फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Cash-strapped stricken couple chosen death

आर्थिक तंगी से त्रस्त दंपति ने चुनी मौत

Sat, 19 Mar 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उरई
ब्यूरो/अमर उजाला, उरई Updated Sat, 19 Mar 2016 12:10 AM IST
विज्ञापन
Cash-strapped stricken couple chosen death
कुठौंदा बुजुर्ग में बिलखते मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला

जालौन। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुठौंदा बुजुर्ग में कर्ज और मर्ज से परेशान होकर युवा दंपति ने मौत चुन ली। गुरुवार की रात को दोनों ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। शादी के बाद बच्चा न होने पर भी दोनों दुखी रहते थे। वह मोहल्ला खर्चीबाल में एक किराये के मकान में रहते थे। सुबह घर से कोई आहट न मिलने पर पड़ोसियों को चिंता हुई। जब उन लोगों ने अंदर देखा तो दोनों फांसी पर लटक रहे थे। इसके बाद उनके परिवारवालों को सूचना दी गई। दोनों की खुदकुशी की जानकारी मिलते ही पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है।

विज्ञापन

  
 कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुठौंदा बुजुर्ग निवासी किसान मनोज कुमार द्विवेदी (40) पुत्र रामप्रकाश द्विवेदी व उसकी पत्नी गुड्डी देवी (36) ने गुरुवार की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के बड़े भाई अधिवक्ता गिरजेश कुमार ने बताया कि उसका भाई काफी समय से मुहल्ला चर्खीबाल में किराए के मकान में रह रहा था। खेती में लगातार नुकसान होने पर छोटा मोटा काम कर परिवार चला रहा था। आर्थिक तंगी और तनाव से दंपति अब बीमार भी रहने लगे थे।
विज्ञापन


  उधर, पुलिस के अनुसार सुबह काफी देर तक जब उनका कमरा नहीं खुला तो पड़ोसियों ने कमरे में झांककर देखा। वहां दोनों पति-पत्नी फांसी पर लटके दिखाई दिए। इस पर पड़ोसियों ने तुरंत इसकी सूचना कोतवाली पुलिस व मृतक के अधिवक्ता भाई को दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को उतारकर उनका पंचनामा भरवाया। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। कोतवाली प्रभारी लालबहादुर यादव व चौकी प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट मिला है। उसकी सच्चाई पता लगाई जा रही है। अभी तक घरवाले तो आर्थिक तंगी और बीमारी से ही खुदकुशी करने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


दस बीघा के काश्तकार थे दंपति
जालौन। बड़े भाई ने बताया कि मनोज के नाम 10 बीघा खेती थी। पिछले तीन साल से दैवी आपदा से उसे खेती में घाटा उठाना पड़ रहा था। तंगी और बीमारी से ही परेशान होकर आत्महत्या की होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed