{"_id":"578a6a714f1c1ba64e13f95a","slug":"cloud-lashed-day-affected-life","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिन भर बरसे मेघ, जनजीवन प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिन भर बरसे मेघ, जनजीवन प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sat, 16 Jul 2016 10:40 PM IST
विज्ञापन
अजनारी रोड पर सड़क पर भरे पानी से होकर गुजरते युवक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश शनिवार को भी जारी रही। इससे आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। सुबह से ही आसमान में छाए काले मेघ दस बजे से बरसने से शुरू हुए। इसके बाद दिन भर रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे बाजारों में अधिकांश समय सन्नाटा ही पसरा रहा। शाम को फिर से झमाझम बारिश हुई। शाम पांच बजे तक 38 मिली मीटर
बारिश दर्ज की गई। तीन दिनों से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। कभी झमाझम तो कभी फुहारों से मौसम सुहावना है। शनिवार को भी सुबह से ही बादल छाए रहे। करीब दस बजे फुहारें गिरनी शुरू हुईं। इसके बाद बारिश तेज हुई और 12 बजे के बाद कुछ समय के लिए रुक भी गई। दोपहर दो बजे के बाद फिर से एक घंटे बारिश हुई। शाम साढ़े चार बजे फिर से एक
घंटे तक झमाझम बारिश हुई। सुबह से शाम पांच बजे तक शहर में कुल 38 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस बारिश से शहरियों को उमस भरी गर्मी से निजात तो मिली है, पर मुश्किलें भी
विज्ञापन
बढ़ी हैं। तीन दिनों से बारिश होने के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने काम निपटाने के लिए शहर नहीं आ पा रहे हैं। बाजार लगभग ठप हो गए हैं। शनिवार को दिन भर बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। बीच-बीच में बारिश रुकने पर लोग घरों से तो निकले, पर काम निपटाते ही फिर से फिर से घरों के अंदर कैद हो गए।
फिर से बाढ़ के मुहाने पर आया शहर
तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से शहर फिर से बाढ़ के मुहाने पर आ खड़ा हुआ है। कई मोहल्लों में नालियों का पानी सड़कों व घरों में घुसने लगा है। आने वाले एक-दो दिनों में मौसम इसी तरह रहा तो शहर फिर से बाढ़ की चपेट में आ सकता है। इसका प्रमुख कारण यह है कि नगर पालिका द्वारा इस वर्ष भी नाला सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं ही पूरी
की गई हैं। प्रमुख नालों पर अतिक्रमण हो जाने व इनकी सही ढंग से सफाई न होने के कारण नालों से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। मोहल्ला शांति नगर, उमरारखेरा, पाठकपुरा, तुफै लपुरवा, इंद्रानगर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां पर लोगों के घरों में नालियों का गंदा पानी घुस रहा है।
सूखा पर ब्रेक झमाझम बारिश
जनपद में सूखा पर अब ब्रेक लग गया है। तीन दिन में झमाझम बारिश ने आंकड़ो का ग्राफ बढ़ा दिया है। हालांकि बारिस से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। नगर पालिका के सफाई अभियान की पोल भी खुल गई। खरीफ फसल में तिल की बुआई भी बारिश से लेट हो गई है। परेशानी तो बढ़ी लेकिन बारिश ने जल स्तर से लेकर सूखा का दंश झेल रहे जनपद वासियों
को राहत जरूर दी है। 16 जून से अब तक 793.92 मिली मीटर बारिश हो चुकी है। इसमें 101 मिली मीटर बारिश तो अकेले 15 जुलाई को दर्ज की गई है। बारिश ने मुहम्मदाबाद गांव के एक गरीब के आशियाने को भी तहस नहस कर दिया।
विज्ञापन
बारिश दर्ज की गई। तीन दिनों से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। कभी झमाझम तो कभी फुहारों से मौसम सुहावना है। शनिवार को भी सुबह से ही बादल छाए रहे। करीब दस बजे फुहारें गिरनी शुरू हुईं। इसके बाद बारिश तेज हुई और 12 बजे के बाद कुछ समय के लिए रुक भी गई। दोपहर दो बजे के बाद फिर से एक घंटे बारिश हुई। शाम साढ़े चार बजे फिर से एक
विज्ञापन
घंटे तक झमाझम बारिश हुई। सुबह से शाम पांच बजे तक शहर में कुल 38 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस बारिश से शहरियों को उमस भरी गर्मी से निजात तो मिली है, पर मुश्किलें भी
विज्ञापन
बढ़ी हैं। तीन दिनों से बारिश होने के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने काम निपटाने के लिए शहर नहीं आ पा रहे हैं। बाजार लगभग ठप हो गए हैं। शनिवार को दिन भर बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। बीच-बीच में बारिश रुकने पर लोग घरों से तो निकले, पर काम निपटाते ही फिर से फिर से घरों के अंदर कैद हो गए।
फिर से बाढ़ के मुहाने पर आया शहर
तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से शहर फिर से बाढ़ के मुहाने पर आ खड़ा हुआ है। कई मोहल्लों में नालियों का पानी सड़कों व घरों में घुसने लगा है। आने वाले एक-दो दिनों में मौसम इसी तरह रहा तो शहर फिर से बाढ़ की चपेट में आ सकता है। इसका प्रमुख कारण यह है कि नगर पालिका द्वारा इस वर्ष भी नाला सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं ही पूरी
की गई हैं। प्रमुख नालों पर अतिक्रमण हो जाने व इनकी सही ढंग से सफाई न होने के कारण नालों से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। मोहल्ला शांति नगर, उमरारखेरा, पाठकपुरा, तुफै लपुरवा, इंद्रानगर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां पर लोगों के घरों में नालियों का गंदा पानी घुस रहा है।
सूखा पर ब्रेक झमाझम बारिश
जनपद में सूखा पर अब ब्रेक लग गया है। तीन दिन में झमाझम बारिश ने आंकड़ो का ग्राफ बढ़ा दिया है। हालांकि बारिस से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। नगर पालिका के सफाई अभियान की पोल भी खुल गई। खरीफ फसल में तिल की बुआई भी बारिश से लेट हो गई है। परेशानी तो बढ़ी लेकिन बारिश ने जल स्तर से लेकर सूखा का दंश झेल रहे जनपद वासियों
को राहत जरूर दी है। 16 जून से अब तक 793.92 मिली मीटर बारिश हो चुकी है। इसमें 101 मिली मीटर बारिश तो अकेले 15 जुलाई को दर्ज की गई है। बारिश ने मुहम्मदाबाद गांव के एक गरीब के आशियाने को भी तहस नहस कर दिया।