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बीएसए के निरीक्षण में दो प्रधानाध्यापक मिले अनुपस्थित
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sat, 27 Feb 2016 10:55 PM IST
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नदीगांव ब्लाक के कुछ स्कूलों का बीएसए ने शुक्रवार कको औचक निरीक्षण किया।
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इस दौरान कहीं पर प्रधानाध्यापक नदारद मिले तो कहीं पंजीकृत बच्चों के
सापेक्ष उनकी संख्या कम मिली। वहीं मिडडे मील के रजिस्टर में भी
अनियमितताएं सामने आईं। बच्चे हिंदी विषय के सवालों के सही जवाब नहीं दे पाए। इस पर बीएसए ने शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाई। बीएसए ने लापरवाह अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। शुक्रवार को बीएसए
राजेश कुमार वर्मा ने नदीगांव ब्लाक के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसमें उन्हें प्राथमिक विद्यालय खक्कल के प्रधानाध्यापक बिना सूचना के 24 फरवरी से गैरहाजिर मिले। इसके अलावा विद्यालय में पंजीकृत 45 छात्र संख्या में
11 छात्र ही उपस्थित मिले। इतना ही नहीं मिडडे मील के रजिस्टर में 15 फरवरी से छात्रों की संख्या ही दर्ज नहीं की गई थी। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय खकसीस में पंजीकृत 120 छात्रों में 10 छात्र ही उपस्थित मिले। इसके अलावा
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सरला देवी ने छात्रों की कापी भी कई दिनों से चेक नहीं की थी। विद्यालय के बच्चे हिंदी की किताब भी ठीक से नहीं पढ़ पा रहे थे। मिडडे मील के रजिस्टर में फर्जी तरीके से 40 छात्र संख्या भरी गई थी।
प्राथमिक विद्यालय विरौरा के प्रधानाध्यापक अमित कुमार गैरहाजिर मिले। विद्यालय में पंजीकृत 32 छात्र संख्या में 8 बच्चे उपस्थित मिले बच्चों की कार्य पुस्तिकाएं खाली मिलीं। पूरे वर्ष बच्चों को कुछ भी लिखाया नहीं गया। ये स्थिति
तब है जब दो सप्ताह बाद परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। प्राथमिक विद्यालय तीतरा खलीलपुर में पंजीकृत 97 छात्र संख्या के सापेक्ष 33 छात्र उपस्थित मिले। बच्चों को सामान्य जानकारी के अलावा हिंदी,
दशमलव व भिन्न की भी जानकारी नहीं है। परिषदीय विद्यालय 9 बजे के हैं जबकि विद्यालय के पत्र व्यवहार में लिखा था कि सहायक अध्यापिका गायत्री देवी 08 बजकर 30 मिनट पर बैंक गईं हैं। जब बीएसए ने शुक्रवार को नदीगांव
ब्लाक का निरीक्षण किया तो परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता से लेकर शिक्षकों की उपस्थित की हकीकत सामने आ गई। बीएसए राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने बाले बच्चों के साथ पढ़ाई के प्रति किसी
प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। जिन विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी पाई गई और जो शिक्षक अनुपस्थित मिले उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अनियमितताएं सामने आईं। बच्चे हिंदी विषय के सवालों के सही जवाब नहीं दे पाए। इस पर बीएसए ने शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाई। बीएसए ने लापरवाह अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। शुक्रवार को बीएसए
राजेश कुमार वर्मा ने नदीगांव ब्लाक के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसमें उन्हें प्राथमिक विद्यालय खक्कल के प्रधानाध्यापक बिना सूचना के 24 फरवरी से गैरहाजिर मिले। इसके अलावा विद्यालय में पंजीकृत 45 छात्र संख्या में
11 छात्र ही उपस्थित मिले। इतना ही नहीं मिडडे मील के रजिस्टर में 15 फरवरी से छात्रों की संख्या ही दर्ज नहीं की गई थी। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय खकसीस में पंजीकृत 120 छात्रों में 10 छात्र ही उपस्थित मिले। इसके अलावा
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सरला देवी ने छात्रों की कापी भी कई दिनों से चेक नहीं की थी। विद्यालय के बच्चे हिंदी की किताब भी ठीक से नहीं पढ़ पा रहे थे। मिडडे मील के रजिस्टर में फर्जी तरीके से 40 छात्र संख्या भरी गई थी।
प्राथमिक विद्यालय विरौरा के प्रधानाध्यापक अमित कुमार गैरहाजिर मिले। विद्यालय में पंजीकृत 32 छात्र संख्या में 8 बच्चे उपस्थित मिले बच्चों की कार्य पुस्तिकाएं खाली मिलीं। पूरे वर्ष बच्चों को कुछ भी लिखाया नहीं गया। ये स्थिति
तब है जब दो सप्ताह बाद परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। प्राथमिक विद्यालय तीतरा खलीलपुर में पंजीकृत 97 छात्र संख्या के सापेक्ष 33 छात्र उपस्थित मिले। बच्चों को सामान्य जानकारी के अलावा हिंदी,
दशमलव व भिन्न की भी जानकारी नहीं है। परिषदीय विद्यालय 9 बजे के हैं जबकि विद्यालय के पत्र व्यवहार में लिखा था कि सहायक अध्यापिका गायत्री देवी 08 बजकर 30 मिनट पर बैंक गईं हैं। जब बीएसए ने शुक्रवार को नदीगांव
ब्लाक का निरीक्षण किया तो परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता से लेकर शिक्षकों की उपस्थित की हकीकत सामने आ गई। बीएसए राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने बाले बच्चों के साथ पढ़ाई के प्रति किसी
प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। जिन विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी पाई गई और जो शिक्षक अनुपस्थित मिले उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।