आर्थिक तंगी से त्रस्त दंपति ने चुनी मौत
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जालौन। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुठौंदा बुजुर्ग में कर्ज और मर्ज से परेशान होकर युवा दंपति ने मौत चुन ली। गुरुवार की रात को दोनों ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। शादी के बाद बच्चा न होने पर भी दोनों दुखी रहते थे। वह मोहल्ला खर्चीबाल में एक किराये के मकान में रहते थे। सुबह घर से कोई आहट न मिलने पर पड़ोसियों को चिंता हुई। जब उन लोगों ने अंदर देखा तो दोनों फांसी पर लटक रहे थे। इसके बाद उनके परिवारवालों को सूचना दी गई। दोनों की खुदकुशी की जानकारी मिलते ही पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुठौंदा बुजुर्ग निवासी किसान मनोज कुमार द्विवेदी (40) पुत्र रामप्रकाश द्विवेदी व उसकी पत्नी गुड्डी देवी (36) ने गुरुवार की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के बड़े भाई अधिवक्ता गिरजेश कुमार ने बताया कि उसका भाई काफी समय से मुहल्ला चर्खीबाल में किराए के मकान में रह रहा था। खेती में लगातार नुकसान होने पर छोटा मोटा काम कर परिवार चला रहा था। आर्थिक तंगी और तनाव से दंपति अब बीमार भी रहने लगे थे।
उधर, पुलिस के अनुसार सुबह काफी देर तक जब उनका कमरा नहीं खुला तो पड़ोसियों ने कमरे में झांककर देखा। वहां दोनों पति-पत्नी फांसी पर लटके दिखाई दिए। इस पर पड़ोसियों ने तुरंत इसकी सूचना कोतवाली पुलिस व मृतक के अधिवक्ता भाई को दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को उतारकर उनका पंचनामा भरवाया। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। कोतवाली प्रभारी लालबहादुर यादव व चौकी प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट मिला है। उसकी सच्चाई पता लगाई जा रही है। अभी तक घरवाले तो आर्थिक तंगी और बीमारी से ही खुदकुशी करने की बात कह रहे हैं।
दस बीघा के काश्तकार थे दंपति
जालौन। बड़े भाई ने बताया कि मनोज के नाम 10 बीघा खेती थी। पिछले तीन साल से दैवी आपदा से उसे खेती में घाटा उठाना पड़ रहा था। तंगी और बीमारी से ही परेशान होकर आत्महत्या की होगी।