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लोक अदालत में निपटाए गए 6445 वाद
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लोक अदालत में संबोधित करती जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रेनू यादव, मौजूद न्यायिक अधिकारी।
- फोटो : ORAI
उरई। राष्ट्रीय लोक अदालत में 6445 वादों का निस्तारण किया गया। जहां मोटर दुर्घटना वाहन प्रतिकर याचिका के 104 मामलों में पीड़ित याचीगण को 26428304 रुपये की धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाई गई। वहीं बैंकों के बकाया के 1294 मामलों में बैंक एवं बकायेदारों के मध्य समझौता कराकर 75375138 रुपये धनराशि जमा कराई गई। इस प्रकार करीब 7153 लोगों को मुकदमे के झंझट से मुक्ति मिली।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में दीवानी न्यायालय में आयोजित लोक अदालत में जिला जज तरुण सक्सेना ने 77 मुकदमों का निस्तारण किया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजीव कुमार ने 104 मामलों में पीड़ित याचीगण को 26428304 रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाए। प्राधिकरण की सचिव रेनू यादव ने बताया कि कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश अमित पाल सिंह एवं अमृता शुक्ला ने 81 मुकदमों का निस्तारण किया गया। एडीजे प्रथम सुरेश चंद्र समेत सभी अपर जिला न्यायाधीशों ने 480 मुकदमे निस्तारित किए। सीजेएम अंजू राजपूत ने 485 वादों का निस्तारण कर 265400 रुपये अर्थदंड लगाया। सिविल जज महेंद्र कुमार रावत ने 41 वाद निस्तारित किए। विभिन्न सिविल जज द्वारा 212 मुकदमों का निस्तारण कर 41940 रुपये अर्थदंड लगाया गया। वाह्य न्यायालय कोंच के न्यायिक अधिकारी पलाश गांगुली, अभिषिकता यादव, जालौन के न्यायिक अधिकारी अर्नवराज चक्रवर्ती, नेहा राजन, कालपी की न्यायिक अधिकारी रागिनी मिश्रा, सुभाष ने 680 वाद निस्तारित किए। ग्राम न्यायालय माधौगढ़ की न्यायाधिकारी श्वेता यादव ने 212 वाद निस्तारित किए। इस दौरान इंडियन बैंक, एसबीआई, आर्यावर्त बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी आदि बैंकों के बकाया ऋण के 1294 मामलों का निस्तारण कर 130591124 रुपये धनराशि का समझौता कराते हुए 7375138 रुपये की धनराशि जमा की गई। इसके अलावा एडीएम, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार कोर्ट से भी राजस्व संहिता और फौजदारी के कुल 2517 मामले निस्तारित किए गए।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में 43 वादों का निस्तारण
जालौन। न्यायालय सिविल जज में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। जिसमें सिविल जज अर्नव राज चक्रवर्ती व एडीशनल सिविल जज नेहा राजन ने वादों को सुनकर उनका निस्तारण किया। लोक अदालत में जुआ अधिनियम, एक्साइज, व्हीकल एक्ट से संबंधित 203 वाद प्रस्तुत किए गए। जिसमें 43 वाद का निस्तारण हुआ। न्यायाधीश ने 32 हजार 300 रुपये की समझौता राशि का निर्धारण किया। इस मौके पर राकेश रायक्वार, हरीबाबू, अयूब खान आदि मौजूद रहें। (संवाद)
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में दीवानी न्यायालय में आयोजित लोक अदालत में जिला जज तरुण सक्सेना ने 77 मुकदमों का निस्तारण किया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजीव कुमार ने 104 मामलों में पीड़ित याचीगण को 26428304 रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाए। प्राधिकरण की सचिव रेनू यादव ने बताया कि कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश अमित पाल सिंह एवं अमृता शुक्ला ने 81 मुकदमों का निस्तारण किया गया। एडीजे प्रथम सुरेश चंद्र समेत सभी अपर जिला न्यायाधीशों ने 480 मुकदमे निस्तारित किए। सीजेएम अंजू राजपूत ने 485 वादों का निस्तारण कर 265400 रुपये अर्थदंड लगाया। सिविल जज महेंद्र कुमार रावत ने 41 वाद निस्तारित किए। विभिन्न सिविल जज द्वारा 212 मुकदमों का निस्तारण कर 41940 रुपये अर्थदंड लगाया गया। वाह्य न्यायालय कोंच के न्यायिक अधिकारी पलाश गांगुली, अभिषिकता यादव, जालौन के न्यायिक अधिकारी अर्नवराज चक्रवर्ती, नेहा राजन, कालपी की न्यायिक अधिकारी रागिनी मिश्रा, सुभाष ने 680 वाद निस्तारित किए। ग्राम न्यायालय माधौगढ़ की न्यायाधिकारी श्वेता यादव ने 212 वाद निस्तारित किए। इस दौरान इंडियन बैंक, एसबीआई, आर्यावर्त बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी आदि बैंकों के बकाया ऋण के 1294 मामलों का निस्तारण कर 130591124 रुपये धनराशि का समझौता कराते हुए 7375138 रुपये की धनराशि जमा की गई। इसके अलावा एडीएम, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार कोर्ट से भी राजस्व संहिता और फौजदारी के कुल 2517 मामले निस्तारित किए गए।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में 43 वादों का निस्तारण
जालौन। न्यायालय सिविल जज में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। जिसमें सिविल जज अर्नव राज चक्रवर्ती व एडीशनल सिविल जज नेहा राजन ने वादों को सुनकर उनका निस्तारण किया। लोक अदालत में जुआ अधिनियम, एक्साइज, व्हीकल एक्ट से संबंधित 203 वाद प्रस्तुत किए गए। जिसमें 43 वाद का निस्तारण हुआ। न्यायाधीश ने 32 हजार 300 रुपये की समझौता राशि का निर्धारण किया। इस मौके पर राकेश रायक्वार, हरीबाबू, अयूब खान आदि मौजूद रहें। (संवाद)
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