{"_id":"5df287f68ebc3e87d30c5383","slug":"difficulties-increased-with-the-cold-due-to-the-weather-orai-news-knp53182169","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम की करवट से ठंड के साथ मुश्किलें भी बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम की करवट से ठंड के साथ मुश्किलें भी बढ़ी
विज्ञापन
सर्दी से बचने को आग के पास बैठे जानवर
- फोटो : ORAI
उरई। गुरुवार की सुबह कोहरे की चादर में लिपटी रही। हाईवे पर वाहनों की लाइटें जल रही थी और उनकी रफ्तार भी रोज की अपेक्षा कम थी। स्कूली बच्चे भी कोहरे को चीरते हुए स्कूल कालेज जाते हुए नजर आए।
सुबह की यह स्थिति दोपहर तक रही सिर्फ कोहरा ही हाईवे से छंटा था लेकिन ठंड में किसी तरह कमी नजर नहीं आ रही थी। दोपहर के वक्त इक्का दुक्का स्थानों पर बेहद मामूली सी बूंदाबांदी भी हुई। वहीं ठंडी तेज हवाओं के चलते शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा दिखाई देने लगा। अलाव का इंतजाम न होने से बेसहारा लोग फुटपाथों व चाय के होटलों की भठ्ठी के पास दुबके नजर आए। अचानक न्यूनतम तापमान 14 डिग्री के आसपास पहुंचने से गर्म कपड़ों की दुकानों पर भी भी़ नजर आई। लोगों ने टोपे, मफलर और दस्तानों की खरीद फरोख्त की। वहीं किसानों ने मौसम में आई ठंड से राहत महसूस की है। कहना है कि इससे गेंहूं की फसल को फायदा होने की संभावना है। हांलकि जिन खेतों में मटर टूट रही थी, वहां के किसान बारिश की आशंका को लेकर जरूर परेशान नजर आ रहे थे।
आटा, कालपी, कदौरा, एट हाईवे पर सुबह क वक्त भीषण कोहरा छाया था। भारी वाहन हो या रोडवेज बसें सभी हेडलाइट जलाकर रेंगती हुई चल रही थी। कालपी में अधूरे हाईवे के कारण जाम की भी स्थिति बनी रही। कहीं कहीं पर हाईवे की रात की लाइटें भी जला दी गई थी। जोल्हूपुर मोड़ से कदौरा की ओर जाने वाले स्टेट हाईवे पर रोज की अपेक्षा काफी कम वाहन ही चलते नजर आए। यही हाल बाकी के हाईवे का भी जहां कार व बाइकों की संख्या रोज की अपेक्षा सर्दी के कारण कम ही रही। एट और आटा टोल भी सन्नाटे में ही दिखाई दिए।
विज्ञापन
ठंड भले ही शुरू हो गई हो लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से ठंड से बचाव के इंतजाम नहीं किए गए। न तो कहीं अलाव जलाए गए और न ही रैन बसेरे के इंतजाम किए गए। यही वजह थी कि जब शाम के साथ गलन बढ़ी तो सड़कों पर बेसहारा घूमने वालों की मुसीबत भी बढ़ गई। कोई किसी होटल की भठ्ठी के पास खड़ा नजर आ रहा था तो कोई कूड़ा जलाकर आग सेंक रहा था। व्यापारियों का कहना है कि पालिका ने अभी तक अलावा का कोई इंतजाम नहीं किया, जबकि सर्दी धीरे धीरे बढ़ रही है। गरीबों के लिए बने रैन बसेरे के ताले भी नहीं खोले गए हैं।
विज्ञापन
सुबह की यह स्थिति दोपहर तक रही सिर्फ कोहरा ही हाईवे से छंटा था लेकिन ठंड में किसी तरह कमी नजर नहीं आ रही थी। दोपहर के वक्त इक्का दुक्का स्थानों पर बेहद मामूली सी बूंदाबांदी भी हुई। वहीं ठंडी तेज हवाओं के चलते शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा दिखाई देने लगा। अलाव का इंतजाम न होने से बेसहारा लोग फुटपाथों व चाय के होटलों की भठ्ठी के पास दुबके नजर आए। अचानक न्यूनतम तापमान 14 डिग्री के आसपास पहुंचने से गर्म कपड़ों की दुकानों पर भी भी़ नजर आई। लोगों ने टोपे, मफलर और दस्तानों की खरीद फरोख्त की। वहीं किसानों ने मौसम में आई ठंड से राहत महसूस की है। कहना है कि इससे गेंहूं की फसल को फायदा होने की संभावना है। हांलकि जिन खेतों में मटर टूट रही थी, वहां के किसान बारिश की आशंका को लेकर जरूर परेशान नजर आ रहे थे।
विज्ञापन
आटा, कालपी, कदौरा, एट हाईवे पर सुबह क वक्त भीषण कोहरा छाया था। भारी वाहन हो या रोडवेज बसें सभी हेडलाइट जलाकर रेंगती हुई चल रही थी। कालपी में अधूरे हाईवे के कारण जाम की भी स्थिति बनी रही। कहीं कहीं पर हाईवे की रात की लाइटें भी जला दी गई थी। जोल्हूपुर मोड़ से कदौरा की ओर जाने वाले स्टेट हाईवे पर रोज की अपेक्षा काफी कम वाहन ही चलते नजर आए। यही हाल बाकी के हाईवे का भी जहां कार व बाइकों की संख्या रोज की अपेक्षा सर्दी के कारण कम ही रही। एट और आटा टोल भी सन्नाटे में ही दिखाई दिए।
विज्ञापन
ठंड भले ही शुरू हो गई हो लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से ठंड से बचाव के इंतजाम नहीं किए गए। न तो कहीं अलाव जलाए गए और न ही रैन बसेरे के इंतजाम किए गए। यही वजह थी कि जब शाम के साथ गलन बढ़ी तो सड़कों पर बेसहारा घूमने वालों की मुसीबत भी बढ़ गई। कोई किसी होटल की भठ्ठी के पास खड़ा नजर आ रहा था तो कोई कूड़ा जलाकर आग सेंक रहा था। व्यापारियों का कहना है कि पालिका ने अभी तक अलावा का कोई इंतजाम नहीं किया, जबकि सर्दी धीरे धीरे बढ़ रही है। गरीबों के लिए बने रैन बसेरे के ताले भी नहीं खोले गए हैं।

कोहरे में लाइट जलाकर चलते वाहन- फोटो : ORAI