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तबादले के बाद भी सिपाही की नहीं हुई रवानगी

Wed, 16 Mar 2016 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Wed, 16 Mar 2016 11:41 PM IST
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Even after the departure of the guards had transferred
बंधौली में गुस्साएं लोगों से बातचीत करते डीआईजी व एसपी। - फोटो : अमर उजाला
अवैध तरीके से मौरंग के कारोबार में किसी न किसी रूप में सरकारी मशीनरी भी संलिप्त रहती है। पुलिस एवं प्रशासन से जुड़े लोगों की संलिप्तता की वजह से ही आए दिन बवाल होता है। बुधवार को हुआ बवाल भी सिपाही की दबंगई का ही एक नमूना है। विवाद की वजह बने सिपाही का तबादला तीन दिन पहले हो चुका है। इसके बाद भी उसकी रवानगी नहीं हुई है। वह
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करीब पांच साल से डकोर थाने में ही तैनात है। एसपी एन कोलांचि ने खुद स्वीकार किया कि तीन दिन पहले ही सिपाही का तबादला आटा थाना के लिए किया गया था, लेकिन उसने
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अभी तक रवानगी नहीं कराई थी। वह इस मामले की भी जांच करवा रहे हैं। इससे पहले भी आरोपी सिपाही का जीआरपी से लेकर कई अन्य थानों में तबादला हुआ। लेकिन हर बार वह कोर्ट से तबादले पर स्टे ले आता है। सिपाही की तरह ही अन्य अधिकारी कर्मचारी भी बालू के अवैध कारोबार की वजह से स्थानांतरण से बचते रहे हैं।
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पहले भी हो चुका खूनी खेल
मौरंग घाटों पर अवैध खनन का खेल पूरे रसूख के साथ मौरंग माफिया करते हैं। वह कभी वन कर्मियों को पीटते हैं तो कभी किसानाें के खेत में जबरन रास्ता बना देते हैं। इस पूरे खेल में इलाकाई पुलिस की भूमिका हमेशा संदेह के घेरे में रही है। बुधवार को बवाल के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि जब पुलिस ही अवैध खनन करवा रही है और सिपाही गुंडई कर रहे है तो वहां ग्रामीण कितने सुरक्षित होंगे इसका अंदाजा बखूबी लगाया जा सकता है।

यहां भी हो रहा अवैध खनन
डकोर ही नहीं अन्य थाना क्षेत्रों में भी अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है। रामपुरा, कदौरा, कोटरा, कुठौंद व एट में भी मौरंग माफिया सक्रिय है। इनमेें पिछले दिनों एट, आटा और कदौरा आदि जगहों पर मौरंग को लेकर फायरिंग हो चुकी है। खास बात यह है कि यह दबंग मौरंग माफिया बिना पट्टे के ही वन विभाग की जमीनों पर अवैध खनन करते हैं।
 
मजिस्ट्रेट ने लिए घायलाें के बया
डकोर के बंधौली गांव में घायल ग्रामीण लखचंद, प्रान सिंह व गजेंद्र सिंह के रेफर होने से पहले सिटी मजिस्ट्रेट पीके सक्सेना ने बयान लिए। घायलाें ने बताया कि सिपाही धमेंद्र के कहने पर ही असलहाधारियाें ने गोली चलाई। बहरहाल, तहरीर आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि वे कौन दबंग हैं जिन्हाेंने निहत्थे ग्रामीणाें पर गोलियां बरर्साइं। दूसरी तरफ 

जिला अस्पताल में घायलाें को बेहतर उपचार दिलाने एवं उनको ढाढस बंधाने के लिए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल यादव, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल दादी व पूर्व युवजन सभा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मौखरी आदि पहुंचे।  और उनको ढाढस बंधाया।


बंजर हो रहे खेत, क्या करें किसान
मौरंग भरने के लिए दबंग माफिया किसानाें के खेताें से रास्ता बना लेते है। ट्रक से गिरने वाली मौरंग से किसानाें के खेत बंजर हो रहे है। वहीं, धूल से भी किसानाें की फसल बर्बाद हो रहीें हैं। सिमिरिया मौरंग खदान में तो गांव का अस्तित्व ही खतरे में दिखाई दे रहा है।
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