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Jalaun News: ज्यादा-कम बिजली बिलों के फेर में उलझे उपभोक्ता

Sat, 12 Oct 2024 02:55 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन Updated Sat, 12 Oct 2024 02:55 AM IST
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Consumers are confused about high and low electricity bills
उरई। जिले में बिजली विभाग के नए कारनामे देखने को मिल रहे है। एक महीने का उपभोक्ताओं का बिल पांच से छह हजार रुपये भेजा जा रहा है। जबकि हर महीने यही बिल एक से दो हजार रुपये आता था। सुधार के नाम पर दलाल विभाग में घूमते रहते हैं। जो उपभोक्ताओं से पैसे लेकर आधा बिल जमा कर देते हैं और आश्वासन देते हैं कि पूरा बिल जमा हो गया। अगले महीने फिर यही स्थिति बन जाती है। ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति काफी खराब है। महीनों उनके यहां पर बिल नहीं पहुंचते हैं। जब पहुंचते हैं तो बिल लाखों में होते हैं।
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गौरतलब है कि उन्नाव जनपद में एक युवक ने ज्यादा बिल आने पर बुधवार को आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद ऊर्जा मंत्री ने अधिशासी अभियंता, एसडीओ और जेई को निलंबित कर दिया है। कई के खिलाफ मुकदमा लिखवाने के लिए भी कहा है। वहीं, बात उरई शहर की करें तो दर्जनों उपभोक्ताओं की शिकायत हैं कि उनके बिल एक दम से बढ़ गए हैं। पिछले महीने जो बिल आया था। उसके दो गुना इस महीने बिल आया है।
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बिलों के सुधार के नाम पर दलाल भी सक्रिय हैं। जो आधे अधूरे बिल जमा करके उपभोक्ताओं को परेशान करते हैं। ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति ज्यादा खराब है। जब उपभोक्ताओं के मीटर लगाए गए तो उनके पास बिल नहीं भेजे गए। पांच से छह महीने बाद जब बिल आए तो ज्यादा के चक्कर में किसी ने बिल जमा नहीं किए। अब बकाया लाखों में पहुंच गया है। कई गांव में तो लोगों ने मीटर तक हटाकर रख लिए।
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मीटर रीडर भी कर देते हरकत
मीटर रीडर बिल बढ़ाने और कम करने में माहिर हैं। जो कुछ पैसे लेकर कम रीडर का बिल निकालकर उपभोक्ताओं को देते रहते हैं। इसके चलते मीटर में रीडिंग एकत्रित हो जाती है। इसके बाद एक साथ बिल निकालकर दे दिया जाता है, जिससे उपभोक्ता कार्यालय के चक्कर लगाते रहते हैं। ये अक्सर तब होता है जब मीटर रीडर के क्षेत्र बदल दिए जाते हैं। नए मीटर रीडर के आने पर पोल खुलती है।
बिना मीटर लगे आ रहे हैं बिजली के बिल

हैरान कर देने वाली बात यह है कि बरहा, बजीदा, करसान, मलूपुरा, करमचंद्र पुरा, मवई, दशहरी सहित एक दर्जन गांव में बिजली के कनेक्शन तो हैं लेकिन घरों पर मीटर नहीं लगे हैं। इसके बाद भी लोगों के घर महीने दो महीने में बिल पहुंच जाते हैं। कभी ज्यादा को कभी कम बिल आते हैं। मीटर नहीं होने से उपभोक्ताओं को भी जानकारी नहीं होती है कि किस आधार पर बिल आ रहे हैं।

केस- 1
मातापुरा के विशाल ने बताया कि दो महीने पहले बिजली का नया कनेक्शन लिया। पहले महीने तीन हजार रुपये बिजली का बिल आया था। जबकि, इस महीने छह हजार रुपये बिल आया है। जबकि घर में दो पंखे और तीन चार बल्ब ही लगे हुए हैं। अधिकतर लोग घर से बाहर रहते हैं। इसके बाद भी इतना बिल आ गया है। चार-पांच दिन से सुधार के लिए परेशान हो रहे हैं, लेकिन विभाग में कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जबकि दलाल सुधार का आश्वासन दे रहे हैं।
केस-2

शहर के करसान रोड कादरी रोड के निवासी अब्दुल रशीद ने बताया कि पांच महीने से लगातार गड़बड़ बिल आ रहा है। उनका हर महीने दो सौै से तीन सौ रुपये बिल आता था। चार महीने पहले तीन हजार रुपये बिल आया। सुधार के नाम पर काफी परेशान किया गया। तीन महीने पहले 12 सौ रुपये आया। दो महीने पहले 900 रुपये आया। इस महीने का करीब 800 रुपये बिल आया। जबकि घर में एक पंखा और चार एलईडी बल्ब लगे हैं।




वर्जन-

ग्रामीण क्षेत्र हो या शहर सभी जगह समय पर बिल पहुंच रहे हैं। अगर कोई बिल गड़बड़ी की शिकायत आती है तो उसमें सुधार किया जाता है। वैसे बिलों में कोई गड़बड़ी नहीं होती है। फिर भी अगर बिल गड़बड़ आ रहे हैं तो दिखवाएंगे। -जितेंद्र नाथ, अधिशासी अभियंता, बिजली विभाग
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