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कूड़े के ढेर से कच्चे घर में लगी आग, गृहस्थी खाक
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कदौरा (जालौन)। कूड़े के ढेर से उठी चिंगारी से कच्चे घर में आग लग गई। जिससे सोने-चांदी के जेवर, नगदी, गेहूं सहित गृहस्थी का लगभग तीन लाख का सामान जल गया। सूचना देने के दो घंटे बाद दमकल के पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश है। सूचना पर एसडीएम ने राजस्व टीम को भेजकर नुकसान की रिपोर्ट मांगी है।
कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम कठपुरवा में शनिवार दोपहर 12 बजे कूड़े के ढेर से उठी चिंगारी से इंद्रपाल पुत्र गंगाराम के कच्चे मकान में आग लग गई। आग की लपटें व धुआं उठता देख पड़ोस में रहने वालों में हड़कंप मच गया। गांव के लोग मौके पर पहुंचे और दमकल को सूचना देकर अपने-अपने घरों से पानी लाकर आग बुझाने में जुट गए। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
तब कहीं जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। आग से गेहूं, चना, लाही, मटर व सोने चांदी के जेवर 35 हजार रुपये जलकर राख हो गए। घटना के समय इंद्रपाल बाहर और उसकी पत्नी शांतिदेवी बकरियां चराने गई थीं। सूचना पर एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला ने लेखपाल को भेजकर आग से नुकसान का आकलन कराकर मदद का आश्वासन दिया। सूचना के दो घंटे बाद दमकल पहुंचने पर गांव के लोगों ने आक्रोश जताया।
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ग्रामीणों ने आक्रोश जताया
गांव के गयाप्रसाद, श्यामकुंवर, गंगाराम, रामवती आदि ग्रामीणों ने आक्रोश जताया कि गांव के तालाबों में अधिकारियों ने पानी नहीं भरवाया है। जिससे गांव के चार तालाब सूखे पड़े हैं। वहीं गांव में पंद्रह सौ की आबादी पर एक दर्जन हैंडपंप लगे हैं। जिसमें सिर्फ दो ही हैंडपंप पानी दे रहे हैं। अगर बड़ा अग्निकांड होता तो बुझाने के लिए पानी भी नहीं मिलता। थाना पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया।
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कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम कठपुरवा में शनिवार दोपहर 12 बजे कूड़े के ढेर से उठी चिंगारी से इंद्रपाल पुत्र गंगाराम के कच्चे मकान में आग लग गई। आग की लपटें व धुआं उठता देख पड़ोस में रहने वालों में हड़कंप मच गया। गांव के लोग मौके पर पहुंचे और दमकल को सूचना देकर अपने-अपने घरों से पानी लाकर आग बुझाने में जुट गए। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
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तब कहीं जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। आग से गेहूं, चना, लाही, मटर व सोने चांदी के जेवर 35 हजार रुपये जलकर राख हो गए। घटना के समय इंद्रपाल बाहर और उसकी पत्नी शांतिदेवी बकरियां चराने गई थीं। सूचना पर एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला ने लेखपाल को भेजकर आग से नुकसान का आकलन कराकर मदद का आश्वासन दिया। सूचना के दो घंटे बाद दमकल पहुंचने पर गांव के लोगों ने आक्रोश जताया।
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ग्रामीणों ने आक्रोश जताया
गांव के गयाप्रसाद, श्यामकुंवर, गंगाराम, रामवती आदि ग्रामीणों ने आक्रोश जताया कि गांव के तालाबों में अधिकारियों ने पानी नहीं भरवाया है। जिससे गांव के चार तालाब सूखे पड़े हैं। वहीं गांव में पंद्रह सौ की आबादी पर एक दर्जन हैंडपंप लगे हैं। जिसमें सिर्फ दो ही हैंडपंप पानी दे रहे हैं। अगर बड़ा अग्निकांड होता तो बुझाने के लिए पानी भी नहीं मिलता। थाना पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया।