डकैतों के चंगुल से छूटा युवक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पचनदा व चंबल के शांत पडे़ बीहड़ में एक बार फिर दस्यु गिरोह अपनी धाक जमाने में लग गए हैं। उन्हाेंने पहले की तरह ही अपहरण कर फिरौती वसूलने का धंधा शुरू कर दिया है। अगर समय रहते पुलिस ने इन नए गिरोहों पर शिकंजा नहीं कसा तो आने वाला समय भयावह होगा। बुधवार को इटावा के बिठौली थाना क्षेत्र से छूटे अपहृत ने जो कहानी सुनाई, उससे लगता है कि एक बार फिर बीहड़ में नए डकैत गिरोह अपहरण उद्योग में उतर रहे हैं। पुलिस ने अपहृत को सकुशल बरामद कर परिजनाें को सौंप दिया है। परिजनाें ने डकोर थाना पुलिस को गांव के ही युवकाें के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने मामले में जांचकर कार्रवाई की बात कही है।
ज्ञात हो कि डकोर थाना क्षेत्र के गांव मुहम्मदाबाद निवासी नारायण दास वर्मा (30) को 31 मई को गांव का ही युवक रिवाशु अपनी बाइक पर बैठाकर यह कहकर ले गया कि इटावा में पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। वहां पर तुम्हारा ट्रैक्टर किराए पर लगवा देंगेे। झांसे में आकर नारायण उसके साथ बाइक में बैठकर चल दिया।
अपहृत के अनुसार, गिरोह का एक मुखबिर गोहन में मिला और वहां से वह उसे बिठौली के जंगल में नदी के किनारे ले गए और कुछ देर इंतजार करने की बात कहकर दोनाें चले गए। युवक नारायण दास के मुताबिक कुछ ही देर में वहां पर आधा दर्जन नकाबपोश बदमाश असलहाें से लैसे होकर आए और उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसके हाथ पैर जंजीराें से बांध कर साथ ले गए और दो दिन तक जंगल में रखा।
नारायण ने बताया कि इस दौरान गिरोह के लोग आपस में बात करते थे कि इसकी फिरौती आने के बाद वह गैंग के लिए असलहे खरीदेंगे। लेकिन किसी तरह नारायण गिरोह के चंगुल से भागकर बुधवार को बिठौली थाना पहुंचा और आपबीती बताई। इस पर थाना पुलिस ने परिजनाें को मोबाइल पर जानकारी दी। परिजन उसे देर रात गांव लेकर लाए। पिता शिवनारायण वर्मा ने रिवाशु व उसके सात अज्ञात साथियाें के खिलाफ पुत्र के अपहरण की तहरीर थाना डकोर पुलिस को दे दी है। थानाध्यक्ष जाकिर हुसैन ने मामले में जांचकर कार्रवाई की बात कही है।