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पांच स्वास्थ्य केंद्र कायाकल्प अवार्ड योजना में चयनित
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उरई। कायाकल्प अवार्ड योजना वर्ष 2021-22 में जिले के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चयनित हुए है। इसमें सीएचसी कदौरा का प्रदेश में चौथा और बुंदेलखंड में पहले स्थान आया है। कदौरा सीएचसी को 92.71 फीसदी अंक मिले हैं है। इसके अलावा सीएचसी माधौगढ़ को 81.86 फीसदी अंक, सीएचसी नदीगांव को 76.29, सीएचसी कोंच को 72.71 व सीएचसी जालौन को 70.14 फीसदी अंक मिले हैं है। पुरस्कार के रुप में कदौरा सीएचसी को ढाई लाख और शेष चिकित्सा इकाइयों को एक-एक लाख रुपये पुरस्कार राशि के रुप में दिए जाएंगे। इस धनराशि का 75 प्रतिशत चिकित्सालय के रखरखाव एवं कमियों दूर करने में और 25 प्रतिशत धनराशि कर्मचारियों को उत्साहवर्धन के लिए पुरस्कार के रुप में प्रदान की जाएगी।
जनपदीय परामर्शदाता कायाकल्प योजना डा. अरुण कुमार राजपूत ने बताया कि कायाकल्प योजना के अंतर्गत चिकित्सालयों के मूल्यांकन के लिए भार सरकार की ओर से एक निर्धारित चेकलिस्ट होती है। उसमें बिंदुवार अंक निर्धारित होते हैं। इसे आठ भागों में बांटा गया है। इसमें चिकित्सालय का रखरखाव, स्वच्छता एवं साफ सफाई, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता को बढ़ावा देना, सहयोगी सेवाएं,चार दीवारी के चारों तरफ का क्षेत्र एवं पर्यावरण अनुकूल वातावरण में बांटा गया है। इन बिंदुओं पर चिकित्सा इकाई का तीन चरणों में मूल्यांकन होता है। प्रथम चरण में चिकित्सालय की क्वालिटी टीम द्वारा आंतरिक मूल्यांकन होता है। इसमें 70 प्रतिशत से अधिक अंक आने पर दूसरे चरण का पीआर मूल्यांकन मंडलीय स्तर की टीम द्वारा किया जाता है। इसमें भी 70 प्रतिशत से अधिक आने पर अगले चरण के लिए चुन लिया जाएगा। तीसरे चरण में राज्य स्तर की टीम मूल्यांकन करती है। इसमें भी 70 प्रतिशत से अधिक अंक मिलने पर पुरस्कार के लिए चुन लिया जाता है। सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा, नोडल अधिकारी डॉ वीरेंद्र सिंह ने चयनित स्वास्थ्य इकाइयों को बधाई देते हुए निर्देशित किया कि और बेहतर प्रयास करें और एनक्वास की तैयारियां करें।
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जनपदीय परामर्शदाता कायाकल्प योजना डा. अरुण कुमार राजपूत ने बताया कि कायाकल्प योजना के अंतर्गत चिकित्सालयों के मूल्यांकन के लिए भार सरकार की ओर से एक निर्धारित चेकलिस्ट होती है। उसमें बिंदुवार अंक निर्धारित होते हैं। इसे आठ भागों में बांटा गया है। इसमें चिकित्सालय का रखरखाव, स्वच्छता एवं साफ सफाई, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता को बढ़ावा देना, सहयोगी सेवाएं,चार दीवारी के चारों तरफ का क्षेत्र एवं पर्यावरण अनुकूल वातावरण में बांटा गया है। इन बिंदुओं पर चिकित्सा इकाई का तीन चरणों में मूल्यांकन होता है। प्रथम चरण में चिकित्सालय की क्वालिटी टीम द्वारा आंतरिक मूल्यांकन होता है। इसमें 70 प्रतिशत से अधिक अंक आने पर दूसरे चरण का पीआर मूल्यांकन मंडलीय स्तर की टीम द्वारा किया जाता है। इसमें भी 70 प्रतिशत से अधिक आने पर अगले चरण के लिए चुन लिया जाएगा। तीसरे चरण में राज्य स्तर की टीम मूल्यांकन करती है। इसमें भी 70 प्रतिशत से अधिक अंक मिलने पर पुरस्कार के लिए चुन लिया जाता है। सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा, नोडल अधिकारी डॉ वीरेंद्र सिंह ने चयनित स्वास्थ्य इकाइयों को बधाई देते हुए निर्देशित किया कि और बेहतर प्रयास करें और एनक्वास की तैयारियां करें।
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