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आतिशबाजी की दुकानों पर छापा
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 23 Sep 2016 11:05 PM IST
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आतिशबाजी की दुकान सील करते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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उपजिलाधिकारी व पुलिस क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में कोतवाली प्रभारी ने पुलिस फ ोर्स के साथ आतिशबाजी दुकानों का औचक निरीक्षण शुक्रवार को किया गया। इसमें निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक आतिशबाजी सामग्री का स्टॉक करने तथा मानक के अनुरूप व्यवस्थाएं न मिलने पर एक दुकान को सील किया गया। वहीं, प्रशासन की इस कार्यवाही से
आतिशबाजी विक्रेता दुकानें बंद कर भागे। उपजिलाधिकारी शीतला प्रसाद यादव एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में कोतवाली प्रभारी शिवसागर दीक्षित ने पुलिस बल सहित नगर के अतिशबाजी विक्रेताओं की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जिसमें टीम सर्वप्रथम हामिद एलपी के कोंच चौराहा स्थित गोदाम पर पहुंची। जहां निरीक्षण के दौरान
निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक आतिशबाजी का स्टॉक मिला। गोदाम में मिला फायर सिलेंडर भी एक्स्पायरी डेट का था। गोदाम के आसपास बालू, पानी का ड्रम व चेतावनी का बोर्ड भी लगा नहीं मिला। इतनी सारी अनियमितताएं मिलने पर प्रशासन द्वारा तत्काल गोदाम को सील कर दिया गया। वहीं, आतिशबाजी का लाइसेंस देखने पर काफी पुराना लाइसेंस
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दिखाया गया जो 15 किग्रा का था। उधर, जैसे ही प्रशासन द्वारा की जा रही इस चेकिंग की भनक नगर के अन्य आतिशबाजी विक्रेताओं को लगी। तो उनमें हड़कंप मच गया और वह अपनी-अपनी दुकानें बंद कर भाग निकले।
अतिशबाजी विक्रेताओं को चेताया
उपजिलाधिकारी एसपी यादव व सीओ अरुण कुमार सिंह ने अतिशबाजी विक्रेताओं को चेताया कि क्षमता से अधिक आतिशबाजी का भंडारण कतई नहीं करने दिया जाएगा। सभी आतिशबाजी विक्रेता नगर क्षेत्र में अपनी दुकानें कतई न लगाएं। दुकानें आबादी क्षेत्र से बाहर छत्रसाल मैदान में ही लगाई जाएंगी। यदि किसी की दुकान आबादी क्षेत्र में लगी मिली तो
उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सभी विक्रेता अपनी दुकानों पर फायर बिग्रेड पंप, दुकान के बाहर बालू का ढेर तथा पानी से भरा ड्रम रखेंगे। इसमें किसी भी प्रकार की हीलाहवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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आतिशबाजी विक्रेता दुकानें बंद कर भागे। उपजिलाधिकारी शीतला प्रसाद यादव एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में कोतवाली प्रभारी शिवसागर दीक्षित ने पुलिस बल सहित नगर के अतिशबाजी विक्रेताओं की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जिसमें टीम सर्वप्रथम हामिद एलपी के कोंच चौराहा स्थित गोदाम पर पहुंची। जहां निरीक्षण के दौरान
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निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक आतिशबाजी का स्टॉक मिला। गोदाम में मिला फायर सिलेंडर भी एक्स्पायरी डेट का था। गोदाम के आसपास बालू, पानी का ड्रम व चेतावनी का बोर्ड भी लगा नहीं मिला। इतनी सारी अनियमितताएं मिलने पर प्रशासन द्वारा तत्काल गोदाम को सील कर दिया गया। वहीं, आतिशबाजी का लाइसेंस देखने पर काफी पुराना लाइसेंस
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दिखाया गया जो 15 किग्रा का था। उधर, जैसे ही प्रशासन द्वारा की जा रही इस चेकिंग की भनक नगर के अन्य आतिशबाजी विक्रेताओं को लगी। तो उनमें हड़कंप मच गया और वह अपनी-अपनी दुकानें बंद कर भाग निकले।
अतिशबाजी विक्रेताओं को चेताया
उपजिलाधिकारी एसपी यादव व सीओ अरुण कुमार सिंह ने अतिशबाजी विक्रेताओं को चेताया कि क्षमता से अधिक आतिशबाजी का भंडारण कतई नहीं करने दिया जाएगा। सभी आतिशबाजी विक्रेता नगर क्षेत्र में अपनी दुकानें कतई न लगाएं। दुकानें आबादी क्षेत्र से बाहर छत्रसाल मैदान में ही लगाई जाएंगी। यदि किसी की दुकान आबादी क्षेत्र में लगी मिली तो
उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सभी विक्रेता अपनी दुकानों पर फायर बिग्रेड पंप, दुकान के बाहर बालू का ढेर तथा पानी से भरा ड्रम रखेंगे। इसमें किसी भी प्रकार की हीलाहवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।