फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Confused in market on GST

जीएसटी पर बाजार में उलझन

Sun, 02 Jul 2017 12:08 AM IST
अमर उजाला जालौन
अमर उजाला जालौन Updated Sun, 02 Jul 2017 12:08 AM IST
विज्ञापन
Confused in market on GST
कपडे़ की दुकान में पसरा सन्नाटा। - फोटो : अमर उजाला
उरई। पहली जुलाई से जीएसटी लागू हो गया और सरकार ने टीवी, अखबारों के साथ पोस्टर आदि लगाकर इसका प्रचार भी किया लेकिन व्यापारी व ग्राहक अभी इसे समझ नहीं पाए हैं। जीएसटी लागू होने के बाद पहले दिन शनिवार को बाजार में असमंजस की स्थिति रही। फुटकर बाजार क्या सस्ता हुआ है और क्या महंगा इसकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। हां घरों और बाजारों पूरा दिन जीएसटी की चर्चा जरूर रही। व्यापारी जहां एक दूसरे से जीएसटी की बारीकियां समझने की कोशिश करते रहे वहीं ग्राहक कौन-कौन से चीजें सस्ती हुई हैं इसकी जानकारी लेने में जुटे रहे। जीएसटी से लग्जरी लाइफ महंगी होने जा रही है ये सबकी समझ में आने लगा है।
विज्ञापन

 जीएसटी लागू होने के बाद पहली दिन शनिवार को बाजार आम दिनों की तरह खुला लेकिन बाजार में रौनक गायब रही। दरअसल अभी फुटकर बाजार में ये तय नहीं हो पाया है कि क्या महंगा हुआ है और क्या सस्ता। बाजार में जो ग्राहक आए भी वह केवल दाम पता कर चलते बने। जरूरी चीजों की ही खरीदारी की गई। पूरा दिन व्यापारी आसपास में जीएसटी की बारीकियां समझने की कोशिश करते रहे। कुछ व्यापारियों ने कर मामले के वकीलों और चार्टड एकाउंटेंट से जानकारी ली लेकिन कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया। कपड़ा व्यापारी नीरज गुप्ता ने बताया कि अभी जीएसटी की ही जानकारी नहीं हैं फिर टैक्स के बार में क्या बताएं। सीए से राय ले रहे हैं। घंटाघर के व्यापारी राम बिहारी ने कहा कि फिलहाल कुछ समझ नहीं आ रहा है। व्यापारी और ग्राहक दोनों में असमंजस है। कालपी स्टैंड स्थित सनराइज होटल के मैनेजर धर्मेंद्र यादव ने बताया कि रेस्टोरेंट के खाने के बिल में बढ़ोत्तरी हो गई है। इससे भुगतान को पूरा दिन ग्राहकों से झिकझिक होती रही। अन्य दिनों की अपेक्षा कम लोग ही खाना खाने आए। दो एक दिन में होटल के कमरों की नई रेट लिस्ट भी लगानी पड़ेगी आगे देखते हैं व्यवसाय पर क्या असर पड़ता है।
विज्ञापन




ट्रेेन में एसी का किराया और कैटरिंग मंहगी
रेल अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी लागू होने से रेलवे की कैटरिंग महंगी हो गई है। जो ब्रेकफास्ट 80 रुपये में मिलता था अब 100 रुपये का हो गया है। 130 रुपये वाला डिनर व जंच 155 रुपये जबकि शाम की चाय 67 से 80 रुपये और रात की चाय 41 से 50 रुपये हो गई है। दूध का पैकेट (कांबो मिल्क) 67 से 80 रुपये हो गया है। एसी कोच के किराए में भी बढ़ोत्तरी हो गई है। एसी वन, टू और थ्री के किराए पर अभी तक 4.5 प्रतिशत ही टैक्स था, अब बढ़ाकर पूरे 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


होटल का किराया, रेस्टोरेंट में खाना भी मंहगा
होटल और रेस्टोरेंट पर भी जीएसटी का असर दिखाई दिया। होटलों के कमरों के किराए पर टैक्स 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 से 28 प्रतिशत तक कर दिया गया है। इससे कमरों के किराए पर 200 से 2000 रुपये तक की बढ़ोतरी होना तय है। रेस्टोरेंट का खाने पीने पर टैक्स 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत हो जाएगा।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed