{"_id":"576ece0e4f1c1b2b64b483de","slug":"haryana-liquor-recovered-27-cases-three-arrested","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा की 27 पेटी शराब बरामद, तीन गिरफ्तार ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हरियाणा की 27 पेटी शराब बरामद, तीन गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, जालौन
Updated Sun, 26 Jun 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन
पकड़े गए आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोतवाली पुलिस ने बोलेरो में ले जाई जा रही हरियाणा की देशी शराब की 27 पेटी पकड़ी है। तीन लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं अंधेरे का फायदा उठाकर एक व्यक्ति भागने में सफल रहा। पकड़ी गई बोलेरो गाड़ी को भी सीज किया गया है।
विज्ञापन
शुक्रवार की रात करीब 10 बजे कोतवाली प्रभारी जेपी यादव को सूचना मिली कि मध्य प्रदेश से एक बोलेरो गाड़ी में अवैध रूप से देशी शराब लाई जा रही है। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ग्राम छिरिया सलेमपुर के मलकरपुरा रोड पर एक बोलेरो रोकी, तो गाड़ी में बैठे चारों लोग उतरकर भागने लगे।
विज्ञापन
जिनमें से तीन को पुलिस ने पकड़ लिया और एक व्यक्ति गाड़ी की चाभी लेकर भागने में सफल रहा। गाड़ी की तलाशी लेने पर पुलिस को हरियाणा की 27 पेटी देशी शराब बरामद हुई। गाड़ी में शराब की खाली बोतलें, रैपर, ढक्कन आदि भी मिले हैं। इसके अलावा गाड़ी में कई विभिन्न नंबरों की नंबर प्लेटें भी मिली हैं।
विज्ञापन
पकड़े गए आरोपियों में जीतू साहू निवासी मुहल्ला तोपखाना, जितेंद्र तिवारी व रामकिशोर निवासीगण ग्राम मलकपुरा हैं। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने पूछतांछ में बताया कि यह सारा माल मलकपुरा निवासी गौरव दीक्षित अवैध रूप से मंगवाता था। उन्होंने बताया कि यह लोग शराब में यूरिया आदि मिलाकर उसे नशीला बनाकर बेचते हैं। टीम में चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह यादव, एसआई मोहित द्विवेदी, रामप्रकाश कांस्टेबल संजीव कुमार, शकील व दिलीप कुमार आदि शामिल रहे।
जिला बदलते ही नंबर प्लेट बदल देते थे
जालौन। बोलेरो गाड़ी में कई नंबर प्लेटें रखी मिलीं। इसके बारे में पूछतांछ करने पर पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया कि वह जिस जिले में जाते थे, उसी जिले की नंबर प्लेट गाड़ी में लगा लेते थे। नंबर प्लेट बदलने से गाड़ी के स्थानीय होने का पता चलता था। इससे उन पर किसी को शक नहीं होता था और वह आसानी से अपना माल सप्लाई करके निकल जाते थे। कोतवाली प्रभारी जेपी यादव ने बताया कि उक्त गाड़ी का इंजन और चेचिस नंबर लेकर एआरटीओ आफिस जांच के लिए भेजा गया है।