{"_id":"575ef26f4f1c1bb26511b7ed","slug":"truck-driver-mercilessly-beaten","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रक चालक को बेरहमी से पीटा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ट्रक चालक को बेरहमी से पीटा
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Mon, 13 Jun 2016 11:20 PM IST
विज्ञापन
मार पिटाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आटा टोल पर तय राशि से अधिक की पर्ची काटने का जब ट्रक चालक ने विरोध किया तो टोल कर्मियाें ने उसे बेरहमी से पीट दिया। पीड़ित ट्रक चालक थाने पहुंचा व पुलिस को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एक दिन पहले भी टोल कर्मियाें ने चालक, खलासी को पुलिस की मौजूदगी में पीटा व हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाई थी। पुलिस
ने दोनाें पक्षाें में समझौता कराया था। ग्वालियर के मुरैना कोतवाली के गांव गोपालपुरा निवासी रिंकू गिरी ने थाना पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रविवार की रात दस बजे वह झांसी से ट्रक लेकर कानपुर जा रहा था। उसे रात में वहीं रुकना था। लिहाजा उसने एक तरफ की पर्ची देने को कहा तो टोल पर तैनात कर्मचारी ने उसे जबरन आने जाने की पर्ची
काटकर थमा दी। उसने ज्यादा पैसा देने से इंकार कर दिया तो टोल पर तैनात सुरक्षा कर्मी आग बबूला हो गए और उसे नीचे उतार कर जमकर मारापीटा। आरोप है कि उससे जबरन रसीद के पैसे छीन लिए। पीड़ित आटा थाने पहुंचा और थानाध्यक्ष मनोज यादव को टोल कर्मियाें के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर उसे चलता कर दिया। यह
विज्ञापन
पहला मामला नहीं है इससे पहले भी टोल कर्मी कई और वाहन चालकाें के साथ अभद्रता करते है। इस पूरे खेल में थाना पुलिस की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस मामले में एएसपी शकील अहमद पहले से ही जांच करवा रहे है।
हर बार टोल पर बवाल, पुलिस करती इनकार
आटा टोल पर हर बार मारपीट के बाद पुलिस मामले को रफा दफा कर देती है। पिछली बार टोल कर्मियों ने फायरिंग कर दहशत भी फैला दी थी पर पुलिस ने इस मामले को भी रफा दफा कर दिया था। पिछले दो दिनों में टोल कर्मियों के एक बार फिर मारपीट करने के बाद भी उच्चाधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हो रहे हैं।
मानक पूरे नहीं, फिर कैसा टोल प्लाजा
टोल प्लाजा बनाने के मानकों को आटा टोल पर पूरा नहीं किया जा रहा। टोल की ओर से न तो सड़कों का रखरखाव और न ही दुर्घटना आदि होने पर एंबुलेंस ही मुहैया कराई जाती है। इसके अलावा दुर्घटना होने पर टोल को सूचना करने के लिए वन वे मोबाइल या लैंड लाइन फोन भी नहीं लगाए गए हैं।
विज्ञापन
ने दोनाें पक्षाें में समझौता कराया था। ग्वालियर के मुरैना कोतवाली के गांव गोपालपुरा निवासी रिंकू गिरी ने थाना पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रविवार की रात दस बजे वह झांसी से ट्रक लेकर कानपुर जा रहा था। उसे रात में वहीं रुकना था। लिहाजा उसने एक तरफ की पर्ची देने को कहा तो टोल पर तैनात कर्मचारी ने उसे जबरन आने जाने की पर्ची
विज्ञापन
काटकर थमा दी। उसने ज्यादा पैसा देने से इंकार कर दिया तो टोल पर तैनात सुरक्षा कर्मी आग बबूला हो गए और उसे नीचे उतार कर जमकर मारापीटा। आरोप है कि उससे जबरन रसीद के पैसे छीन लिए। पीड़ित आटा थाने पहुंचा और थानाध्यक्ष मनोज यादव को टोल कर्मियाें के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर उसे चलता कर दिया। यह
विज्ञापन
पहला मामला नहीं है इससे पहले भी टोल कर्मी कई और वाहन चालकाें के साथ अभद्रता करते है। इस पूरे खेल में थाना पुलिस की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस मामले में एएसपी शकील अहमद पहले से ही जांच करवा रहे है।
हर बार टोल पर बवाल, पुलिस करती इनकार
आटा टोल पर हर बार मारपीट के बाद पुलिस मामले को रफा दफा कर देती है। पिछली बार टोल कर्मियों ने फायरिंग कर दहशत भी फैला दी थी पर पुलिस ने इस मामले को भी रफा दफा कर दिया था। पिछले दो दिनों में टोल कर्मियों के एक बार फिर मारपीट करने के बाद भी उच्चाधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हो रहे हैं।
मानक पूरे नहीं, फिर कैसा टोल प्लाजा
टोल प्लाजा बनाने के मानकों को आटा टोल पर पूरा नहीं किया जा रहा। टोल की ओर से न तो सड़कों का रखरखाव और न ही दुर्घटना आदि होने पर एंबुलेंस ही मुहैया कराई जाती है। इसके अलावा दुर्घटना होने पर टोल को सूचना करने के लिए वन वे मोबाइल या लैंड लाइन फोन भी नहीं लगाए गए हैं।