फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   cultural

मर्यादित जीवन जीकर वर्तमान भी सुधारा जा सकता-वेदांती

Wed, 19 Feb 2020 11:36 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 19 Feb 2020 11:36 PM IST
विज्ञापन
cultural
भागवत कथा सुनाते डॉ राम कमल दास वेदांती - फोटो : ORAI
उरई। काशी पीठाधीश्वर डा. रामकमल दास वेदांती ने कहा कि श्रीमद्भागवत के उपदेशों के अनुसार मर्यादित जीवन जिया जाए तो हमारा वर्तमान भी सुधर सकता है। उन्होंने कहा कि आज श्रोता सिर्फ यह समझते हैं कि कथा सुनने से ही लाभ हो जाएगा, जबकि उसे आचरण में उतारने की जरूरत है। जब तक कथाओं को आचरण में नहीं उतारा जाएगा, तब तक भला नहीं होने वाला।
विज्ञापन

बघौरा बाईपास स्थित रघुनाथेश्वर मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन डा. वेदांती ने कहा कि जिस तरह शरीर को पुष्ट करने के लिए भोजन की आवश्यकता है, उसी तरह आध्यात्म को पुष्ट करने के लिए भजन की जरूरत है। उन्होंने श्रीकृष्ण अवतार की मंगलमयी कथा सुनाई। इसके बाद पूरे विधि विधान से श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। यजमान अनिल यादव ने कथा व्यास को पगड़ी पहनाकर नंद बाबा का रूप धारण कराया। बधाइयों पर नाचती थिरकती महिलाओं व श्रोताओं से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इस दौरान आरती, केशव यादव, जयप्रकाश, शरद श्रीवास्तव, विजय यादव, रामबाबू सिंह, रामबल्लभ सिंह, त्रिलोकी सिंह, रामदास शास्त्री आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed