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Jalaun News: सहकारी समितियों पर ताले, खाद के लिए भटके किसान

Fri, 23 Oct 2026 01:14 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 01:14 AM IST
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Cooperative societies locked; farmers left scrambling for fertilizer
फोटो -29 जखा सहकारी समिति में पसरा सन्नाटा। संवाद - फोटो : ARchive
माधौगढ़/सिरसा कलार। रबी की बोआई के अहम सीजन में सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल किसानों पर भारी पड़ रही है। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर बी पैक्स सहकारी समितियों के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इससे कई समितियों पर ताले लटक गए हैं और खाद लेने पहुंच रहे किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
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माधौगढ़ तहसील क्षेत्र में सरावन और जगम्मनपुर संघ, क्रय-विक्रय सहकारी समिति के अलावा 18 बी पैक्स सहकारी समितियां संचालित हैं। इनमें गोपालपुरा, मिझौना, अटागांव, हरौली, धमना, गोहन, गोरा भूपका, सरावन, अमखेड़ा, रुद्रपुरा, रामपुरा, सिद्धपुरा, टीहर, जगम्मनपुर, ऊमरी, मजीठ, नावर और बहादुरपुर की समितियां शामिल हैं। इन समितियों के सचिव, आंकिक, विक्रेता और चपरासी हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों के काम बंद करने से खाद वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वहीं, क्रय-विक्रय सहकारी समिति पर खाद लेने पहुंचे किसानों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को कतार में लगवाकर खाद का वितरण कराया।
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सिरसा कलार क्षेत्र में भी हड़ताल का असर दिखाई दिया। जखा और दमरास बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समितियों पर सन्नाटा पसरा है। जखा समिति से 14 गांवों के किसान खाद के लिए निर्भर हैं, जबकि दमरास समिति से 13 गांवों के किसानों की जरूरतें जुड़ी हैं। किसानों का कहना है कि समितियों पर पहले से ही पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही थी। कभी खाद की कमी, कभी भीड़ और कभी कागजी औपचारिकताओं के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ती थी। अब कर्मचारियों की हड़ताल से खाद मिलने की उम्मीद भी टूट रही है। निजी दुकानों पर महंगे दाम में खाद मिलने के कारण किसान वहां से खरीदने में असमर्थ हैं।
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फसल में नुकसान की आशंका
फोटो - 32 जसवंत सिंह सेंगर।
सुबह से खाद मिलने की उम्मीद में बैंक पर बैठे रहे, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण खाद नहीं मिली। बिना खाद के लौटना पड़ रहा है। बोआई में देरी हो रही है, जिससे फसल को नुकसान होने की आशंका है।
- जसवंत सिंह सेंगर, किसान।

फोटो - 33 वीरेंद्र सिंह कुशवाहा।

मटर की बोआई के लिए खाद लेने सहकारी बैंक पहुंचे थे, लेकिन बैंक बंद मिला। समय पर खाद नहीं मिली तो बोआई पिछड़ जाएगी। प्रशासन को जल्द खाद वितरण की व्यवस्था शुरू करानी चाहिए।

- वीरेंद्र कुशवाहा, किसान


जिले की अधिकतर समितियों में खाद है। कर्मचारियों की वजह से समितियों में खाद का वितरण नहीं हो पाया है। समस्या का समाधान कराया जा रहा है।
- शिवकुमार, एआर

फोटो -29 जखा सहकारी समिति में पसरा सन्नाटा। संवाद

फोटो -29 जखा सहकारी समिति में पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : ARchive

फोटो -29 जखा सहकारी समिति में पसरा सन्नाटा। संवाद

फोटो -29 जखा सहकारी समिति में पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : ARchive

फोटो -29 जखा सहकारी समिति में पसरा सन्नाटा। संवाद

फोटो -29 जखा सहकारी समिति में पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : ARchive

फोटो -29 जखा सहकारी समिति में पसरा सन्नाटा। संवाद

फोटो -29 जखा सहकारी समिति में पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : ARchive

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