मिश्रा, सत्येंद्र मिश्रा, श्याम जी, आशुतोष कुमार, अंकुर परिहार, दीपू द्विवेदी, सौरभ याज्ञिक, चंद्रशेखर राजपूत, दीपक कुमार, राहुल तिवारी, राहुल पालीवाल इत्यादि का कहना है कि मोहल्ले में आएदिन जर्जर तारों के टूटने से बत्ती गुल हो जाती है। यहीं नहीं जर्जर तार छतों व छज्जों
को छूकर भी निकले हैं। इससे अक्सर हादसे होने का डर बना रहता है। बरसात के दिनों में तो लोगों का छतों तक पर जाना मुश्किल हो जाता है। इलाकाई लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जर्जर तारों को ठीक कराया जाए। लोगों को भय है कि ये झूलते तार कभी भी बड़ा हादसा कर सकते हैं और किसी एक या अनेकों की जान ले सकते हैं।
बिजली विभाग की ओर से शहर में जर्जर तारों को ठीक कराए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। मोहल्ला नया रामनगर अकेला मात्र एक मोहल्ला नहीं हैं, जहां पर जर्जर तार झूल रहे हों। इसकेे अलावा भी कई मोहल्लों में वर्षों से जर्जर तारों का संजाल फैला है। ऐसा नहीं है कि इस बाबत बिजली विभाग के अधिकारियों को अवगत न कराया
गया हो लेकिन बावजूद इसके समस्या जस की तस है। नया राम नगर निवासी शिक्षक संदीप मिश्रा, सत्येंद्र मिश्रा, श्याम जी, आशुतोष कुमार, अंकुर परिहार, दीपू द्विवेदी, सौरभ याज्ञिक, चंद्रशेखर राजपूत, दीपक कुमार, राहुल तिवारी, राहुल पालीवाल इत्यादि का कहना है कि मोहल्ले में आएदिन जर्जर तारों के टूटने से बत्ती गुल हो जाती है। यहीं नहीं जर्जर तार छतों व छज्जों
को छूकर भी निकले हैं। इससे अक्सर हादसे होने का डर बना रहता है। बरसात के दिनों में तो लोगों का छतों तक पर जाना मुश्किल हो जाता है। इलाकाई लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जर्जर तारों को ठीक कराया जाए। लोगों को भय है कि ये झूलते तार कभी भी बड़ा हादसा कर सकते हैं और किसी एक या अनेकों की जान ले सकते हैं।