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Jalaun News: उत्तर प्रदेश साहित्यसभा की जिला कार्यकारिणी घोषित
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फोटो - 02 गोष्ठी में मौजूद कविगण। संवाद
उरई। उत्तर प्रदेश साहित्यसभा की जनपद जालौन इकाई की कार्यकारिणी घोषित होने के बाद राजेंद्र नगर स्थित सिटी लाइफ स्कूल में काव्य गोष्ठी हुई। इसमें कवियों ने मां-बाप के प्रेम, बुजुर्गों के सम्मान और बदलते पारिवारिक मूल्यों पर रचनाएं सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं।
प्रधान संयोजक सर्वेश अस्थाना, अध्यक्ष बलराम श्रीवास्तव और मुख्य समन्वयक गिरधर खरे के अनुमोदन पर जिला संयोजक शफीकुर्रहमान कशफ़ी व जिलाध्यक्ष डॉ. अनुज भदौरिया ने कार्यकारिणी घोषित की। सिद्धार्थ त्रिपाठी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, प्रिया श्रीवास्तव ‘दिव्यम’, इंदु विवेक उदैनिया और विवेकानंद को उपाध्यक्ष बनाया गया। राघवेंद्र कनकने को सचिव/महासचिव, शिखा गर्ग को कोषाध्यक्ष, शिरोमणि सोनी व गरिमा पाठक को सहसचिव, दिव्यांशु दिव्य को प्रचार सचिव और सीता खरे को संगठन सचिव की जिम्मेदारी मिली। संगीता दुबे, प्रगति मिश्रा और अवध नारायण दुबे सदस्य बनाए गए। तहसील प्रभारियों की घोषणा बाद में होगी।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ शिरोमणि सोनी की वाणी वंदना और मिर्जा साबिर बेग की नात-ए-पाक से हुआ। राघवेंद्र कनकने ने पिता के प्रेम पर, शिखा गर्ग ने मां के दर्द पर और सिद्धार्थ त्रिपाठी ने विश्वासघात पर रचनाएं सुनाईं। दिव्यांशु दिव्य ने बदलते पारिवारिक मूल्यों पर कटाक्ष किया, जबकि शिरोमणि सोनी ने बुजुर्गों के आशीर्वाद की महत्ता बताई। किरपाराम किरपालु की कविता ने पिता के संघर्ष को उकेरा और असरार अहमद मुकरी ने हास्य-व्यंग्य से श्रोताओं को गुदगुदाया। संचालन शफीकुर्रहमान कशफी ने किया।
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जिलाध्यक्ष डॉ. अनुज भदौरिया ने कहा कि साहित्यसभा जनपद में साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी और साहित्य की लौ मंद नहीं पड़ने देगी। अंत में तांछल ने आभार जताया।
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प्रधान संयोजक सर्वेश अस्थाना, अध्यक्ष बलराम श्रीवास्तव और मुख्य समन्वयक गिरधर खरे के अनुमोदन पर जिला संयोजक शफीकुर्रहमान कशफ़ी व जिलाध्यक्ष डॉ. अनुज भदौरिया ने कार्यकारिणी घोषित की। सिद्धार्थ त्रिपाठी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, प्रिया श्रीवास्तव ‘दिव्यम’, इंदु विवेक उदैनिया और विवेकानंद को उपाध्यक्ष बनाया गया। राघवेंद्र कनकने को सचिव/महासचिव, शिखा गर्ग को कोषाध्यक्ष, शिरोमणि सोनी व गरिमा पाठक को सहसचिव, दिव्यांशु दिव्य को प्रचार सचिव और सीता खरे को संगठन सचिव की जिम्मेदारी मिली। संगीता दुबे, प्रगति मिश्रा और अवध नारायण दुबे सदस्य बनाए गए। तहसील प्रभारियों की घोषणा बाद में होगी।
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काव्य गोष्ठी का शुभारंभ शिरोमणि सोनी की वाणी वंदना और मिर्जा साबिर बेग की नात-ए-पाक से हुआ। राघवेंद्र कनकने ने पिता के प्रेम पर, शिखा गर्ग ने मां के दर्द पर और सिद्धार्थ त्रिपाठी ने विश्वासघात पर रचनाएं सुनाईं। दिव्यांशु दिव्य ने बदलते पारिवारिक मूल्यों पर कटाक्ष किया, जबकि शिरोमणि सोनी ने बुजुर्गों के आशीर्वाद की महत्ता बताई। किरपाराम किरपालु की कविता ने पिता के संघर्ष को उकेरा और असरार अहमद मुकरी ने हास्य-व्यंग्य से श्रोताओं को गुदगुदाया। संचालन शफीकुर्रहमान कशफी ने किया।
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जिलाध्यक्ष डॉ. अनुज भदौरिया ने कहा कि साहित्यसभा जनपद में साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी और साहित्य की लौ मंद नहीं पड़ने देगी। अंत में तांछल ने आभार जताया।