{"_id":"56feb8374f1c1b193df00108","slug":"black-day-constrained-sought-old-pension","type":"story","status":"publish","title_hn":"काला दिवस मनाकर मांगी पुरानी पेंशन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काला दिवस मनाकर मांगी पुरानी पेंशन
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 01 Apr 2016 11:34 PM IST
विज्ञापन
तहसील गेट पर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन करते शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग को लेकर अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री को संबोधित मांग पत्र डीएम संदीप कौर को सौंपा। इसके पहले मंच के पदाधिकारियों ने काला दिवस मनाया। इस दौरान काली पट्टी बांधकर तहसील गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय उपाध्यक्ष गिरेंद्र सिंह ने पुरानी पेंशन
योजना की अच्छाइयों और नई की खामियों की विस्तृत चर्चा की। इस दौरान कहा गया कि यदि जल्द ही सरकार ने इस मांग को पूरा न किया गया तो मई में लखनऊ में प्रदर्शन किया जाएगा। मंच के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2004 में नियुक्त शिक्षकाें, कर्मचारियों व अधिकारियों को बुढ़ापे में दी जाने वाली पुरानी पेंशन को समाप्त कर दिया गया है।
इससे संपूर्ण देश में 44 लाख युवा शिक्षकों, कर्मियों, अधिकारियों में रोष है। भारत के तीन राज्यों पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा व केरल में आज भी पुरानी पेंशन दी जा रही है। एक देश में दो विधान, यह कैसा न्याय है। मांग की गई कि पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए। तहसील गेट पर मंच के पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला संयोजक संपूर्णानंद ने
विज्ञापन
कहा कि पेंशन एक सरकारी कर्मचारी का मूलभूत अधिकार है, जिसे एक अप्रैल 2004 को कर्मचारियों से छीन लिया गया। शैक्षिक संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र राजपूत के अलावा प्रताप भानू ने कहा कि 12 वर्ष तक हमने बहुत सब्र कर लिया है। अब शिक्षक कर्मचारी चुप नहीं रहने वाले हैं। सिद्धार्थ ने कहा कि यदि जल्द ही मांग को पूरा न किया गया तो एक मई को
लखनऊ में विशाल प्रदर्शन किया जाएग। ज्ञापन देने वालों में जिला संयोजक संपूर्णानंद गौतम, उदयवीर निरंजन, सिद्धार्थ, उदयवीर सिंह ब्रजेश श्रीवास्तव, सुनील प्रकाश, विकास
श्रीवास्तव, विक्रम सिंह, शैलेंद्र कुमार, धीरेंद्र यादव, सुरेश प्रजापति, रवि राठौर, सौरभ खरे, सुरेश वर्मा, विकास गुप्ता, सुरेंद्र प्रताप, मनीष पालीवाल, चंद्रकेश राम, प्रदीप चौहान, मनोज, भारत यादव, रमाकांत व्यास, राकेश, नृपेंद्र, नवनीत श्रीवास्तव इत्यादि शामिल रहे।
शिक्षकों ने सीएम को भेजा ज्ञापन
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ व विशिष्ट बीटीसी शिक्षक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी सीएम को संबोधित ज्ञापन भेजा। शिक्षक संघ के अध्यक्ष मनीष पाल ने नेतृत्व में शिक्षकों ने अटेवा पेंशन बचाओ मंच का समर्थन करते हुए पुरानी पेंशन समाप्ति का विरोध किया। इस दौरान आलोक शर्मा, पंकज, अरविंद, सुनील, चंद्रकेश, जितेंद्र वर्मा, भानू, सूर्य
प्रताप, प्रदीप, विजय इत्यादि मौजूद रहे। वहीं, बीटीसी शिक्षक एसोसिएशन ने भी इसी समस्या को लेकर सीएम को मांग पत्र भेजा और कहा कि वर्ष 2004 में चयनित 40 हजार विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ प्रदान किए जाने की मांग उठाई। इस दौरान जिलाध्यक्ष रामअवतार राठौर, कोषाध्यक्ष जेपी नगवरिया, महामंत्री शादाब बेग आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
योजना की अच्छाइयों और नई की खामियों की विस्तृत चर्चा की। इस दौरान कहा गया कि यदि जल्द ही सरकार ने इस मांग को पूरा न किया गया तो मई में लखनऊ में प्रदर्शन किया जाएगा। मंच के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2004 में नियुक्त शिक्षकाें, कर्मचारियों व अधिकारियों को बुढ़ापे में दी जाने वाली पुरानी पेंशन को समाप्त कर दिया गया है।
विज्ञापन
इससे संपूर्ण देश में 44 लाख युवा शिक्षकों, कर्मियों, अधिकारियों में रोष है। भारत के तीन राज्यों पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा व केरल में आज भी पुरानी पेंशन दी जा रही है। एक देश में दो विधान, यह कैसा न्याय है। मांग की गई कि पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए। तहसील गेट पर मंच के पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला संयोजक संपूर्णानंद ने
विज्ञापन
कहा कि पेंशन एक सरकारी कर्मचारी का मूलभूत अधिकार है, जिसे एक अप्रैल 2004 को कर्मचारियों से छीन लिया गया। शैक्षिक संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र राजपूत के अलावा प्रताप भानू ने कहा कि 12 वर्ष तक हमने बहुत सब्र कर लिया है। अब शिक्षक कर्मचारी चुप नहीं रहने वाले हैं। सिद्धार्थ ने कहा कि यदि जल्द ही मांग को पूरा न किया गया तो एक मई को
लखनऊ में विशाल प्रदर्शन किया जाएग। ज्ञापन देने वालों में जिला संयोजक संपूर्णानंद गौतम, उदयवीर निरंजन, सिद्धार्थ, उदयवीर सिंह ब्रजेश श्रीवास्तव, सुनील प्रकाश, विकास
श्रीवास्तव, विक्रम सिंह, शैलेंद्र कुमार, धीरेंद्र यादव, सुरेश प्रजापति, रवि राठौर, सौरभ खरे, सुरेश वर्मा, विकास गुप्ता, सुरेंद्र प्रताप, मनीष पालीवाल, चंद्रकेश राम, प्रदीप चौहान, मनोज, भारत यादव, रमाकांत व्यास, राकेश, नृपेंद्र, नवनीत श्रीवास्तव इत्यादि शामिल रहे।
शिक्षकों ने सीएम को भेजा ज्ञापन
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ व विशिष्ट बीटीसी शिक्षक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी सीएम को संबोधित ज्ञापन भेजा। शिक्षक संघ के अध्यक्ष मनीष पाल ने नेतृत्व में शिक्षकों ने अटेवा पेंशन बचाओ मंच का समर्थन करते हुए पुरानी पेंशन समाप्ति का विरोध किया। इस दौरान आलोक शर्मा, पंकज, अरविंद, सुनील, चंद्रकेश, जितेंद्र वर्मा, भानू, सूर्य
प्रताप, प्रदीप, विजय इत्यादि मौजूद रहे। वहीं, बीटीसी शिक्षक एसोसिएशन ने भी इसी समस्या को लेकर सीएम को मांग पत्र भेजा और कहा कि वर्ष 2004 में चयनित 40 हजार विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ प्रदान किए जाने की मांग उठाई। इस दौरान जिलाध्यक्ष रामअवतार राठौर, कोषाध्यक्ष जेपी नगवरिया, महामंत्री शादाब बेग आदि मौजूद रहे।