{"_id":"6685accc2cc0c04f3102c5d6","slug":"despite-having-ayushman-card-money-is-taken-from-the-patient-in-the-name-of-treatment-orai-news-c-224-1-ori1001-116753-2024-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद मरीज से इलाज के नाम पर लिए जाते रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद मरीज से इलाज के नाम पर लिए जाते रुपये
Thu, 04 Jul 2024 01:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Thu, 04 Jul 2024 01:25 AM IST
विज्ञापन
उरई। जिला अस्पताल में मरीजों से ऑपरेशन से लेकर इलाज के नाम पर हजारों रूपये मांगना आम बात हो गई है। यहां सरकार के नियमों के आधार पर आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ लाभ देने से पहले 10 से 15 हजार रूपये की रकम जमा कराई जा रही है। जिसके बाद सरकारी डॉक्टर मरीजों को हांथ लगाते हैं।
मंगलवार को एक मरीज की शिकायत पर आयुष्मान की एक कंपनी ने इसकी जांच की। मरीजों से रुपये लेने की बात सच साबित हुई। जिसमें कंपनी ने एक मरीज के 15 हजार रुपये सीएमएस के साथ मिलकर वापस भी करा दिए, लेकिन सीएमएस द्वारा अभी तक दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
इलाज के नाम पर पैसा देने वाले कई अन्य मरीजों की जांच कंपनी के अधिकारी कर रहे हैं। इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए अस्पताल की पड़ताल की गई। जिसमें कुछ मरीज डरे हुए मिले तो कुछ ने सारी हकीकत बता दी। मरीजों ने बताया कि बिना रुपये लिए कुछ नहीं हो रहा है। कई बार रुपये देने का दबाव डाला जाता है। अगर नहीं दो तो ऑपरेशन में गड़बड़ी के नाम पर डराया जाता है। बुधवार को भी इस मामले की जांच हुई।
विज्ञापन
जांच टीम में एसीएमओ संजीव प्रभाकर के साथ आयुष्मान कंपनी के जांच अधिकारी विडाल हेल्थ इंश्योरेंस डिस्ट्रि्क कॉर्डिनेटर हर्ष तिवारी, राइटर कंपनी के विमल कुमार शामिल रहे। टीम ने सभी मरीजों से एक एक करके बात की। जिसमें कुछ मरीजों से पैसे लिए जा चुके थे। कुछ से मांग की गई थी। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दी है।
मरीजों की बात-
फोटो-25 अजय
चौसरी निवसी अजय कुमार ने बताया कि शनिवार रात आए थे। पैर टूट गया है। ऑपरेशन और छड़ डलवाने के नाम पर दस हजार रुपये की मांग की गई है। रुपये न होने की वजह से अभी तक ऑपरेशन नहीं हो पाया था। जल्द ही ऑपरेशन करवाने की बात कही गई है।
.................
फोटो-26 शिवपाल
कुठौंद निवासी शिवपाल ने बताया कि दस जून से वह भर्ती हैं। एक सप्ताह पहले उनका ऑपरेशन किया गया है। उनसे 13 हजार रुपये लिए गए हैं। तब जाकर उनका ऑपरेशन हो पाया है। उनसे कहा गया था। अगर रुपये नहीं दोंगे तो ऑपरेशन नहीं हो पाएगा।
वर्जन-
इसकी शिकायत आई थी। कुछ लोगों से रुपये की मांग की गई थी। जिसकी जांच चल रही है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।
- अनिल कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
मंगलवार को एक मरीज की शिकायत पर आयुष्मान की एक कंपनी ने इसकी जांच की। मरीजों से रुपये लेने की बात सच साबित हुई। जिसमें कंपनी ने एक मरीज के 15 हजार रुपये सीएमएस के साथ मिलकर वापस भी करा दिए, लेकिन सीएमएस द्वारा अभी तक दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
विज्ञापन
इलाज के नाम पर पैसा देने वाले कई अन्य मरीजों की जांच कंपनी के अधिकारी कर रहे हैं। इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए अस्पताल की पड़ताल की गई। जिसमें कुछ मरीज डरे हुए मिले तो कुछ ने सारी हकीकत बता दी। मरीजों ने बताया कि बिना रुपये लिए कुछ नहीं हो रहा है। कई बार रुपये देने का दबाव डाला जाता है। अगर नहीं दो तो ऑपरेशन में गड़बड़ी के नाम पर डराया जाता है। बुधवार को भी इस मामले की जांच हुई।
विज्ञापन
जांच टीम में एसीएमओ संजीव प्रभाकर के साथ आयुष्मान कंपनी के जांच अधिकारी विडाल हेल्थ इंश्योरेंस डिस्ट्रि्क कॉर्डिनेटर हर्ष तिवारी, राइटर कंपनी के विमल कुमार शामिल रहे। टीम ने सभी मरीजों से एक एक करके बात की। जिसमें कुछ मरीजों से पैसे लिए जा चुके थे। कुछ से मांग की गई थी। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दी है।
मरीजों की बात-
फोटो-25 अजय
चौसरी निवसी अजय कुमार ने बताया कि शनिवार रात आए थे। पैर टूट गया है। ऑपरेशन और छड़ डलवाने के नाम पर दस हजार रुपये की मांग की गई है। रुपये न होने की वजह से अभी तक ऑपरेशन नहीं हो पाया था। जल्द ही ऑपरेशन करवाने की बात कही गई है।
.................
फोटो-26 शिवपाल
कुठौंद निवासी शिवपाल ने बताया कि दस जून से वह भर्ती हैं। एक सप्ताह पहले उनका ऑपरेशन किया गया है। उनसे 13 हजार रुपये लिए गए हैं। तब जाकर उनका ऑपरेशन हो पाया है। उनसे कहा गया था। अगर रुपये नहीं दोंगे तो ऑपरेशन नहीं हो पाएगा।
वर्जन-
इसकी शिकायत आई थी। कुछ लोगों से रुपये की मांग की गई थी। जिसकी जांच चल रही है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।
- अनिल कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल