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श्रद्धालुओं ने आस्था की लगाई डुबकी, मेले का भी उठाया लुत्फ

Tue, 12 Nov 2019 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 12 Nov 2019 11:51 PM IST
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Devotees took the plunge of faith, enjoyed the fair too
पचनद स्थित मंदिर में भंडारा छकते महिलाएं बच्चे - फोटो : ORAI
कालपी/रामपुरा/कुठौंद। कार्तिक पूर्णिमा का पर्व नगर व आसपास के क्षेत्रों में परंपरागत एवं धार्मिक रीतिरिवाजों से मनाया गया। हजारों लोगों ने यमुना नदी में श्रद्धापूर्वक स्नान कर पूजा अर्चना की। बच्चों के साथ कालपी के यमुना घाट और रामपुरा के पचनद पहुंचे लोगों ने पूरे दिन खूब मौज मस्ती भी की और मेलों में खूब खरीदारी की। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को दृष्टिगत रखकर यमुना नदी के घाटों व आसपास की रास्तों एवं सड़कों में प्रशासन के द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए। वाहनों की पार्किंग के लिए अलग स्थान तय किए गए थे।
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मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सुबह से ही कालपी एवं दूरदराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला-पुरुष, बच्चे व बुजुर्ग यमुना नदी में डुबकी लगाने तथा पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचने लगे। यह सिलसिला दिन भर चलता रहा। किलाघाट, ढोड़ेश्वर मंदिर घाट, पीला घाट आदि स्थानों पर भक्तों तथा श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर यमुना स्नान किया। बड़ों के साथ बच्चों ने भी यमुना में डुबकी लगाई।
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स्नान के बाद नदी के किनारे स्थित राधा माधव मंदिर, ढोड़ेश्वर मंदिर, काली देवी मंदिर आदि धर्म स्थलों में पूजा की गई। मंदिरों में सुबह से भक्तों की लंबी लंबी लाइनें लगी नजर आ रहीं थीं। घाट जाने वाली सड़कों में एक दिन पहले ही सफाई कराई गई। उल्लेखनीय है कि धर्मनगरी कालपी में स्थित यमुना नदी में पर्वों पर डुबकी लगाकर स्नान करने की प्राचीन एवं धार्मिक परंपरा रही है।
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इस दौरान उपजिलाधिकारी कौशल कुमार, सीओ संजय कुमार शर्मा, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मानिकचंद पटेल, एसएसआई आनंद कुमार सिंह भी बार-बार निरीक्षण करते रहे। किसी तरह की अफरातफरी न हो इसके लिए बैरीकेडिंग भी लगाई गई थी। इसी तरह रामपुरा के पचनद तट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का हुजूम स्नान के लिए पहुंचने लगा था। हजारों ने पांच नदियों के संगम में डुबकी लगाकर आसपास स्थित मंदिरों में पूजा अर्चना की। सबसे अधिक महत्व पचनद मेले का रहा।

जहां पर हर वर्ग के लोगों की पसंद के स्टाल लगाए गए थे। बच्चों ने झूलों में मस्ती की तो वहीं महिलाओं ने भी जमकर कपड़ों की खरीदारी की। खाने पीने के स्टालों पर भी देर शाम तक भीड़ नजर आ रही थी। पचनद मंदिर के पास ही भंडारे का भी इंतजाम किया गया था। जिसमें भी देर शाम तक प्रसाद लेने वालों की भीड़ लगी रही। यहां पर साधु संतों का भी जमावड़ा लगा रहा। कोई भक्ति गीतों पर झूम रहा था तो कोई संत अपने प्रवचन से लोगों को लाभान्वित कर रहा था। कुठौंद के ग्राम शंकरपुर में कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर हर वर्ष की तरह इस बार भी दंगल का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्राम प्रधान शिवम राजपूत, वीरेंद्र द्विवेदी, पवन शर्मा, राजकुमार, अमित तिवारी, अनूप मिश्रा, रामपाल वर्मा सुमन देवी प्रधान बघौली आदि रहे।

मंदिर में साधु नृत्य करता हुआ

मंदिर में साधु नृत्य करता हुआ- फोटो : ORAI

पचनद मंदिर में दर्शन करने को श्रद्धालुओं की लगी लाइन

पचनद मंदिर में दर्शन करने को श्रद्धालुओं की लगी लाइन- फोटो : ORAI

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