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देर से आना, जल्दी जाना, ये साहब ठीक नहीं ुप

Sun, 04 Sep 2022 12:18 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 Sep 2022 12:18 AM IST
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Come late, go early, this sir is not right
उरई। जिला अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ की देर से आने और जल्दी जाने की आदत छूट नहीं पा रही है। दस बजे तक डॉक्टर अपने कक्ष में नहीं मिलते हैं। इसकी वजह से मरीज भटक रहे हैं। तीमारदार डॉक्टरों का पता लगाने के लिए इधर-उधर जा रहे हैं। पड़ताल करती प्रतिनिधि की रिपोर्ट।
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प्रतिनिधि सुबह 9:30 बजे जिला अस्पताल के ओपीडी पहुंचे तो अधिकांश चिकित्सक अपनी सीट से नदारद मिले। मरीज उनके इंतजार में खड़े नजर आए।
हालांकि, कुछ कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर डॉक्टर साहब की लेटलतीफी पर उनकी नाइट ड्यूटी होने का पर्दा डालने की कोशिश की। जिला अस्पताल के ए-ब्लॉक में 9:30 बजे दवा, पर्ची, इंजेक्शन काउंटर खुल दिखे। कर्मचारी काम कर रहे थे।
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कक्ष संख्या पांच में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंह मरीज को देख रहे थे। कक्ष संख्या छह में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव का कक्ष बंद था, लेकिन ताला खुला था। कक्ष संख्या सात में दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद नहीं थे। वहां मौजूद स्टाफ ने बताया कि अभी डॉक्टर साहब आ रहे हैं। कक्षा संख्या नौ में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक आर्या की कुर्सी खाली मिली।
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कक्ष संख्या दस में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. शक्ति मिश्रा बैठे थे। कक्षा संख्या 12 में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मधुसूदन भी मरीज देख रहे थे। कक्षा संख्या 14 तंबाकू नियंत्रण कक्ष में काउसंलर महेश काउंसिलिंग कर रहे थे। बी ब्लॉक में कुछ चिकित्सक पहुंच गए थे और कुछ आते जा रहे थे।
क्या बोले मरीज:
डिग्गीताल निवासी जल संस्थान कर्मचारी रणवीर सिंह सिसौदिया ने बताया कि वह नौ बजे आ गए थे। उन्हें हड्डी संबंधी दिक्कत है। फिजियोथेरेपिस्ट से मिलना था लेकिन अभी वह नहीं आई हैं। राजेंद्रनगर निवासी नीलम ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ ने शुक्रवार को बेटे अविनाश (3) की जांच लिखी थी। दिखाने आई थीं, लेकिन डॉक्टर कक्ष में नहीं मिले।
कोरोना काल से बंद हो गई बायोमैट्रिक उपस्थिति
जिला अस्पताल में बायोमैट्रिक उपस्थिति होती थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद बायोमैट्रिक उपस्थिति बंद कर दी गई। अब कोरोना संक्रमण के कारण थमी गतिविधियां बहाल हो गई हैं, लेकिन बायोमैट्रिक उपस्थिति का काम शुरू नहीं हुआ है। इस कारण भी चिकित्सीय स्टाफ मनमानी कर रहा है।

बोले जिम्मेदार
डॉक्टर सुबह आकर राउंड पर चले जाते हैं। दस बजे तक लगभग सभी डॉक्टर बैठ जाते हैं। यदि कोई डॉक्टर ड्यूटी से गैरहाजिर रहता है तो इसकी जानकारी की जाएगी। बायोमैट्रिक उपस्थिति फिलहाल कहीं नहीं हो रही है।
- डॉ. अविनेश कुमार बनौधा, सीएमएस जिला अस्पताल
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