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मौसेरा भाई छह माह तक करता रहा रेप
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 05 Aug 2016 10:49 PM IST
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rape
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युवती को मौसेरे भाई ने छह माह तक बंधक बना कर अपनी हवस का शिकार बनाया। मौका मिलने पर वूमेन पावर 1090 पर युवती ने फोन किया तो जालौन पुलिस ने उसे छुड़ाकर उसके पिता को सौंप दिया। जब एफआईआर लिखने की आई तो पुलिस ने मामला कोेंच का बताकर पल्ला झाड़ लिया। जब पीड़िता अपने परिजनों के साथ कोंच कोतवाली पहुंची तो वहां
पुलिस ने मामला जालौन का बता कर चलता कर दिया। कोंच कोतवाली क्षेत्र निवासी एक बीस वर्षीया लड़की को जालौन के ग्राम शहजादपुरा निवासी मौसेरा भाई 5 दिसंबर 2015 को अपने साथ अपने गांव लिवा ले गया। बात रिश्तेदारी की थी, इसलिए किसी को उसकी नीयत पर शक नहीं हुआ। अगले दिन आरोपी अपने भाई के साथ पानी पूड़ी के धंधे पर गुजरात के
सूरत शहर गया और लड़की को भी साथ लेता गया। लड़की ने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया है कि वहां वह तमंचे के बल पर उसके साथ बलात्कार करता रहा और विरोध करने पर मारपीट करता रहा। जब भी वह धंधे पर निकलता तो घर में ताला लगा जाता। इसी साल 21 जून को दोनों भाई उसे अपने गांव लाए जहां उसने मौसा व मौसी को पूरी
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आपबीती सुनाई। आरोप है कि उन्होंने भी उसे शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। 29 जुलाई को मौसा का मोबाइल उसके हाथ लग गया तो उसने 1090 हेल्प लाइन नंबर डायल कर दिया और जालौन पुलिस ने उसे छुड़ा लिया। रिपोर्ट लिखने के नाम पर पुलिस ने मामला कोंच का बता कर पल्ला झाड़ लिया। पीड़िता अपने पिता के साथ कोंच कोतवाली गई
तो यहां भी उसे मामला जालौन का बता कर टरका दिया गया। इस मामले को लेकर जब सीओ अवधेश कुमार शुक्ल से बात की गई तो उन्होंने ऐसा कोई भी मामला संज्ञान में नहीं होने की बात कही।
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पुलिस ने मामला जालौन का बता कर चलता कर दिया। कोंच कोतवाली क्षेत्र निवासी एक बीस वर्षीया लड़की को जालौन के ग्राम शहजादपुरा निवासी मौसेरा भाई 5 दिसंबर 2015 को अपने साथ अपने गांव लिवा ले गया। बात रिश्तेदारी की थी, इसलिए किसी को उसकी नीयत पर शक नहीं हुआ। अगले दिन आरोपी अपने भाई के साथ पानी पूड़ी के धंधे पर गुजरात के
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सूरत शहर गया और लड़की को भी साथ लेता गया। लड़की ने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया है कि वहां वह तमंचे के बल पर उसके साथ बलात्कार करता रहा और विरोध करने पर मारपीट करता रहा। जब भी वह धंधे पर निकलता तो घर में ताला लगा जाता। इसी साल 21 जून को दोनों भाई उसे अपने गांव लाए जहां उसने मौसा व मौसी को पूरी
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आपबीती सुनाई। आरोप है कि उन्होंने भी उसे शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। 29 जुलाई को मौसा का मोबाइल उसके हाथ लग गया तो उसने 1090 हेल्प लाइन नंबर डायल कर दिया और जालौन पुलिस ने उसे छुड़ा लिया। रिपोर्ट लिखने के नाम पर पुलिस ने मामला कोंच का बता कर पल्ला झाड़ लिया। पीड़िता अपने पिता के साथ कोंच कोतवाली गई
तो यहां भी उसे मामला जालौन का बता कर टरका दिया गया। इस मामले को लेकर जब सीओ अवधेश कुमार शुक्ल से बात की गई तो उन्होंने ऐसा कोई भी मामला संज्ञान में नहीं होने की बात कही।