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अंतरजनपदीय चोर गिरोह पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sun, 09 Oct 2016 10:47 PM IST
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जब्त हथियार
- फोटो : अमर उजाला
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कदौरा पुलिस ने चार शातिर बदमाशों को शनिवार को देर रात गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पकडे़ गए बदमाशों के पास से तीन देशी तमंचे, नौ बैट्री, आठ कारतसू व एक कार बरामद की गई है। पुलिस का दावा है कि ये अंतरजनपदीय चोर गिरोह के सदस्य हैं। क्षेत्राधिकारी सुबोध गौतम ने बताया कि शनिवार को कदौरा एसओ ज्ञान प्रकाश सिंह, टास्क
टीम प्रभारी मोहम्मद आरिफ को मुखबिर से सूचना मिली कि एक गिरोह जो अलग-अलग जगहों पर दुकानों से माल चोरी करता है और मुमताजाबाद कदौरा में छिपा माल अपनी फर्जी नंबर प्लेट लगी कार से लेने आया है। इस पर वरिष्ठ उप निरीक्षक ज्ञान प्रकाश व उनकी टीम मुमताजाबाद चौराहे पहुंची। यहां चार लोगों को धर दबोचा। पकडे़ गए अभियुक्तों में
आशीष शिवहरे पुत्र जयदीप निवासी कुसमिलिया हाल निवासी पटेल नगर, मुकेश राजपूत पुत्र ब्रजकिशोर निवासी ग्राम करमेर, प्रखर दुबे उर्फ जैकी पुत्र अनुराग दुबे ग्राम बमरौली थाना मूसानगर, रवींद्र पुत्र तिलक सिंह ग्राम कुल्हा बरहा थाना बीघापुर उन्नाव हैं। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि ये लोग मिलकर एक साथ दुकानों में चोरी करते हैं। इनका
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गैंग लीडर आशुतोष उर्फ राना है जो ग्राम कुल्हा बगाह थाना बीघापुर जिला उन्नाव का निवासी है। इस पर गोरखपुर, कानपुर व अन्य जिलों में मुकदमे पंजीकृत हैं। इसकी भी तलाश की जा रही है। ये लोग अभी तक बचते आ रहे थे। पहली बार पकड़े गए हैं। बताया कि ये लोग चोरी के माल को दूसरे शहर में बेचते हैं। इनके पास चोरी का माल ले जाने के लिए कार
भी है। यह गाड़ी किसकी है, कहां से चोरी की गई, ये पकड़े गए अभियुक्त नहीं बता पाए। गिरोह को पकड़ने केे लिए एसपी ने पुलिस टीम प्रभारी ज्ञानप्रकाश, मोहम्मद आरिफ, उप निरीक्षक सुरेंद्र कुमार को पुरस्कृत किया।
कदौरा की दुकान में महीने भर पहले हुई थी चोरी
करीब एक महीने पूर्व नफीस निवासी कदौरा की बैट्री की दुकान से 16 से अधिक बैट्री व कुछ मोबाइल फोन चोरी हुए थे। इस घटना के बाद पीड़ित के साले ने ही अपने विशेष प्रयास से एसटीटी को चारो चोरों का अता पता बताया और उन्हें पकड़वा दिया। इस दौरान 16 बैट्री बरामद कराने का दावा किया जा रहा है। हालांकि पुलिस केवल 9 बैट्री की बरामदगी
दिखा रही है। वहीं, मोबाइल फोन का कोई जिक्र तक नहीं कर रही। बताते हैं कि एसटीटी ने पकड़े गए चोरों की निशानदेही पर एक महिला को कानपुर के एक मोहल्ले से गिरफ्तार
किया था। इस पर चोरी की बैट्री को ठिकाने लगाने का जिम्मा था। पुलिस उसे ले तो आई पर बाद में उसे कानपुर के एक विधायक के पैरोकारी पर छोड़ दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार महिला के साथ ठीक से पूछताछ तक नहीं की गई।
कहां गई चोरी में प्रयुक्त बोलेरो
पुख्ता सूत्रों की मानें तो तीन दिन पूर्व एसटीटी ने चोरी की वारदात में प्रयुक्त बोलेरो को भी बरामद कर लिया था और उसे कोतवाली लाई थी। बाद में टीम के सदस्यों ने इसे छोड़ दिया।
कहां गईं चोरी की सात बैटरियां
कदौरा स्थित दुकान में चोरी के मामले में चोरों को पकड़वाने में टीम का सहयोग करने वाले व्यक्ति के मुताबिक पुलिस ने 16 बैट्री व कुछ हाईटेक मोबाइल भी बरामद किए थे। सवाल यह है कि सात अन्य बैटरियां कहां गईं। इसके अलावा मोबाइल की बरामदगी पुलिस दिखा ही नहीं रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी
पुलिस ने चार लोगों को असलहे, कारतूस व मोबाइल फोन व बोलेरो समेत गिरफ्तार किया है। बोलेरो अभी भी कब्जे में हैं तथा महिला की संलिप्तता नहीं मिलने पर उसे छोड़ा गया। इसमें किसी का कोई दबाव नहीं था। अभी मुख्य अभियुक्त फरार है। उसे पकड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है। मुख्य अभियुक्त के पकड़े जाने पर और बरामदगी हो सकती है।- अशोक कुमार त्रिपाठी, एसपी, जालौन
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टीम प्रभारी मोहम्मद आरिफ को मुखबिर से सूचना मिली कि एक गिरोह जो अलग-अलग जगहों पर दुकानों से माल चोरी करता है और मुमताजाबाद कदौरा में छिपा माल अपनी फर्जी नंबर प्लेट लगी कार से लेने आया है। इस पर वरिष्ठ उप निरीक्षक ज्ञान प्रकाश व उनकी टीम मुमताजाबाद चौराहे पहुंची। यहां चार लोगों को धर दबोचा। पकडे़ गए अभियुक्तों में
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आशीष शिवहरे पुत्र जयदीप निवासी कुसमिलिया हाल निवासी पटेल नगर, मुकेश राजपूत पुत्र ब्रजकिशोर निवासी ग्राम करमेर, प्रखर दुबे उर्फ जैकी पुत्र अनुराग दुबे ग्राम बमरौली थाना मूसानगर, रवींद्र पुत्र तिलक सिंह ग्राम कुल्हा बरहा थाना बीघापुर उन्नाव हैं। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि ये लोग मिलकर एक साथ दुकानों में चोरी करते हैं। इनका
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गैंग लीडर आशुतोष उर्फ राना है जो ग्राम कुल्हा बगाह थाना बीघापुर जिला उन्नाव का निवासी है। इस पर गोरखपुर, कानपुर व अन्य जिलों में मुकदमे पंजीकृत हैं। इसकी भी तलाश की जा रही है। ये लोग अभी तक बचते आ रहे थे। पहली बार पकड़े गए हैं। बताया कि ये लोग चोरी के माल को दूसरे शहर में बेचते हैं। इनके पास चोरी का माल ले जाने के लिए कार
भी है। यह गाड़ी किसकी है, कहां से चोरी की गई, ये पकड़े गए अभियुक्त नहीं बता पाए। गिरोह को पकड़ने केे लिए एसपी ने पुलिस टीम प्रभारी ज्ञानप्रकाश, मोहम्मद आरिफ, उप निरीक्षक सुरेंद्र कुमार को पुरस्कृत किया।
कदौरा की दुकान में महीने भर पहले हुई थी चोरी
करीब एक महीने पूर्व नफीस निवासी कदौरा की बैट्री की दुकान से 16 से अधिक बैट्री व कुछ मोबाइल फोन चोरी हुए थे। इस घटना के बाद पीड़ित के साले ने ही अपने विशेष प्रयास से एसटीटी को चारो चोरों का अता पता बताया और उन्हें पकड़वा दिया। इस दौरान 16 बैट्री बरामद कराने का दावा किया जा रहा है। हालांकि पुलिस केवल 9 बैट्री की बरामदगी
दिखा रही है। वहीं, मोबाइल फोन का कोई जिक्र तक नहीं कर रही। बताते हैं कि एसटीटी ने पकड़े गए चोरों की निशानदेही पर एक महिला को कानपुर के एक मोहल्ले से गिरफ्तार
किया था। इस पर चोरी की बैट्री को ठिकाने लगाने का जिम्मा था। पुलिस उसे ले तो आई पर बाद में उसे कानपुर के एक विधायक के पैरोकारी पर छोड़ दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार महिला के साथ ठीक से पूछताछ तक नहीं की गई।
कहां गई चोरी में प्रयुक्त बोलेरो
पुख्ता सूत्रों की मानें तो तीन दिन पूर्व एसटीटी ने चोरी की वारदात में प्रयुक्त बोलेरो को भी बरामद कर लिया था और उसे कोतवाली लाई थी। बाद में टीम के सदस्यों ने इसे छोड़ दिया।
कहां गईं चोरी की सात बैटरियां
कदौरा स्थित दुकान में चोरी के मामले में चोरों को पकड़वाने में टीम का सहयोग करने वाले व्यक्ति के मुताबिक पुलिस ने 16 बैट्री व कुछ हाईटेक मोबाइल भी बरामद किए थे। सवाल यह है कि सात अन्य बैटरियां कहां गईं। इसके अलावा मोबाइल की बरामदगी पुलिस दिखा ही नहीं रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी
पुलिस ने चार लोगों को असलहे, कारतूस व मोबाइल फोन व बोलेरो समेत गिरफ्तार किया है। बोलेरो अभी भी कब्जे में हैं तथा महिला की संलिप्तता नहीं मिलने पर उसे छोड़ा गया। इसमें किसी का कोई दबाव नहीं था। अभी मुख्य अभियुक्त फरार है। उसे पकड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है। मुख्य अभियुक्त के पकड़े जाने पर और बरामदगी हो सकती है।- अशोक कुमार त्रिपाठी, एसपी, जालौन