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जालौन: चिटफंड कंपनियों ने हर घर में मचाई लूट, आकड़ा 30 हजार पार
Mon, 20 Feb 2023 11:59 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Mon, 20 Feb 2023 11:59 PM IST
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जालौन/माधौगढ़। चिटफंड कंपनियों ने ग्रामीण क्षेत्र तक पैठ बनाकर लगभग हर घर में लूट मचाई है। जैसे ही डूबी रकम मिलने की उम्मीद लोगों को हुई तो पीड़ितों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। जिले की सभी पांचों तहसीलों में हर रोज हजारों आवेदन जमा किए जा रहे हैं लेकिन लाइन छोटी होने की बजाय दिन पर दिन लंबी होती जा रही है। आवेदन जमा करने के लिए लोग भूखे-प्यासे कई-कई घंटे लाइनों में लग रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक अभी तक 30 हजार लोगों के आवेदन पहुंचे हैं।
चिटफंड कंपनियों ने धन दोगुना करने का लालच देकर लोगों का पैसा जमा कराया। उसके बदले में उन्हें कुछ नहीं मिला। पॉलिसी की अवधि पूरी होने से पहले ही इनमें से कई कंपनियां लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पकर भाग गईं।
अपना आवेदन पत्र जमा करने आए अवधेश ने बताया कि वह सुबह पांच बजे से लाइन में खड़े हो गए थे। 11 बजे तक उनका नंबर नहीं आया है। नाश्ता भी नहीं किया है। बस किसी तरह फॉर्म जमा हो जाए तो बात बने। महिला संध्या ने बताया कि उन्होंने अपनी घरेलू बचत का निवेश पॉलिसी में किया था। अब उम्मीद जगी है कि शायद उनकी जमा की गई रकम ही वापस मिल जाए। विनोद, जगत सिंह, शकील आदि ने एसडीएम सना अख्तर से मांग करते हुए कहा कि लोगों की भीड़ को देखते हुए काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाए।
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माधौगढ़ संवाद के अनुसार- चिटफंड कंपनियों में फंसे पैसे निकलवाने को लेकर तहसील में कागज जमा करने के लिए हजारों की संख्या में भीड़ लगी है। भीड़ को व्यवस्थित करने में पुलिस का भी पसीना छूट रहा है। तहसील परिसर पर चिटफंड कंपनी सहारा, पल्स ग्रीन, जीसीए, केएमजी सहित अन्य कंपनियों की ठगी का शिकार हुए लोगों के लिए कागजात जमा हो रहे हैं।
एसडीएम अंगद सिंह का कहना है कि लोगों के कागजात जमा करने के लिए तीन काउंटर खोले गए हैं। लोगों की अधिक भीड़ के चलते महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। चिटफंड कंपनियों के कागज पालिसी, बांड,पासबुक,आधार कार्ड, पैनकार्ड के साथ जमा हो रहे हैं। पालिसी बांड जमा करने आए राजेश सिंह, महेश सिंह, रोशनी देवी का कहना है कि प्राइवेट कंपनी में हजारों रुपये जमा है। भीड़ को व्यवस्थित करने को लेकर पुलिस बल तैनात है। अभी तक 30 हजार लोगों के आवेदन आए हैं।
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चिटफंड कंपनियों ने धन दोगुना करने का लालच देकर लोगों का पैसा जमा कराया। उसके बदले में उन्हें कुछ नहीं मिला। पॉलिसी की अवधि पूरी होने से पहले ही इनमें से कई कंपनियां लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पकर भाग गईं।
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अपना आवेदन पत्र जमा करने आए अवधेश ने बताया कि वह सुबह पांच बजे से लाइन में खड़े हो गए थे। 11 बजे तक उनका नंबर नहीं आया है। नाश्ता भी नहीं किया है। बस किसी तरह फॉर्म जमा हो जाए तो बात बने। महिला संध्या ने बताया कि उन्होंने अपनी घरेलू बचत का निवेश पॉलिसी में किया था। अब उम्मीद जगी है कि शायद उनकी जमा की गई रकम ही वापस मिल जाए। विनोद, जगत सिंह, शकील आदि ने एसडीएम सना अख्तर से मांग करते हुए कहा कि लोगों की भीड़ को देखते हुए काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाए।
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माधौगढ़ संवाद के अनुसार- चिटफंड कंपनियों में फंसे पैसे निकलवाने को लेकर तहसील में कागज जमा करने के लिए हजारों की संख्या में भीड़ लगी है। भीड़ को व्यवस्थित करने में पुलिस का भी पसीना छूट रहा है। तहसील परिसर पर चिटफंड कंपनी सहारा, पल्स ग्रीन, जीसीए, केएमजी सहित अन्य कंपनियों की ठगी का शिकार हुए लोगों के लिए कागजात जमा हो रहे हैं।
एसडीएम अंगद सिंह का कहना है कि लोगों के कागजात जमा करने के लिए तीन काउंटर खोले गए हैं। लोगों की अधिक भीड़ के चलते महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। चिटफंड कंपनियों के कागज पालिसी, बांड,पासबुक,आधार कार्ड, पैनकार्ड के साथ जमा हो रहे हैं। पालिसी बांड जमा करने आए राजेश सिंह, महेश सिंह, रोशनी देवी का कहना है कि प्राइवेट कंपनी में हजारों रुपये जमा है। भीड़ को व्यवस्थित करने को लेकर पुलिस बल तैनात है। अभी तक 30 हजार लोगों के आवेदन आए हैं।